अच्छी नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी की, बिना कोचिंग के 4वीं रैंक लाकर IAS बने, दादा का सपना पूरा किया

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IAS Shreyans Kumat
Success Story of IAS Topper Shreyans Kumat in Hindi. Shreyans Kumat cracked UPSC in his first attempt with AIR Rank 4 and became IAS Officer.

Bhopal: आज हम आपको IAS अधिकारी श्रेयांस कुमट (IAS Shreyans Kumat) की कहानी बताने जा रहे हैं, जो एक सामान्य परिवार से आते हैं। सीमित सुविधाओं और संसाधनों में ही अपनी योग्यता और मेहनत की दम पर उन्होंने आईआईटी से पढ़ाई पूरी की और उसके बाद यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने का मन बना लिया।

उन्होंने UPSC परीक्षा के अपने पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त करने के साथ साथ अच्छी खासी रैंक भी हासिल की और टॉपर बन गए। उन्होंने इस सफलता को पाकर अपने परिवार का नाम भी रोशन किया। अगर किसी मंजिल को पाने की राह को सच्ची लगन और सही मेहनत से तय किया जाये, तो कामयाबी जरूर मिल जाती है। यह श्रेयांस कुमट ने साबित कर दिया है।

राजस्थान के अजमेर शहर से आने वाले श्रेयांस कुमट एक एक मिडिल क्लास फॅमिली के बेटे हैं। उनकी प्रारंभिक पढ़ाई अजमेर से हुई। वो बचपन से ही पढ़ाई में बहुत अच्छे रहे थे। उनके पिता का कहना था कि जब श्रेयांस ने पढ़ाई की शुरुआत की थी, तभी उनके शिक्षकों ने उनकी योग्यता को देखते हुए उन्हें एक क्लास छोड़ने की अनुमति दे दी थी। इसके बाद उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में भी अच्छे अंक लाये थे।

IIT में चयनित हुए और पढ़ाई की

अपनी स्कूल की पढाई पूरी करने के बाद उन्होंने आईआईटी मुंबई (IIT Mumbai) से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर ली। उनके बाद एक बड़ी कंपनी में उनका चयन हो गया। वहां 2 सालों तक नौकरी करने के बाद उन्हें कुछ और अच्छा करना था।

श्रेयांस ने एक अख़बार को बताया की वे यूपीएससी की तैयारी नहीं करना चाहते थे। परन्तु उनके दादा जी की इच्छा थी कि उनका पोता आईएएस अफसर बनकर उनके परिवार का नाम रोशन कर दे। ऐसे में अपने दादा का सपना पूरा करने के लिए उन्होंने अपनी अच्छी खासी नौकरी छोड़कर UPSC Exam की तैयारी चालू कर दी थी।

इंटरनेट, अख़बार और जरूरी व सीमित किताबों की मदत ली

श्रेयांस कुमट हिंदी अख़बार को बताते है कि यूपीएससी परीक्षा में आने के लिए उन्होंने विचार किया। फिर जॉब भी छोड़ी और तैयारी में लग गए। अपनी तैयारी के बारे वो बताते हैं कि उन्होंने किसी भी तरह से कोचिंग की सहायता नहीं ली थी। उन्होंने अपनी पूरी तैयारी इंटरनेट, जरूरी और सीमित किताबों और कुछ खास नोट्स की सहायता से की थी। इसके लिए उन्होंने सिलेबस पर रिसर्च करके यूपीएससी पैटर्न को अच्छी तरह समझा और स्टडी मटेरियल तैयार किया।

तैयारी के लिए एनसीआरटी की किताबों को भी अच्छे से पढ़ा। करंट अफेयर्स, जनरल नॉलेज और रोज की खबर के लिए न्यूजपेपर पढ़ना शुरू कर दिया। जब UPSC परीक्षाएं पास आई, तो उन्होंने निरंतर 8-10 घंटों की पढ़ाई शुरू की। पढ़ी हुई चीज़ों को रिवीजन भी करते रहे और मॉक टेस्ट भी खूब सॉल्व किये।

UPSC परीक्षा में 4th रैंक हासिल की

श्रेयांस ने साल 2018 में अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में 4th रैंक हासिल कर ली। UPSC परीक्षा का टोपर होना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। वे कई लोगो के किये प्रेरणा बने। उनकी इस सफलता (Success) से उनके दादा जी और माता पिता भी बहुत प्रसन्न हुए।

उनकी इस सफलता में सबसे बड़ी बात यह रही की उन्होंने किसी भी तरह से कोचिंग की मदत नहीं ली और ना कभी कोचिंग (UPSC Crack Without Coaching Classes) गए। सब कुछ सेल्फ स्टडी से किया। उन्हें मध्य प्रदेश कैडर मिला और वे IAS अधिकारी बने। उन्हें भारत के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम बहुत पसंद है और उनके आदर्श भी है। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट से कलाम साहब के कथन नहीं साँझा किये हैं।

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