उत्तर प्रदेश की गड्ढों वाली सड़कों को एक्सप्रेसवे में बदला गया, इस विकास की पूरी जानकारी जानें

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Expressway In India
How Uttar Pradesh is Set to Become 'Expressway Pradesh' Soon. New Roads and Expressway development in UP info.

Lucknow: उत्‍तरप्रदेश राज्‍य देश का राजनीति की दृष्टि से सबसे महत्‍वपूर्ण और सक्रिय राज्‍य है। लोकसभा की कुल 80 सीटे सिर्फ इस राज्‍य से ही आती है। यह राज्‍य हमेशा ही सुर्खियों में रहता है। उत्‍तरप्रदेश (Uttar Pradesh) राज्‍य जनसंख्‍या में सबसे बड़ा योगदान देता है। यूपी में जनसंख्‍या अन्‍य राज्‍यों की अपेक्षा अधिक है।

योगी आदित्‍यनाथ उत्‍तरप्रदेश राज्‍य के मुख्‍यमंत्री है। उत्‍तरप्रदेश राज्‍य भगवान राम की जन्‍मभूमि मानी जाती है। अयोध्‍या में भगवान राम के भव्‍य मंदिर का निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। वैसे तो आज उत्‍तरप्रदेश राज्‍य को किसी भी पहचान की जरूरत नहीं है। वह अपनी विकासनीति की वजह से हर जगह चर्चा का विषय बना हुआ है।

एक्‍सप्रेसवे से यूपी को मिल रही नई पहचान

लेकिन एक समय हुआ करता था। जब यूपी को अपने शहर के गड्ढों की वजह से जाना जाता था। परन्‍तु आज यूपी की तस्‍वीर पूरी तरह बदल गई है। आज उत्‍तरप्रदेश को एक्‍सप्रेसवे वाला स्‍टेट कहा जाने लगा है।

ऐसा इसलिए क्‍योंकिे उत्‍तरप्रदेश में बहुत ही अच्‍छी सड़को का निर्माण हो गया है और आगे भी सड़को का निर्माण कार्य चल रहा है। आज की बात करें तो उत्‍तरप्रदेश मे देश के सबसे ज्‍यादा एक्‍सप्रेसवे (Expressway) मौजूद है।

13 एक्‍सप्रेसवे नेटवर्क का निर्माण होगा यूपी में

आज एक्‍सप्रेसवे उत्‍तरप्रदेश राज्‍य की नई पहचान बन चुका है। उत्‍तरप्रदेश मे अभी और भी एक्‍सप्रेस वे बन रहे है। जिनका निर्माण कार्य चालू है। यूपी में अभी 13 एक्‍सप्रेसवे बनाने का कार्य चल रहा है। जिसमें से 6 एक्‍सप्रेसवे बनकर तैयार हो चुके है।

बाकी एक्‍सप्रेसवे अभी निर्माणाधीन है। उत्‍तरप्रदेश राज्‍य में सरकार लगातार विकास कार्य कर रही है। एक्‍सप्रेसवे के साथ साथ गॉंव में भी सड़को का निर्माण कार्य चल रहा है। इन सड़को को शहरो से भी जोड़ा जा रहा है।

2012 में बना था पहला एक्‍सप्रेसवे यमुना

आज यूपी की बात करें तो कुल 1788 किलोमीटर का एक्‍सप्रेसवे यहा बनने जा रहा है। यमुना एक्‍सप्रेसवे यहॉं बनकर तैयार हो चुका हे। यह एक्‍सेप्रेसवे 2012 में बना था। वही आगरा लखनऊ एक्‍स्प्रेसवे भी 2018 में बना। जिसे जनता के लिए खोला जा चुका है।

इसके अलावा भी कई एक्‍सप्रेस वे है जिनका निर्माण कार्य कंपलीट हो चुका है ओर बाकी का कार्य अभी चल रहा है। जिसमें से पर्वांचल का 340 किलोमीटर, गोरखपुर का 91 किलोमीटर, बुंदेलखंड का 296 किलोमीटर तथा 594 किलोमीटर के गंगा एक्‍सप्रेसवे का निर्माण चल रहा है।

यूपी के सभी एक्‍सप्रेसवे नेटवर्क

यूपी के सभी एक्‍सप्रेसवे की बात करें तो जो 13 एक्‍सप्रेसवे यहॉं बन रहे है। उनमें से 6 एक्‍सप्रेसवे जो बनकर तेयार हो चुके है। उनके नाम यमुना, ग्रेटर नोएडा, दिल्‍ली मेरठ, पर्वाचल, आगरा लखनऊ तथा बुंदेलखंड एक्‍सप्रेसवे है। जिनमे से यमुना एक्सप्रेसवे की लंबाई 165 किलोमीटर है।

नोएडा एक्‍सप्रेसवे की लंबाई 25 किलोमीटर है। आगरा लखनऊ एक्‍सप्रेसवे की लंबाई 302 किलोमीटर है तथा दिल्‍ली मेरठ कि लंबाई 96, बुंदेलखंड की 296, पर्वांचल की 341 किलोमीटर है।

7 एक्‍सप्रेसवे अभी निर्माणाधीन

वही बात की जाये उन एक्‍सप्रेसवे की जोकि अभी निर्माणाधीन है। उनकी संख्या 7 है। जिनमे से गंगा एक्‍सप्रेसवे सबसे लम्‍बा एक्‍सप्रेसवे है। जिसकी लंबाई 594 किलोमीटर होगी। वही दूसरे नंबर पर गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्‍सप्रेसवे होगा जिसकी लंबाई 519 किलोमीटर होगी।

इसके अलावा अन्‍य एक्‍सप्रेसवे जिनका निर्माणकार्य चल रहा है, उनके नाम गोरखपुर लिंक जिसकी लंबाई 91 किलोमीटर है। गाजियाबाद कानपुर इसकी लंबाई 380 किलोमीटर है। दिल्‍ली सहारनपुर तथा देहरादून एक्‍सप्रेसवे 210 किलोमीटर, गाजीपुर बलिया तथा मांझीघाट जिसकी लंबाई 117 किलोमीटर है।

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