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दुषित पानी केवल देश में ही नही बल्कि दुनिया भर में एक बहुत ही बड़ी परेशानी बन गया है जो प्रतिदिन बढती ही जा रही है। इसके पीछे की सबसे मुख्य वजह है लोगो की बस्तियां जो पानी का उपयोग तो बहुत करती है, लेकिन इसकी देखभाल किसी भी प्रकार से नशि करते। आज आपको ऐसी नदी के बारे में बताने जा रहे है, वो अपने आप में एक मिसाल कायम कर रही है।
काली बीन नाम की नदी जो पंजाब के होशियारपुर में बहती है जिसकी लम्बाई करीब 160 किलोमीटर है। इस नदी की सिख धर्म में बहुत धार्मिक मान्यता भी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह पता चला है कि यही पर गुरु नानक को ज्ञान प्राप्त हुआ था।
पर्यावरण कार्यकर्ता बलबीर सिंह सीचेवाल की मेंहनत रंग लाइ
इस नदी की नाले जैसी स्थिति में देखकर के पर्यावरण कार्यकर्ता बलबीर सिंह सीचेवाल और सिख धर्मगुरु को अच्छा नही लगा और उन्होंने इस प्रकार देखकर खुद ही इसकी सफाई करने में जुट गए। नदी के सफाई का काम शुरू कर दिया। Starting में तो उन्होंने काफी काम खुद ही किया। उनसे जितना बनता था उतना जमा कचरा नदी के आस पास से निकालते और फिर देखते देखते उनके साथ में स्वयमसेवक भी इस काम के लिए आगे आने लगे।
नाले जैसी गन्दी हुई काली बैन नदी को अकेले एक सिख धर्म गुरु बलवीर सिंह जी ने साफ़ किया और मिसाल पेश की। pic.twitter.com/N5KFOjQipw
— sanatanpath (@sanatanpath) November 2, 2019
उन्होंने नदी के आस पास के सारे किनारों के कचरे को फेक दिया। वहाँ पर किसी प्रकार का कोई कचरा नही दिखाई दिया। उसके बाद में नदी के अन्दर भी जितनी अंदर तक बन सका जाल डालकर के साफ़ किया। नदी को साफ करके किनारे पर छोटी छोटी सड़के बना दी।
पंजाब में बहती 160 kmलंबी काली बेईं नदी को पर्यावरण कार्यकर्ता और संत "बलबीर सिंह सीचेवाल" ने साफ कर दिया। pic.twitter.com/ga3Ym2iBNm
— शनि मिश्रा | Shani Mishra (@mishra_shani) March 25, 2016
नदी में बहते गंदे नाले की दिशा ही बदल दी
जो नाले बहते थे, उनकी दिशा किसी और साइड कर दी, जिससे नदी में किसी प्रकार का कोई गंदा पानी ना जा सके। कई साल इसकी सफाई में लगे रहे आखिरकार उनकी मेहनत कामयाब हुई। जिस नदी को देखकर के लोग उसके पास नही जाते थे, मुंह पर मास्क लगा लेते थे। आज उसके पास में लोग शाम को घुमते हुए दिखाई देने लगे।
ये कहावत तो सच है कि अगर कोई अकेला व्यक्ति कुछ करने की सोच लेता है तो परिवर्तन आने में देर नही लगती है जैसा कि काली बीन नदी के साथ में हुआ। जो कभी गंदा नाला बन गई थी, एक व्यक्ति की पहल से आज वो साफ स्वक्छ नदी बन गई है, आज वहाँ घूमने आते है लोग।



