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Delhi: हमारे देश का हर सक्षम युवा चाहता है कि वो विदेश में पढ़े और वही नोकरी करके सेटल हो जाए, क्योंकि भारत देश अभी डेवलपिंग देश है, अमेरिका जैसे डेवलप्ड नहीं, जिससे युवाओ को लगता है। भारत में कुछ नहीं है, सब कुछ विदेशो में है। अच्छी शिक्षा अच्छा काम सब कुछ। परंतु यदि भारत का युवा ही विदेश में जा बैठेगा, तो भारत को एक मजबूत राष्ट्र बनाने में मदद कोन करेगा।
हम जानते है भारत में आजादी के बाद बहुत कुछ परिवर्तन आए है, अब हमारा भारत भी विकासशील देश बनने के तरफ बढ़ रहा है और अब ऐसे कई युवा है, जो विदेश से शिक्षा प्राप्प्त कर अपने देश के लिये काम कर रहे है। अब भारत को बेटो के साथ बेटियों (Daughters) का समर्थन मिल गया है, जिससे भारत अब दिन दुगना और रात चारगुना तरक्की कर रहा है।
भारत की बेटी चांदना दसारी
देश के एजुकेशन सिस्टम हर कोई अच्छी तरह वाकिफ है। जो शिक्षा विदेश में है, वो भारत में नहीं। वहाँ के इंजीनियर हर दिन एक न एक नया इन्वेंशन करते है और उनका दिमाग एक दम शार्प होता है। इस शिक्षा पद्धति के कारण ही भारत और अन्य देश का युवा सोचता है कि वो विदेश से काफी कुछ सीख कर अपने देश के हित में काम कर सके।
भारत में भी बहुत कुछ अच्छी शिक्षा पद्धति है, जो सबसे उच्च शिक्षा मानी जाती है, यह शिक्षा प्राप्त करके भी भारत का युवा विदेश मे जॉब कर सकता है। आज इस पोस्ट के माध्यम से हम एक ऐसी बेटी की बात करेंगे, जो विदेश में अपना ज्ञान बढ़ा कर स्वदेश लौटी और यहाँ आकर आईएएस बन कर अब देश हित में काम कर रही है। इस बिटिया को काफी अच्छी सैलरी मिलती थी। परंतु उसे वह भी रास नहीं आई।
जाने आईएएस चांदना दसारी का आईएएस बनने जा सफर
आईएएस ऑफिसर चांदना दसारी (IAS Hari Chandana Dasari) का जन्म हैदराबाद शहर में हुआ था और उनकी प्रारंभिक शिक्षा भी हैदराबाद में ही पूरी हुई उसके बाद उन्होंने हेयर एजुकेशन भी हैदराबाद यूनिवर्सिटी से किया। स्नातक पूरा कर आगे की शिक्षा के लिए उन्हें लन्दन जाना था और वे गई भी और वहां जाकर उन्होंने एनवायरमेंट इकोनॉमिक्स में एमएससी यानि मास्टर किया और डिग्री प्राप्त की।
शिक्षा पूरी कर विदेश में नोकरी के कई ऑफर मिले
डिग्री पूरी होते ही उन्हें लंदन में ही जॉब के कई अच्छे अच्छे ऑफर मिले। जिससे उन्होंने सोचा की कुछ समय वहाँ रह कर सीख सके। सीखने के उद्देश्य से चांदना ने काफी समय तक लंदन (London) की बड़ी-बड़ी कंपनियों में नौकरी की थी।
IAS Hari Chandana Dasari has Done Many Social Activities, From Providing Facilities to Women to Helping the Needy, IAS Hari Chandana Dasari has Contributed to Initiatives Ranging from Building Dog Parks to Working on the Green Revolution and Reducing Pollution. pic.twitter.com/Wq3FUuUmyS
— IAS for people (@iasforpeople) September 28, 2021
चांदना बचपन से ही देश के लिए कुछ करना चाहती थी, उनके अंदर बचपन से ही देश प्रेम पनप रहा था। इसी लिए वे ज्यादा समय विदेश में नहीं रह सकी और वे अपने देश लौटने का विचार बनाने लगी।
What an innovative thought by #IAS Hari Chandana Dasari whose idea of utilising waste material changed the picture of #Hyderabad.
Upcycled furniture from #UnusedTyres and paver tiles & roofing sheets from #RecycledPlastic are some of her ideas that did wonders for the city. pic.twitter.com/5cKgp7hNkK
— District Collectors (IAS) (@DCsofIndia) July 29, 2019
भारत लौट कर उन्होने UPSC की तैयारी करना प्रारम्भ कर दिया था, वे लन्दन से ही मन बना कर आई थी। पहले प्रयास में वे असफल रही, परंतु उसके बाद वाले प्रयास में उन्होंने झंडे गाड़ दिए और वर्ष 2010 में UPSC को पास कर आईएएस अधिकारी बनी।
आईएएस बन शुरू किया समाज कल्याण का काम
देखा जाए तो देश में कई आईएएस अधिकारी (IAS Officer) है, जो अपने तरीके से समाज सुधार का काम कर रहे है। हर अधिकारी काफी तेज़ और क्रिएटिव है। परंतु इनमे से कुछ अधिकारी ऐसे भी है, जो सबसे अलग काम करते है, उनका काम करने का तरीका काफी यूनिक होता है।
#JoshEducationAwards 2021
Jagran New Media proudly presents its guest of honour – Renowned #Social Innovator and Eco Crusader – Hari Chandana Dasari, IAS.Tune in to watch her during JagranJosh Education Awards night on 25th March. pic.twitter.com/oBOzWwOYRV
— JagranJosh India (@Jagranjosh) March 23, 2021
ऐसे ही कुछ चांदना दासारी भी हैं। जिन्होंने आईएएस का पद मिलते ही अपने काम को एक अलग ही राह दी उन्होंने सुरुआत में ही प्लास्टिक के खिलाफ एक नया अभियान शुरू किया। अभियान के मुताबिक वेस्ट प्लास्टिक और प्लास्टिक की बोतलों को एक निश्चित स्थान पर एकत्रित करना है और उनके ऑर्डर पर सभी जगह काम प्रारम्भ हो गया। ये सोच और काम करने के तरीके का फर्क होता है।



