मात्र 22 साल की इस बिटिया ने अपने पहले ही प्रयास में UPSC क्रैक कर टॉप किया, पूरी स्ट्रैटजी भी बताई

0
909
Muskan Jindal UPSC
Solan’s daughter Muskan Jindal clears UPSC exam giving tips. IFS officer Muskan Jindal who secured AIR 87 in UPSC in her first attempt.

Baddi, Himachal Pradesh: जब कोई बच्चा यह कहे की वह बड़ा होकर अफसर बनना चाहता है, तो समझ लीजिये की वह IAS-IPS अधिकारी बनने के सपने देख रहा है। हर अभ्यार्थी का सपना होता है की वह UPSC एग्जाम क्रैक करके अफसर बने। इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करना बहुत बड़ी बात है।

ऐसा बहुत ही कम होता है की कोई अपने पहले ही प्रयास में इस परीक्षा को पास (UPSC Exam Crack) कर करें और टॉप भी कर ले। कुछ ऐसा ही काम एक बेटी ने कर दिखाया है। सफलता हासिल करने वाली इस बेटी का नाम मुस्कान जिंदल (Muskan Jindal) है। हिमाचल के जिला सोलन (Solan) के बद्दी (Baddi) से मुस्कान जिंदल ने साल 2019 की संघ लोक सेवा आयोग की सिवि‍ल सेवा परीक्षा UPSC उत्‍तीर्ण कर पूरे देश में 87वां रैंक (87th rank in UPSC) हासिल किया।

मुस्कान जिंदल के पिता पवन जिंदल बद्दी में ही हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं। मुस्कान की माता ज्योति जिंदल गृहणी हैं। मुस्कान की दो बहनें और एक भाई है। मुस्कान का शुरू से ही अफसर बनने का सपना था, इसलिए उन्होंने अपनी पढ़ाई में कोई कमी नहीं रखी। जिससे उन्हें आगे चलकर फायदा भी हुआ।

आपको बता दें की 10वीं और 12वीं कक्षा में उन्होंने 96 फ़ीसद नंबर लेकर स्कूल में टॉप किया था। शुरुआती पढ़ाई सोलन के बिद्दी से हुई, यहाँ 12th क्लास तक पढ़ने के बाद उन्होंने एसडी कॉलेज चंडीगढ़ से बी कॉम ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की। इस दौरान भी टाइम निकालकर 4 से 5 घंटे यूपीएससी परीक्षा की तैयारी किया करती थी।

कॉलेज की पढाई ने बाद उन्होंने एक साल का ब्रेक लिया और दिन-रात UPSC की तैराई में लग गई। मुस्कान ने अपनी UPSC की स्ट्रेटजी (UPSC Preparation Strategy) एक हिंदी अख़बार के पत्रकार को बताई है। मुस्कान के मुताबिक़ जब यूपीएससी की तैयारी शुरू की तब उन्हें थोड़ी कठिनाई हुई। कई लोग कई सालों से तैयारी कर थे, उनकी तुलना में तो वे बहुत पीछे थी।

उन्होंने हमेशा खुद पर भरोसा रखा और यह माना कि किसी और से क्या तुलना करना, बस खुद पर भरोसा रखो। उन्होंने ऐसा सिच भी लिया था की वे पहली बार में यह परीक्षा क्रैक कर सकती हैं। उनका कहना है की नंबर ऑफ रिर्सोस सीमित रखें पर उन्हें बार-बार रिवाइज करते रहें।

उन्होंने अपनी सफलता का क्रेडिट रिवीजन को दिया हैं। लिमिटेड बुक्स और सेलेबस को बार-बार पढ़ती रही। जब UPSC प्री में सिर्फ दो महीने रह गए, तो इस टाइम केवल प्री के सेलेबस की बधाई और रिवीजन किया। मुस्कान लगातार अख़बार भी पढ़ती रही। करेंट अफेयर्स के लिए वे ऑनलाइन स्टडी मटेरियल इंटरनेट से पढ़ती रही। फैक्ट्स पेपर्स भी सॉल्व किये, जिससे काफी प्रैक्टिस हो गई।

मुस्कान बताती है कि इस परीक्षा की तैयारी के लिए कंसीसटेंसी बहुत महत्वपूर्ण है। कभी भी मन में निगेटिव ख्याल न आने दें। ऐसा कोई काम ना करें, जिससे पढाई में मन ना लगे। जान निराशा मन में आये, तो अपनी हॉबीज पर ध्यान दें। ये ब्रेक मन को रिफ्रेश कर देता है।

उन्होंने एनसीईआरटी की किताबें कई बार पढ़ी। उसके भी बाद टेस्ट पेपर सॉल्व किये। इसमें आंसर्स की पड़ताल करती और गलतियों को सुधारती रहती। ऐसे करके एक महीने में वे सब कुछ सीख चुकी थीं।

अक्सर लोग राये देते हैं की UPSC की तैयारी के दौरान फोन या सोशल मीडिया से दूर हो जाना चाहिए। मुस्कान ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने बताया की मैंने अपनी पूरी तैयारी के दौरान फोन अपने पास रखा। खुद में सेल्फ कंट्रोल होना चाहिए कि जब तक जरूरी न हो, वह फोन को न इस्तेमाल करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here