
Secunderabad: दोस्तों इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में जहां आए दिन हमें नेगेटिव खबरें ही सुनने को मिलती हैं, ऐसे में यदि सरकार के द्वारा उठाया गया कोई कदम किसी बच्चे की मुस्कुराहट को वापस ले आए तो उस खबर को सुनने में एक अलग ही सुकून प्राप्त होता है।
एक ऐसी घटना अभी हाल ही में भारतीय रेलवे (Indian Railway) द्वारा पेश की गई। जिसमें ट्रेन में सफर कर रहे एक डेढ़ साल का बच्चा अपना फेवरेट खिलौना (Toy) सफर के दौरान ट्रेन में ही छोड़ गया। जिसे पड़ोस में बैठे एक यात्री ने नोटिस कर लिया और अपनी कंप्लेंट रेलवे तक पहुंचाई जिसमें उसने उस खिलौने को बच्चे तक पहुंचाने की रिक्वेस्ट की थी।
नतीजा रेलवे के अधिकारियों ने इस घटना को पॉजिटिव लिया और फटाफट एक टीम को यह सारा केस समर्पित कर दिया। जिसका नतीजा यह हुआ कि वह खिलौना उस बच्चे तक सही सलामत पहुंच गया और यह खिलौना पाने के बाद उस बच्चे की खुशी का कोई ठिकाना ही ना रहा।

रेलवे की इस ईमानदार और इमोशनल सर्विसेस को देखते हुए देश का हर व्यक्ति तारीफ किए बिना रह नहीं सका। आइए जानते हैं इस घटना को थोड़ा डिटेल से जिसे पूरा अंजाम देने में रेलवे को भी भारी मशक्कत उठानी पड़ी।
कंप्लेंट मिलने के बाद रेलवे अधिकारियों ने उठाया यह काबिले तारीफ कदम
रेलवे अधिकारियों ने उस बालक के खिलौनों को रेलवे स्टेशन से 20 किलोमीटर दूर इंटीरियर गांव तक सकुशल डिलीवर करवाया। इस दिलखुश कर देने वाली घटना के लिए जहां रेलवे आज कई तारीफें बटोर रहा है। इसकी शुरुआत हुई थी एक कंप्लेंट के जरिए।
जी हां दोस्तों 139 पर भुसीन पटनायक नामक शख्स ने फोन पर यह कंप्लेंट दर्ज करवाई कि पड़ोस में सफर कर रहे यात्रियों का बेटा जो लगभग 19 महीने का था, वह अपना फेवरेट खिलौना बर्थ पर ही छोड़ गया है और उनके पास संपूर्ण जानकारी ना होने की वजह से वह रेलवे से यह गुजारिश करते हैं कि ये खिलौना कैसे भी करके उस बच्चे तक पहुंचाया जा सके।
घटना है सिकंदराबाद से अगरतला जाने वाली स्पेशल ट्रेन की
कंप्लेंट के दौरान भूषण पटनायक ने रेलवे अधिकारियों को बताया कि वह सिकंदराबाद से अगरतला जाने वाली स्पेशल ट्रेन (Secunderabad To Agartala Train) किसका नंबर 07030 है, जिसके B2 डब्बे में वह सफर कर रहे थे।

पड़ोस में बैठे सहयात्री जिनका एक 19 माह का छोटा सा बच्चा इस ट्रक नुमा खिलौने (Toy Truck) से पूरे सफर में खेल रहा था, जोकि अपने स्टेशन में उतरने के दौरान बर्थ पर ही भूल गया है और वह चाहते हैं कि ये खिलौना कैसे भी करके बच्चे तक पहुंचा दिया जाए, क्योंकि यह उसका फेवरेट खिलौना दिखाई देता है।
भारी मशक्कत करनी पड़ी अधिकारियों को यात्री का पता खोजने में
कंप्लेंट (Complaint) मिलने के बाद रेलवे अधिकारियों ने भुसिन पटनायक के सहयात्री को ट्रैक करने की काफी कोशिश की। दरअसल यह ट्रेन टिकट सिकंदराबाद के रिजर्वेशन काउंटर से बुक की गई थी, जिस वजह से उन्हें उस यात्री की डिटेल निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ गई। बड़ी मेहनत के बाद उस यात्री के नाम एवं उनके गांव का सही पता लग सका। जिसके बाद उन्होंने बिना देर किए एक टीम को उनके गांव रवाना किया।
रेलवे अधिकारियों ने खिलौना बच्चे को घर ले जाके सौंपा
आरक्षण चार्ट के अनुसार उस यात्री की पहचान मोहित रजा एवं पत्नी नसरीन बेगम के रूप में किया गया। जो पश्चिम बंगाल (West Bengal) के उत्तर दिनाजपुर (Uttar Dinajpur) जिले के अंतर्गत आने वाले काजीग्राम (Kajigram) के रहने वाले हैं।
यह गांव कलुआबारी रेलवे स्टेशन से करीब 20 किलोमीटर अंदर इंटीरियर की ओर स्थित है। जैसे ही रेलवे अधिकारी उस बच्चे का खिलौना लेकर मोहित के घर पहुंचे बच्चे की खुशी का ठिकाना ही ना रहा एवं बच्चे के साथ साथ आस-पड़ोस के लोग भी रेलवे पुलिस का यह बर्ताओ देखकर खुशी से फूले नहीं समाए।
किसी ने उम्मीद नहीं की थी कि मात्र एक 19 माह के बच्चे की रेलवे द्वारा इस तरह मदद की जाएगी। स्वयं मोहित भी एक खिलौने के लिए कंप्लेंट करने के पक्ष में नहीं थे, क्योंकि उन्हें इस तरह पॉजिटिव रिस्पांस की 1 प्रतिशत उम्मीद नहीं थी। पर कहते हैं जहां चाह वहां राह एक अनजान मुसाफिर के कॉल ने उस बच्चे के हाथ में उसकी खुशियां वापस कर दी।




