गरीब सब्जी वाले का बेटा IAS अफसर बना, बेटे की UPSC में 8वीं रैंक सुनकर माता-पिता भावुक हुये

0
1581
Sharan Kamble IAS Story
Solapur labor Gopinath son Sharan Kamble IAS success story in Hindi. Maharashtra Farmer's Son Sharan Kamble Bags 8th Rank In UPSC Exam.

Photo Credits: Twitter Posts

Solapur: जब एक गरीब किसान या मज़दूर के बच्चे बड़ी कठिनाई से पढ़ लिख कर कुछ बन जाते हैं, तो उनके पूरी परिवार और सभी सदस्यों के कई कष्ट अपने आप दूर हो जाते है। महाराष्ट्र के सोलापुर (Solapur) में खेत में मजदूरी करके आपने परिवार का लालन पालन करने वाले के बेटे ने अध्भुत सफलता पाकर कामयाबी की नई मिसाल पेश की है।

शरण कांबले (Sharan Kamble) ने सिविल सर्विस की UPSC परीक्षा को क्रैक करके पूरे देश में 8 वां स्थान हासिल किया है। इनके इस रिजल्ट से उनके परिवार वाले बहुत खुश हैं। गांव में सभी ने जश्न मनाया। सफलता का रिजल्ट आने के बाद से गांव के लोगों ने शरण का स्वागत किया और जुलूस निकाला। एक चैनल को शरण ने अपने संघर्ष और सफलता के बारे में विस्तार से बताया।

सिविल सर्विस परीक्षा के टॉपर शरण (IAS Sharan Kamble) ने बताया कि उनका घर की आर्थिक स्थिति कभी भी अच्छी नहीं रही। उनके माता-पिता बड़ी मुश्किल से घऱ चला पाते हैं। उन लोगो को कई दिनों तक भूखें भी रहना पड़ा हैं। शरण ने कहा कि उनको बचपन से ही पढ़ने लिखने का बहुत शौक रहा था।

उनके माता-पिता ने उन्हें अच्छी शिक्षा दिलाने का मन बनाया। उनकी पढ़ाई का खर्चा निकालने के लिए माता ने सब्जी बेचना शुरू किया। उनके बेटे को पढ़ाई में कोई भी दिक्कत ना आये, इनके लिए उन्होंने बहुत जातां किये। पढाई के बाद शरण ने दिल्ली का रुख किया।

शरण के माता-पिता गांव में दूसरे के खेत में मज़दूरी करते और अपने बेटे के लिए बहुत जतन करते। सभी मुश्किलों को झेलकर उन्होंने अपने बेटे को पढ़ाया और जितनी हो सके, उतनी मेहनत की। शरण के पिता (Solapur Farmer Gopinath) ने एक पत्रकार को बताया की उन्हें नहीं पता कि बेटा कितना और क्या पढ़ा है।

उन्हें इतना पता था की उनका बेटा एक मास्टर बन गया है। उनका मानता है कि शिक्षा के दम पर बेटे ने कड़ी मेहनत से सब कुछ पा लिया है। शरण की इस सफलता से माता पिता के अलावा गांव के लोगों को की उनपर गर्व हैं।

शरण के IAS अधिकारी बनने की खबर लगते ही माता पिता बहुत भावुक हो गए थे। उन्हें बताया गया की उनका बेटा सबसे बड़ा अफसर बन रहा है। उनके सपने साकार हो चुके थे। आज खेत की माटी में पला बढ़ा बच्चा बड़ा अधिकारी बन गया था। उनकी मेहनत रंग आई और अब उनके सभी कष्ट दूर हो गए।

गाँव के लोगो ने बच्चे को कंधे पर बैठाकर पूरे गांव में जुलूस निकाला। इतना सम्मान पाकर और यह नज़ारा देखकर माता पिता अपने आंसू नहीं रोक पाए। आज पूरे गाँव के लिए शरण प्रेरणास्त्रोत और मिसाल बन गए है। अब दूसरे बच्चे भी शरण भैया जैसा बनना चाहते हैं। एक की कामयाबी दूसरे के लिए प्रेरणा (Inspiration) बन जाये, इससे अच्छा कुछ नहीं है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here