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बागपत, हरयाणा: मां, पत्नी, बहू जीवन की सभी भूमिका बखूवी निभाकर IPS अफसर बन जाना एक बहुत ही गौरव की बात है। किसान की बेटी ऋचा बागपत हरयाणा की रहने वाली है, इसी 24 अगस्त को ऑल राउंड लेडी प्रोबेशनर के तौर पर 1973 IPS Batch Trophy जीतकर अपने नाम की है। उत्तर प्रदेश के गरीब किसान की बेटी और ढाई साल के बच्चे की मां ऋचा तोमर की स्टोरी किसी मूवी से कम नहीं है।
जिसमें एक लड़की माँ, पत्नी,बहू और बेटी की भूमिका निभाते हुए अपना लक्ष्य को हासिल कर लेती है। अपने लक्ष्य को प्राप्त करने वाली ऋचा की हर तरफ उनकी तारीफ हो रही है। शनिवार 24 अगस्त को सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी से 92 भारतीय पुलिस सेवा प्रोबेशनर्स पास होकर आगे बढे हैं। पासिंग आउट परेड के दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अकादमी परिसर में 70 वीं परेड की सलामी में शामिल हुए।
इस परेड में किसान की बेटी ऋचा तोमर को सर्वश्रेष्ठ ऑल-राउंड महिला प्रोबेशनर के लिए 1973 IPS Batch Trophy दी गई। ये ट्राफी उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदान की है। उत्तर प्रदेश के एक किसान की बेटी ऋचा तोमर को राजस्थान क्षेत्र एलॉट किया गया है।
जानकारी के मुताविक ढाई साल के बेटे की मां ऋचा अपने घर में छह भाई-बहनों में से चौथे नंबर की बहन हैं। उनके घर में पांच बहनें और एक छोटा भाई है। ऋचा के पति दिल्ली में असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस हैं।
उत्तरप्रदेश में ऋचा तोमर के पिता राजेंद्र पाल सिंह साढ़े चार एकड़ के किसान हैं। उन्होंने कभी हार नही मानी अपनी बेटियों को शिक्षित करने के लिए हर मुसिबत से लड़कर अपनी बेटियों को शिक्षित बनाया। उन्होंने हर विपरीत स्थिति में भी अपनी पांचों बेटियों को उच्च शिक्षा प्रदान करवाई। उनकी पांच बेटियों में ऋचा चौथे नंबर की बेटी हैं।
ऋचा के पिता राजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि बेटे की ललक में भले ही पांच बेटियां हों, लेकिन मैंने कभी भी बेटियों के पालन पोषण में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं छोड़ी। मेरी पांचों बेटियां पोस्ट ग्रेजुएशन के साथ-साथ PHD, BED या अन्य तकनीकी डिग्रियां हासिल कर चुकी हैं।
Ms. Richa Tomar, IPS(P) of 70RR, borne on Rajasthan cadre, won the 1973 batch IPS Officers’ Trophy for the best all-round lady IPS probationer. pic.twitter.com/X4WjEZR3Jy
— SVPNPA (@svpnpahyd) August 24, 2019
ऋचा के पिता का कहना हैं कि मैं ईश्वर पर बहुत विश्वास करता हूं, मैंने हमेशा उस पर भरोसा रखते हुए बेटियों को आगे बढ़ाकर शिक्षित करने की सोची। एक ऐसा समय था जब कोई दूसरा व्यक्ति सुनता था कि मेरे पांच बेटियां हैं तो वो मेरी ताकत बंधाने लगता था, लेकिन मुझे अपनी बेटियों पर विश्वास था, मुझे हमेशा यही लगा कि मैं अपनी बेटियों को ऐसा बनाऊंगा कि वो अपने आप को किसी से कम न समझें।
Ms. Richa Tomar, IPS(P) of 70RR commanded the platoon no.3 of the Dikshant parade. She is borne on Rajasthan cadre. pic.twitter.com/bxO2auidlj
— SVPNPA (@svpnpahyd) August 24, 2019
ऋचा ने अपनी पूरी शिक्षा बागपत शहर से ही की है। ऋचा के पिता राजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि ऋचा ने साल 2016 में UPSC परीक्षा पास की थी। IPS में चयन के बाद उनके सामने ये स्थिति थी कि माँ बन गई थी वो तीन माह के छोटे बच्चे को छोड़कर प्रशिक्षण पर नहीं जा सकती थीं। लेकिन एक साल बाद जब वो 2017 में एकेडमी जॉइन की तो सबसे सवश्रेष्ठ कर दिखाया।
ऋचा के पिता राजेंद्र कहते हैं कि ऋचा के बच्चे को उसके दादी-दादा ने पालन पोषण किया। उनका कहना है कि भारतीय पुलिस सेवा पोस्टिंग होने के बाद ऋचा चाहती है कि वो ऐसा काम करें कि लड़कियों और महिलाओं से जुड़े सभी अपराध का खत्मा कर सही दिशा में सहायता कर सकूं।



