कंगना मात्र 16 साल की उम्र में घर से झगड़कर दिल्ली आई, फिर मुंबई, आज 100 करोड़ की मालकिन बनी

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Kangana Ranaut
Kangana Ranaut photo credits: Instagram(kanganaranaut).

Mumbai: बॉलीवुड इंडस्ट्री की बेहद फेमस एक्ट्रेस कंगना रनाउत इस समय की सबसे अच्छी और बेहतरीन अदाकारा है। कंगना रानाउत (Kangana Ranaut) एक ऐसी फैमिली से हैं, जहां पर महिलाओं के लिए फिल्मी दुनिया में कदम रखना वर्जित है। ऐसे में जब वे इस इंडस्ट्री में अपना नाम बनाना चाहती थी, उस समय एकदम अकेली थी।

एक साधारण नाम से अपने नाम को बनाने तक का सफर उन्होंने काफी संघर्षों से तय किया है। कहते हैं बिना माता-पिता के आशीर्वाद से बच्चा कभी सक्सेस नहीं हो सकता। इसके बावजूद भी कंगना रनौत ने इस इंडस्ट्री में कदम रखा, जबकि वहां पर उनका कोई गॉडफादर भी नहीं था।

उन्होंने अपनी मेहनत और अपने बलबूते पर यह मुकाम हासिल किया है। कंगना रानोत इस समय की सबसे खूबसूरत और हसीन अभिनेत्री हैं, उन्होंने अपनी खूबसूरती और अपनी अदाओं के रंग हर जगह बिखेरे हुए है। आज हम जानेंगे कंगना राणावत के संघर्षमय जीवन के बारे में।

कक्षा बारहवीं में हुई असफल

कंगना रानाउत अपने इंटरव्यू के दौरान हमेशा अपने संघर्षमय जीवन (Struggle Life) के बारे में बात करती हैं। कुछ समय पूर्व उन्होंने एक इंटरव्यू में स्वयं बताया था कि उनके परिवार में फिल्म जगत में काम करना बिल्कुल मना है। इसीलिए उनके माता पिता चाहते थे कि वह खूब पढ़ लिखकर एक अच्छी और काबिल डॉक्टर बने।

परंतु वह कक्षा 12वीं में फेल हो गई जिस वजह से उनके पिता उनसे काफी ज्यादा खफा हुए। इन्हीं सब मैं घर में काफी लड़ाई झगड़े हुए लड़ाई झगड़ों के चलते वे क्रोधवस दिल्ली आ गई और महज 16 वर्ष की छोटी सी आयु में उन्होंने मॉडलिंग शुरू कर दी।

खाने के लिए भी तरसी हैं

परिवार से झगड़े के बाद कंगना रानाउत दिल्ली (Delhi) आई और यहीं से अपने करियर को बनाने में लग गई। लोगों को सफलता दिखती है परंतु उसके पीछे का संघर्ष केवल वही व्यक्ति जानता है, जिसने किया होता है, यही कहानी है कंगना रानाउत की।

उनके करियर के स्ट्रगलिंग दिनों (Struggling Days) में कई बार ऐसा होता था की उनके पास खाने के लिए तक पैसे नहीं होते थे, वह पूरा दिन ब्रेड या फिर रोटी के साथ अचार खा कर बिता देती थी। उनके पिता ने भी उन्हें मदद करने से साफ मना कर दिया था, जिस वजह से वह आर्थिक परेशानियों को भी झेल रही थी।

पहली डेब्यु फिल्म से हुई शुरुआत

कंगना के संघर्षमय समय में एक खुशी का पल आया जब उन्हें अनुराग बसु के द्वारा डेब्यू फिल्म में काम मिला। यह बात वर्ष 2005 की है जब कंगना एक कॉफी शॉप में बैठकर कॉफी पी रही थी। उस वक्त मशहूर डायरेक्टर अनुराग बसु भी उसी कैफे में बैठकर कॉफी पी रहे थे, तभी उनकी नजर कंगना पर गई जो काफी खूबसूरत और अट्रैक्टिव दिख रही थी।

इसके बाद उन्होंने 2006 में एक डेब्यू फिल्म गैंगस्टर में काम किया। यहाँ से उनका फिल्मी करियर प्रारंभ हुआ। यह फिल्म काफी हिट हुई और कंगना को इस डेब्यु फिल्म के लिए वेस्ट डेब्यु फिल्म अवार्ड से सम्मानित भी किया गया।

अकेली कंगना ही काफी होती है एक फिल्म को हिट बनाने में

इस बात पर थोड़ा भी शक नहीं किया जा सकता की कंगना रानाउत एक काबिल और मेहनती एक्ट्रेस है। वे इस इंडस्ट्री की इकलौती ऐसी हीरोइन है, जो बिना किसी बड़े हीरो के अपनी फिल्म को हिट से सुपरहिट बना देती हैं। उन्हें अपनी फिल्म के लिए किसी बड़े हीरो की जरूरत नहीं होती। इसी लिए उन्हें अभी तक चार बार राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है, जो एक बहुत बड़ी बात है।

उनकी फिल्मों में उनकी अदा और उनकी कलाकारी को देखा जा सकता है उनकी बेस्ट पिक्चर्स ‘तनु वेड्स मनु रिर्टन’, ‘फैशन’, ‘क्वीन’, ‘मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी’ और ‘पंगा’ है इन फिल्मों के लिए उन्हे बहुत अच्छी अभिनेत्री होने का पुरुस्कार भी मिल चुका है।

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