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Jabalpur: कभी कभी एक छोटा सा काम बहुत बड़ा व्यापार बन जाता है। ऐसे में हम आपको ऐसी कहानी बताने जा रहें। जो आपको हैरान कर देगी। एक पिता ने अपनी बेटी की याद में एक ऐसा बिज़नेस शुरू किया। जो धीरे-धीरे बहुत बड़ा बन गया। इस तरह से उसकी बेटी की तस्वीर घर-घर पहुँच गई और वह बिज़नेसमैन भी करोड़पति बन गया। करोड़पति बनना हर किसी का सपना होता है और वह इस तरह सच होगा, यह कोई नहीं जानता।
साल 1969 में गुजरात के करसन भाई (Karsan Bhai Patel) ने निरमा वॉशिंग पाउडर की शुरुआत की थी। करसन भाई की एक बेटी थी, जिससे वे बहुत प्यार करते थे। वैसे तो उनकी बेटी का नाम निरूपमा था, लेकिन प्यार से वे अपनी बिटिया को निरमा कहकर पुकारते थे। हर एक पिता की तरह करसन भाई भी अपनी बेटी को आंखों से ओझल नहीं होने देते थे, लेकिन दुर्भाग्य को कोई नहीं बदल सकता है।
एक दिन कहीं जाने के दौरान निरुपमा (Nirupama) का एक्सीडेंट हो गया और उसका स्वर्गवास हो गया। इस घटना से करसन भाई इस कदर निराश हो गए कि उन्हें संभालना मुश्किल हो गया था। वे हमेशा से ही इस बात का सपना देखा रखते थे कि उनकी निरमा (Nirma) बड़ी होकर खूब नाम कमाए, लेकिन असमय बेटी के इस दुनिया से चले जाने से उनका यह ख्वाब पूरा नहीं हो सका, लेकिन वो इस बात को ठान चुके थे कि निरमा को वो अमर कर देंगे।
Nirma Powder Motivation story in Gujarati | નિરમા પાવડર ની મોટિવેશન સ્ટોરી ગુજરાતી મા ||
In this video i am showing how to make Nirma company to nirma brand,
Nirma girl story and more pls whatch video.
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Nirma po pic.twitter.com/ZJoQZ38zqm— Настя Новикова (@Jqh0NHbRWONdGJ0) May 2, 2019
उन्होंने निरमा वॉशिंग पाउडर की शुरुआत की और पैकेट पर निरमा की तस्वीर लगानी चालु कर दी। निरमा जब स्कूल में पढ़ती थी तभी एक दिन कार दुर्घटना में उसके प्राण चले गए थे। इस घटना के बाद करसनभाई और उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। करसनभाई अपनी बेटी से बेहद प्यार करते थे। वो चाहते थे कि उनकी बेटी दिन दुनिया में ख़ूब नाम कमाए, करसनभाई बेटी के जाने का ग़म भुला नहीं पा रहे थे।
https://twitter.com/shubham_jain999/status/1408399109707292672
कुछ समय बाद वॉशिंग पाउडर पैकेट पर एक लड़की सफेद फ्रॉक पहने दिखाई देती है। समय के साथ टीवी विज्ञापन में अलग-अलग कैरेक्टर्स भी आए, लेकिन पैकेट पर ऊपर बनी यह बच्ची तब से अब तक बानी हुई है। ऐसे में यह हर कोई यह जानना चाहता है की आखिर यह बच्ची है कौन। असल में इस बच्ची का नाम निरूपमा था, जिसके नाम पर ही वॉशिंग पाउर का नाम ‘निरमा’ रखा गया। निरूपमा हमारे बीच नहीं है।
Real Entrepreneurship – Around 50 years ago then 24 yr old Karsanbhai Patel single-handedly began a detergent business out of his backyard distributing the product on a cycle.
The company he founded Nirma humbled a powerful MNC and is today a diversified Rs 7000 cr group.🙏🇮🇳 pic.twitter.com/j0U6nquH92— Pradip Varma (@Pradip_K_Varma) May 4, 2020
करसन भाई ने निरमा वॉशिंग पाउडर (Nirma Washing Powder) की शुरुआत कर दी। तब के समय में तस्वीरें बहुत कम ही खींची जाती थीं। ऐसे में निरूपमा की प्यारी सी तस्वीर को पैकेट पर जगह दी गई। लेकिन बाजार में उतरने और कंपीटिशन के कारण करसन भाई को बहुत दिक्कतें भी आईं। एक दौर तो ऐसा भी आया, जब लगा कि उनका यह सपना कभी पूरा नहीं हो पाएगा। कुछ समय बाद निरमा कंपनी चल पड़ी और आज भी निरमा घर घर में देखी जाती है।



