एक बिहारी की सफलता की कहानी, पापा के भेजे 3200 रुपये में मुझे पापा की तस्वीर दिखती थी: शुभम

0
1476
Shubham Kumar UPSC
Friends and family of Shubham Kumar celebrate after he secured AIR 1 in UPSC Civil Services Examination 2020. Shubham Kumar Success Story.

Patna: यूपीएससी के परिणाम में एक बार फिर से बिहार के लाल ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है कि बिहारियों में कितनी ताकत है। कटिहार के रहने वाले शुभम कुमार की कामयाबी पर हर किसी गर्व महसूस कर रहा है। जब यह बात शुभम के पिता देवानंद सिंह को पता चली की उनके बेटे ने बिहारियों की शान ओर ऊंची कर दी है।

UPSC में टॉप करके तो पिता भावुक हो उठे और कहा कि मुझे जैसे ही शुभम (UPSC Topper Shubham Kumar) ने फोन किया कि मैं यूपीएससी में टॉपर आया हूं मुझे भरोसा ही नहीं हुआ फिर दुबारा जब बोला हां पापा मैं टॉपर बना हूं, तब मैंने विश्वास हुआ कि ये सपना नही सच है क्योंकि उस वक्त मैं बैंक बन्द कर सीढ़ी से नीचे उतर ही रहा था।

यूपीएससी (UPSC) परीक्षा के लिए मानव शास्त्र (Anthropology) को वैकल्पिक विषय के रूप में चयन किया शुभम कुमार का कहना है कि वे ग्रामीण इलाकों में वंचित लोगों के लिए काम करना पसंद करेंगे। यूपीएससी टॉपर शुभम कुमार ने अपनी परीक्षा की तैयारी को साझा करते हुए कहा कि। उन्होंने वर्ष 2018 में यूपीएससी की तैयारी प्रारंभ की थी।

उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी का वक़्त काफी कठिनाइयों भरा दौर था, लेकिन उन्होंने तय कर लिया था कि तैयारी करना है, तो करना है। संघ लोक सेवा आयोग मे प्रथम स्थान प्राप्त किये शुभम कुमार (Shubham Kumar) कटिहार निवासी हैं उनके पिता देवानंद सिंह (Devendra Singh) बिहार ग्रामीण बैंक मे मैनेजर हैं और उनकी माँ पूनम देवी (Poonam Devi) ग्रहणी है।

विद्या विहार आवासीय विद्यालय (Vidya Vihar Residential School) में 2020 के यूपीएससी टॉपर शुभम कुमार ने स्कूल से जुड़ी कई यादें व अपनी कामयाबी के किस्से अपने जूनियर्स को सुनाते हुए कहा कि इस परिणाम ने उनका पूरा जीवन बदल दिया। मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि मैं यूपीएससी टॉप कर गया हूं।

मेरा हमेशा खुद से कंपटीशन रहा

शुभम ने स्कूल के दिनों को स्मरण करते हुए कहा कि क्लास 6th में मेरी रैंक 35-40 के बीच रहती थी। उस वक़्त के निशांत टॉपर हुए। कक्षा 7 ए में कुछ समस्या हुई, मैं अध्ययन अच्छी तरीके से नहीं कर पाया।

इसके बाद मैंने छोटी-छोटी प्लानिंग करना प्रारंभ कर दिया। इसके बाद 33 रैंक आया। इसके पश्चात मैंने सोचा की मुझे अपने आप से बेहतर करना है। अपने से प्रतियोगिता रखना है, इसके बाद मेरी रैंकिग सुधरने लगी।

कामयाबी के बाद जीवन में बदलाव

शुभम ने बताया कि 2020 यूपीएससी की परीक्षा खत्म होते ही मैं फिर से प्रीलिम्स की तैयारी में जुट गया था। पापा को कहा कि सायद मुझे आईएएस नहीं मिले पर परिणाम आने के बाद मुझे भरोसा नहीं हुआ कि मैं टॉप कर गया.मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा कि मैं टॉपर हूं, कामयाब होने के बाद जीवन में काफी परिवर्तन आया है। आप रातों रात लोकप्रिय हो जाते हैं। कई बड़े-बड़े नेता जो आपको नहीं जानते हैं वह भी आपको फोन करते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here