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Bengaluru: बिहार ने प्राचीन काल में कई राज वंश और राज पाठ खड़ा करने वाले राजा दिए और अब आज के समय में बिहार इंटरप्रेनर दे रहा है। बहुत से बिहारी नौजवान देश में स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं, जो देश में छाने भी लगे हैं। डिजिटल दुनिया में केवल दक्षिण भारत ही नहीं, बल्कि बिहार के युवा (Youth Of Bihar) भी पाना नाम बना रहे हैं। बिहार के एक युवा राहुल राज ने डिजिटल काम काज में नया मुकाम बनाया है। उनकी कंपनी ने कई बड़ी कंपनियों को कड़ी टक्कर दे दी है।
अपनी शुरुआती पढ़ाई पटना (Patna) में करने के बाद आईआईटी खड़गपुर (IIT Kharagpur) से इंटीग्रेटेड मास्टर ऑफ साइंस में डिग्री पूरी करने वाले राहुल आज सफलता (Success) ने नए नए मुकाम हासिल किये हैं और अभी आगे बढ़ रहे हैं। पढ़ाई के बाद उनको कैंपस प्लेसमेंट मिला। फिर उन्होंने कंपनी में नौकरी भी की। परन्तु उमके मन में कुछ और ही चल रहा था। नौकरी में मन नहीं लगने के चलते खुद का कारोबार करने का मन बनाया।
उन्होंने एक काम चालू किया यह कोइनेक्स क्रिप्टो में ट्रेड करने का प्लेटफार्म था और उस समय लगभग 1700 करोड़ का डेली ट्रेड वॉल्यूम पहुंच गया था। फिर भारतीय रिज़र्व बैंक के फ्रेमवर्क और नए नियमों के आने के चलते इसे बंद करना पड़ा। लेकिन उन्होंने नए सिरे से काम करके पर विचार किया और अपनी पूरी टीम के साथ बेंगलुरु चले गए और वहां फ्लोबिज़ को शुरू किया।
राहुल (Rahul Raj) ने आईआईटी खड़गपुर से इंटीग्रेटेड मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की थी। वे एक पेशेवर और बढे लिखे नौजवान थे। उनके अंदर कुछ नया और बड़ा करने का जज़्बा था। 6 सालों के अपने छोटे से करियर में 3 स्टार्टअप पर काम किया। पहली कंपनी जायका में काम किया जहां ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (Digital Platform) पर रेस्टोरेंट के लिए देसी फूड और इन्नोवेटिव बिजनेस सॉल्यूशन देता था।
उनके बाद इनशॉर्ट्स और बिज़ोंगो के साथ भी काम किया। दोनों जगह कुछ ही समय नौकरी करने के बाद उन्होंने खुदका काम कोइनेक्स को शुरू किया। यहां से क्रिप्टोकरंसी को खरीदने-बेचने का काम होता था। फिर राहुल ने फ्लोबिज़ (FloBiz) की शुरुआत कि वह इसके फाउंडर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (FloBiz Founder and CEO) हैं।
इसकी सबसे बड़ी खास बात यह रही की यह देश का पहला नियो बिजनेस प्लेटफॉर्म है, जो डिजिटलीकरण के जरिए छोटे और मध्यम व्यवसाय को बढ़ने में सहायता प्रदान करता है। साल 2019 में राहुल ने इसकी शुरुआत की थी। उस वक़्त उनके साथ आदित्य नाइक, राकेश यादव ने इस काम में साथ दिया।
80% of the Indian #SMBs still use pen-paper to manage their #business operations. In the latest @saasworthy Talks, Rahul Raj (@startupkesari) talks about importance of #digitisation, the idea behind building #myBillBook & its journey to date.
Read here – https://t.co/BeXpswPMvs pic.twitter.com/lyQePhCri6
— FloBiz (@FloBizOfficial) November 23, 2021
उनके काम की वजह से सिकोइया कैपिटल इंडिया, थिंक इंवेस्टमेंट्स, एलिवेशन कैपिटल और बीनेक्स्ट से फ्लोबिज़ को फंडिंग मिली है। फंडिंग राउंडिंग के समय पेटीएम कंपनी के विजय शेखर शर्मा, जुपिटर के जितेन गुप्ता, पाइन लैब्स के अमरीश राव, हेलो एप के नीरज अरोरा और कई कंपनी के CEO और अधिकारियों ने भी शिरकत की।
Listen to the super amazing journey of building FloBiz – India's largest #SMB tech platform in the latest AngelList podcast featuring Rahul Raj (@startupkesari), CEO & co-founder of FloBiz!https://t.co/EZqCFUIm1T #FloBiz #myBillBook pic.twitter.com/NjC3UJ7h6N
— FloBiz (@FloBizOfficial) September 1, 2021
हालिया समय में भारत में एमएसएमई की संख्या 63 मिलियन है। 80 फीसद लोग अभी भी पेन पेपर पर काम करते हैं। इसी को देखते हुए राहुल ने अपनी टीम के साथ काम को आसान बनाने के मकसद से MyBillBook की शुरुआत की। अब यह डिजिटल दुनिया का नया खिलाड़ी दौड़ लगा रहा है।
Any guesses about this?🤔
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Stay tuned with us🙌@BajpayeeManoj #BusinessKoLeSeriously #myBillBook #SMB #SupportSmallBusiness #SupportLocal #T20WorldCup #WorldCup2021 #Cricket pic.twitter.com/NEwqToJYf0— FloBiz (@FloBizOfficial) November 4, 2021
राहुल के MyBillBook इसकी सफलता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह एप लांच होने के बाद अब तक 60 लाख से ज्यादा लोगों ने इसे डाउनलोड कर लिया है। आपके 12 लाख एक्टिव यूजर्स है और हर महीने लगभग 8 करोड़ से ज्यादा का ट्रांजैक्शन होता है। 120 की संख्या में राहुल की कंपनी के कर्मचारी हैं, जो कस्टमर्स और उनके लें दें ने कोईं समस्या नहीं आने देते हैं।



