
Jabalpur, Madhya Pradesh: जबलपुर मध्यप्रदेश का सबसे महत्वपूर्ण शहर है। जबलपुर शहर वीरांगना रानी दुर्गावती के शौर्य और बलिदान के लिए भी जाना जाता है, ऐसे में जबलपुर सांसद राकेश सिंह अपने शहर की पहचान और इतिहास की वीरांगना रानी दुर्गावती जी को असली सम्मान दिलाने की जद्दो जहत में लगे हुए हैं।
वीरांगना रानी दुर्गावती द्वारा देश की सुरक्षा, स्वतंत्रता, सर्वांगीण विकास तथा स्त्री शक्ति के सम्मान व स्वावलम्बन के लिए किये गये त्याग को सम्पूर्ण प्रदेश ही नहीं देश में ससम्मान स्मरण किया जाता है। इन्होने प्रजा के स्वाभिमान की रक्षा के लिए मुगल शासकों (अकबर) के युद्ध की चुनौती को स्वीकार करते हुए विजय प्राप्त की थी।
इनके प्रकृति प्रेम व जल संरक्षण एवं प्रबंधन की अद्धितीय दूरदर्शिता के कारण सम्पूर्ण गोंडवाना (महाकौशल क्षेत्र) आज भी जल से समृद्ध है। वीरांगना रानी दुर्गावती के वीरता को जीवंत और ऐतिहासिक बनाये रखने के उद्देश्य से जबलपुर एयरपोर्ट का नाम रानी दुर्गावती के नाम से करने हेतु संस्कारधानी कही जाने वाले जबलपुर के सांसद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने केंद्रीय उड्डयन राज्यमंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी जी से मुलाकात कर तत्कालीन मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा नामकरण प्रस्ताव को विधानसभा से पारित कर केंद्र सरकार को भेजे गये प्रस्ताव पर स्वीकृति हेतु आग्रह किया है।
इसका मतलब है की जल्द की मध्यप्रदेश के जबलपुर हवाई अड्डे का नाम डुमना एयरपोर्ट से बदलकर रानी दुर्गावती एयरपोर्ट किया जा सकता है। आपको बता दें की जब हमारी टीम ने जबलपुर के रहवासियों से इस बारे में राये मांगी तो सभी ने एक स्वर में कहा की वे भी सांसद राकेश सिंह के इस प्रयास को पूरा समर्थन देते हैं।
रानी दुर्गावती सुरक्षा,स्वतंत्रता,सर्वांगीण विकास,महिला सशक्तिकरण तथा प्रकृति व जल संरक्षण हेतु अद्वितीय दूरदर्शिता के लिए जानी जाती है। इसीलिए केंद्रीय उड्डयन राज्यमंत्री श्री @HardeepSPuri जी से भेंट कर #Jabalpur एयरपोर्ट का नाम रानी दुर्गावती के नाम से करने हेतु आग्रह किया। pic.twitter.com/ofWX9G2zx2
— Rakesh Singh (@MPRakeshSingh) August 3, 2019
असल में जब देश में मुग़ल आक्रमणकारी अकबर का वक़्त था, जब जबलपुर की रानी दुर्गावती ने आक्रमणकारी दुश्मनों से अपने राज्य की रक्षा करने के लिए घोड़े पर सवार होकर छलांग लगाई थी और युद्ध के दौरान वीरगति को प्राप्त होकर शहीद हो गई थी। गोंडवाना साम्राज्य आज का जबलपुर और आस पास का इलाका है।
रानी दुर्गावती ने अपने माणराज्य की स्वतंत्रता की रक्षा करते हुए अकबर की सेना को युद्ध के मैदान में 3 बार हराया था। जब रानी को चारों तरफ से घेर लिया गया था और उन्हें लगा कि अब वह युद्ध नहीं जीत सकतीं अकबर की बंदी बना ली जाने वाली है तो अपनी कटार से ही अपने सीने में वार करके अपने प्राण आज़ादी के नाम न्योछावर कर दिए थे। रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस के रूप में 24 जून 1564 का दिन मनाया जाता है।



