
Jabalpur: दुनिया के अंदर काफी कुछ ऐसा है, जो देखने में मजा तो आता है, परंतु समझ नहीं आता की वो वास्तव में क्या चीज़ है और किस चीज़ के काम आता है। दोस्तों आप लोगो ने देखा होगा की किसी कारखाने की छत पर कुछ गोल गुममंदनुमा लगातार मंद गति से घूमता रहता है, हम उसे जानने की काफी कोशिश करते है। परंतु सही जानकारी हमें नहीं मिल पाती।
आज हम इस पोस्ट के माध्यम से जानेंगे की वो क्या चीज़ है और किस चीज़ के काम आती है, तो चलाये जानते है। अक्सर आपने देखा होगा कि कल कारखानों के ऊपर तरफ छोटे छोटे गुंबद (Small Dome) की तरह कुछ नजर आता है, जो निरंतर अपनी जगह पर गोल गोल घूमता रहता है।
आप भी जान लीजिये कारखानों की छतों पर लगे गोल गोल गुंबद (Round Dome) आकार के उपकरण को स्टेनलेस स्टील से बनाया जाता है। जब उस संरचना पर सूर्य का प्रकाश पड़ता है, तो वह काफी ज्यादा चमकदार दिखाई पड़ता है। क्या आप जानते है की यह करखानो में क्यों बनाई जाती है और इसका क्या उपयोग है।
कारखाने की छत पर लगी इस संरचना का विवरण
कारखानों की छतों पर रोटेट हो रहे उस गुममंदनुमा संरचना को टर्बो वेंटिलेटर (Turbo Ventilator) नाम दिया है। इसके अलावा भी इसके काफी सारे नाम है, जो इस प्रकार है Air ventilator, Turbine Ventilator, Roof extractor आदि लोग इसे इन नामो से भी पुकारते है।
पहले टर्बो वेंटीलेटर का इस्तेमाल केवल कारखानों की छतों पर होता था, परंतु अब इस टर्बाइन का इस्तेमाल बहुत सी जगहों पर होने लगा है, यह हर जगह उपयोगी हो गई है।
टर्बो वेंटिलेटर का इस्तेमाल अब हर जगह होने लगा
जैसा की हमने आपको बताया कि इसका इस्तेमाल अब हर जगह हो रहा है, इसलिए आप इसे किसी भी रेलवे स्टेशन पर भी देख सकते है। अब इसका उपयोग रेलवे स्टेशन (Railway Station) पर भी हो रहा है, इसलिए आप इसे बड़ी ही सरलता से भारत के किसी भी स्टेशन पर देख सकते है।
इतना जानने के बाद अब आपके मन में यह भी आ रहा होगा की इस टर्बो वेंटिलेटर का उपयोग क्या है, जो इतने बड़े स्तर पर उपयोग हो रही है। तो चलिये हम आपको बताते है, टर्बो वेंटिलेटर एक पंखे की तरह होता है, जो धीमी गति से निरंतर चलते रहता है। इसके इस्तेमाल की वजह है कि कारखानों या परिसरों के अंदर गर्म हवाओं का एकत्रित होना है, जो अक्सर छतो पर होती है, उसे वही से बाहर निकलने के लिए वेंटीलेटर बनाया गया है।
कारखानों से गर्म हवा निकालने के काम आती है
आप जानते होने की गर्म वायु काफी हल्की होती है और उसका जमाव भी ऊपर की तरफ होता है। इसलिए Turbo Ventilator के माध्यम से उसे बाहर निकाला जाता है। जब परिसर की गर्म हवाये बाहर निकल जाती है, तो ताजी व स्वच्छ हवा खिड़की और दरवाजे के रास्ते से अंदर दाखिल होती है और लंबे समय तक रहती है।
स्वच्छ और ताजी हवा से कारखानों में काम कर रहे कर्मचारी को काफी ज्यादा सुकून मिलता है और वे अच्छी तरह काम कर पाते है। टर्बो वेंटिलेटर गर्म हवाओं के साथ कमरे में उत्पन्न दुर्गंध को भी गर्म हवाओं के साथ बाहर कर देती है। मानसूनी मौसम में भी यह काफी फायदेमंद साबित होती है।
इसको चलाने में बिजली का इस्तेमाल नहीं होता
अब आप सोच रहे होंगे की इसका उपयोग तो काफी अच्छा है, परंतु यह चलता कैसे होगा। क्या यह बिजली से चलता है या फिर हाथो की मदद से तो आपको बता दें की यह उपकरण किसी बिजली से नहीं चलता और ना ही हाथों से और ना ही इसको चलाने में किसी और उपकरण की जरुरत होती है।
हम पहले से जानते है कि गर्म हवा का जमाव ऊपर की तरफ होता है और यह ऊपर जाकर वेंटिलेटर के टरबाइन में जम जाती है। उस हवा के कारण वेंटिलेटर का ब्लेट विपरीत दिशा में घूमने लगता है।
बाहर चल रही हवाये वेंटीलेटर को और तेजी से घुमाती है। जिससे धीरे धीरे गर्म हवाये बाहर आने लगती है और खिड़की दरवाजे से ताजी हवा घर के अंदर आ जाती है, जिससे कारखाने या रेलवे स्टेशनों पर काम कर रहे कर्मचारियों को काफी लाभ मिलता है।



