भारत के रिटायर्ड 66 साल के DSP को उम्र नहीं रोक पाई, विदेश में इस खेल में जीता गोल्ड मैडल

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Retired DSP Jagdish Singh
Indian Retired DSP Jagdish Singh of Meerut won gold medal. Jagdish Singh 66 won gold medal in World Police and Fire Games.

Meerut: उम्र सिर्फ एक नंबर होता है। अगर हौंसले हो तो किसी भी उम्र में व्‍यक्‍ति सफलता की ऊँचाइयों को छू सकता है। अगर जूनून दिल मे है, तो आपकी उम्र हौसले की उड़ान में बाधा नहीं बन पाती। बहुत से लोगों ने इस बात पर मुहर भी लगा दी है।

सफलता के लिए सिर्फ दृढ निश्‍चय, जुनून और सिर्फ कड़ी मेहनत की आवश्‍यकता होती है। यही जुनून, जज्‍बा और निश्‍चय 66 साल के रिटायर डीएसपी जगदीश सिंह (Retied DSP Jagdish Singh) में है। भले ही वह अपनी सर्विस से रिटायर हो चुके है लेकिन जीवन की सर्विस से वह आज तक रिटायर नहीं हुए। इस उम्र में भी उनमें वह जज्‍बा है कि वह देश के लिए गोल्‍ड मेडल जीतकर लेकर आ सकते है।

66 की उम्र में रिटायर डीएसपी ने जीता गोल्‍ड

अपने जज्‍बे को उन्‍होंने प्रूफ भी कर दिया है। जगदीश सिंह (Jagdish Singh) ने नीदरलैंण्‍ड में आयोजित हो रहे 22 से 23 जुलाई के पुलिस फायर गेम्‍स में 10 किलोमीटर की दौड़ में देश के लिए गोल्‍ड मेडल जीत लिया है। जगदीश सिंह इस प्रतियोगिता में 60 वर्ष की अधिक उम्र के अंतर्गत भाग लेने वाले एकलौते इंडियन एथलीट थे।

इस उम्र में अगर कोई और होता तो शायद मेहनत करना छोड़कर अपने जीवन के अंतिम दिनों का इंतजार करते हुए सारा जीवन व्‍यतीत कर देता। किेंतु जगदीश सिंह ने इस उम्र में जज्‍बा दिखाते हुए देश के लिए गोल्‍ड मेडल जीता और देश का नाम रौशन करने में सफलता हासिल की।

नीदरलैंड में आयोजित प‍ुलिस फायर गेम्‍स में जीता पदक

जगदीश सिंह यूपी (Uttar Pradesh) के कंकरखेड़ा में श्रद्धापुरी इलाके से ताल्‍लुक रखते है। उन्‍होंने नीदरलैंड में आयोजित पुलिस फायर गेम्‍स (World Police and Fire Games) में भाग लिया है। इस गेम में पूरे विश्‍व के कई प्रतिभागी भाग ले रहे है।

इसी प्रतियोगिता में जगदीश सिंह 65 साल से अधिक के 10 किलोमीटर दौड़ में पार्टिसिपेट किये। नीदरलैंड की इस प्रतियोगिता में देश के लिए जगदीश सिंह ने गोल्‍ड मेडल जीता। हालांकि जगदीश सिंह जी का यह पहला गोल्‍ड मेडल (Gold Medal) नहीं है।

पहले भी पूर्व डीएसपी जीत चुके है कई पदक

जगदीश सिंह के बेटे जिनका नाम अंकित है। उन्‍होंने अपने पिता जी के पुराने अचीवमेंट के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि जगदीश सिंह जी ने 2017 में डब्‍ल्‍यूएफपीजी यूएसए के लॉस एंजिल्‍स में आयोजित प्रतियोगिता में भी कांस्‍य पदक जीता था। वही चीन में होने वाले डब्‍ल्‍यूपीएफजी 2019 प्रतियोगिता में भले ही वह मेडल ना जीत पाये हो लेकिन वह चौथे स्‍थान पर रहे थे।

देश के पहले एथलीट जिन्‍होंने बनाया रिकॉर्ड

हाल ही की जाये तो उनके घुटने में चोट थी। इसके बावजूद भी वह फिट इंडिया कार्यक्रम को आगे बढा़ने के उदेश्‍य से खेलों इंडिया में पार्टिसिपेट किए थे। इसी में उन्‍होंने 55 मिनट का समय लेते हुए दौ़ड कंपलीट किए और स्‍वर्ण पदक भी हासिल किया।

आपको बता दे कि जगदीश सिंह पुलिस विभाग के ऐसे पहले एथलीट है, जिन्‍होंने इस उम्र में इस तरह का रिकॉर्ड बनाया है। आपको बता दे किे जगदीश सिंह जी बैडमिटन भी खेलते है। जिसका वह प्रतिदिन अभ्‍यास भी करते है।

राष्‍ट्रपति पदक से हो चुके है सम्‍मानित

आपको बता दे कि जगदीश सिंह अपने जीवन के 36 साल पुलिस विभाग को देने के बाद डीएसपी के पद से 2016 को रिटायर हुए थे। इस समय वह मुजफ्फरपुर में अपनी सर्विस दे रहे थे। अपनी सेवा के दौरान उन्‍हें 2001 में राष्‍ट्रपति पदक भी दिया जा चुका है।

जगदीश सिंह ने इस पदक को जीतकर जो देश का मान बढ़ाया है। इसके लिए वह बधाई के पात्र है। हालांकि वह इतने में ही नहीं रूकने वाले है। वह चाहते हे आगे होने वाली क्रॉस कंट्री में वह इसी जूनून के साथ दोड़े और इसी प्रकार देश के लिए स्‍वर्ण जीते। आगे वह और भी सफलता हासिल करना चाहते है। उनकी इस जीत पर उनके परिवार वाले फोन कर उन्‍हें बधाई दे रहे है।

बैडमिंटन मे भी जीत चुके है मेडल

जगदीश सिंह के बेटे अंकित अपने पिता की सफलता का बखान करते हुए कहते है, कि जब उनके पिताजी की तैनाती यूपी पुलिस में थी। उस समय वह बैडमिंटन खेलते थे। उस समय उन्‍होंने बैडमिंटन में नेशनल लेवल पर मेडल जीते थे। परन्‍तु उत्‍तरप्रदेश की सरकार ने उन्‍हें यूपी से बाहर जाने की परमिशन नहीं दी थी। जिस वजह से वह दूसरे देश नहीं जा पाये।

जिसके बाद जगदीश ने डिसाइड किया कि वह सेवानिवृत्‍त होने के बाद अपने सपने को पूरा करेंगे। रिटायरमेंट के बाद जगदीश सिंह दूसरे देश में होने वाली प्रतियोगिता में भाग लेने लगे। आज की बात करें, तो वह इस लेवल पर है, कि वह सिर्फ उत्‍तरप्रदेश राज्‍य नहीं पूरे देश का नाम रौशन कर रहे है।

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