गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने घराने की परंपरागत सीट से पीछेड़ते चल रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया वर्षों से सिंधिया घराने की विजयी रही गुना सीट EVM इस बार नाखुश परिणाम दे रही है। इसलिए गुना में शांति का माहौल दिखाई दे रहा है। गुना-शिवपुरी लोकसभा सीट से आ रहा शुरुआती परिणाम चकित करने वाला नजर आ रहा है।
सिंधिया घराने से चली आ रही परंपरागत सीट से ज्योतिरादित्य सिंधिया का पिछड़ते हुए दिखाई दे रहे है। ये बात सबको हैरान करने वाली है। गुना रुझान से सबको चौंका दिया है। ये प्रथम बार हुआ है जब इस सीट से सिंधिया घराने का उमीददबार पीछे होते हुए नजर आ रहा है।
गुना-शिवपुरी वो लोकसभा सीट है जहां पार्टी एक कोई महत्व नही है यह पर ‘सिंधिया घराना’ का ही दबदबा रखता है। इस सीट से अभी तक किसी ने जीत हासिल नही की है। इस घराने का सदस्य किसी भी पार्टी से चुनाव लड़े चाहें वो कांग्रेस से लड़ता हो या भाजपा से, वो मायने नही रखता यहाँ जीत ही मिलती है।
गुना-शिवपुरी सीट से सिंधिया घराने के सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया इस बार भी चुनावी मैदान में हैं। उनके सांसद प्रतिनिधि रहे के पी सिंह यादव (K P Singh) उनका साथ मुँह मोड़कर इस बार भाजपा से ज्योतिरादित्य सिंधिया को टक्कर देने मैदान में आये हैं।
वर्षों से सिंधिया घराने को जीत दिला रही इस सीट से जो अब रुझान देखने को मिल रहे है उससे हैरान कर देने वाले नतीजे नजर आ रहे है। इसलिए शांति का माहौल नजर आ रहा है। के पी यादव ने आरोप लगाया कि गुना विधानसभा क्षेत्र के नतीजो की information नहीं बताई जा रही है। रिटर्निग ऑफिसर 1 घंटे से लापता है।
हमने पहले ही कलेक्टर से इसकी कंप्लेंट की थी। जो रुझान सामने आ रहे है, उससे यही अनुमान लगाया जा सकता है कि भाजपा प्रचंड मतों से जीत हासिल करेगी। यादव ने कहा कि कि हमने तो पहले ही कहा दिया था कि भाजपा यहां लाखों मतों से विजयी हासिल करेगी।
मध्य प्रदेश के गुना से दिग्गज कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की हार अब तय मानी जा रही है, क्योंकि ज्योतिरादित्य सिंधिया 42000 वोटों से पीछे चल रहे है। अब अगर ज्योतिरादित्य सिंधिया कवर भी करते हैं तो कितना कवर करेंगे? इसे यह मन जा रहा है की अब ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी सीट गुना से हार जायेंगे।




