UP का यह सरकारी स्कूल धांसू तरीके से अंग्रेजी पढ़ा रहा, A से अर्जुन, B से बलराम, C से चाणक्य

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English alphabets
Historical and mythological knowledge from English alphabets will be imparted to students at Aminabad Inter College, Lucknow.

Photo Credits: ANI On Twitter

Lucknow: भारत की मातृभाषा हिंदी है और इसी के चलते नई शिक्षा नीति में हिंदी भाषा को ज्यादा बढ़ावा दिया गया है। आपको बता दें बच्चों की नींव बनाने के लिए शुरुआत में उन्हें सभी विषयों की जानकारी होना अनिवार्य है। यदि हम बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा में किसी विषय के बारे में जानकारी ना दे तो उनकी उस विषय पर पकड़ कमजोर हो जाती है।

अंग्रेजी भाषा अंग्रेजों की देन है और आधुनिक समय में अंग्रेजी भाषा का चलन बढ़ते चला जा रहा है। लोग यदि अंग्रेजी नहीं बोल पाते तो उन्हें दूसरों के साथ बात करने में बेज्जती लगती है। परंतु हमें समझना होगा कि हमारी मातृभाषा हिंदी है और हमें हमारे हिंदी की गरिमा को बनाए रखने के लिए देश को हिंदी भाषी रखना होगा।

देश के सभी प्रदेशों में बड़े-बड़े इंटरनेशनल इंग्लिश स्कूल चल रहे हैं जिस में पढ़ने वाले विद्यार्थी भारत की संस्कृति और इतिहास से दूर होते चले जा रहे हैं। ऐसे में यूपी के सरकारी स्कूल में शिक्षा की ऐसी पद्धति निकाली जिसमें बच्चा अपने बालपन से ही भारत की संस्कृति और सभ्यता से जुड़ा रहेगा। आइए जाने उस पद्धति के बारे में।

अंग्रेजी की वर्णमाला से बताते हैं भारत के महान पुरुषों के बारे में

यूपी के लखनऊ शहर में एक सरकारी स्कूल में बच्चों को एक अलग ही तरीके से शिक्षा दी जा रही है। इस स्कूल के बच्चे अंग्रेजी वर्णमाला के साथ भारत के ऐतिहासिक और पौराणिक जानकारी को भी ग्रहण करते हैं। इस स्कूल के शिक्षक ABCD में A से एप्पल B से बॉल ना सिखा कर वे A से अर्जुन B से बलराम और c से चाणक्य सिखाते हैं।

उन्होंने पूरे अल्फाबेट में भारत के ऐतिहासिक पुरुष और पौराणिक पुरुष को शामिल किया है। जैसे A से अर्जुन, B से बलराम, C से चाणक्य, D से ध्रुव, E से एकलव्य, F से चार वेदों के नाम, G से गायत्रि, H से, I से इंद्र आदि। इसी तरह अल्फाबेट के पूरे अक्षरों के लिए कोई एक नाम निश्चित किया गया है।

अमीनाबाद इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल ने बताई ये बात

शिक्षा की इस पद्धति के बारे में जानकारी देते हुए अमीनाबाद इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल साहेब लाल मिश्रा बताते हैं कि आज के समय के विद्यार्थी भारतीय संस्कृति और पौराणिक कथाओं से काफी दूर होते जा रहे हैं।

आज के विद्यार्थी यह नहीं जानते कि महाभारत क्या है और उसमें किसकी क्या भूमिका थी। उन्होंने इसी सोच के साथ इस प्रक्रिया को शिक्षा में लागू किया कि आने वाली जनरेशन को यह पता रहे कि हमारा इतिहास क्या है और किसने क्या भूमिका निभाई।

प्रिंसिपल बताते हैं कि उन्होंने न केवल अक्षरों में नाम डाले हैं, बल्कि उनके नाम के साथ उनकी एक तस्वीर भी लगाई है, जिससे उनके मन में वह छवि बैठ जाए। इस तरह भारत के इतिहास और पौराणिक (Historical and Mythological) कथाओं के महान पुरुषों को आज की पीढ़ी में जिंदा रखने कि कोशिश की हैं।

वर्णमाला चार्ट में दी ऐतिहासिक और पौराणिक व्यक्तियों की संपूर्ण जानकारी

अमीनाबाद इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल बताते हैं कि उन्होंने इस वर्णमाला चार्ट में ऐतिहासिक और पौराणिक व्यक्तियों के नाम और तस्वीर के साथ उनके बारे में कुछ जरूरी जानकारी भी सांझा की है जिससे बच्चे जान सके कि यह वास्तव में कौन थे और उन्होंने क्या किया।

जैसे A से अर्जुन, अर्जुन की नाम के साथ एक तस्वीर लगाई है और साथ में एक लाइन में बताया है कि महाभारत काल के महान योद्धा अर्जुन थे। इसी प्रकार B से बलराम जो श्री कृष्ण के भाई थे और C से चाणक्य जो एक बेहतरीन शिक्षक थे। इस प्रकार संपूर्ण अल्फाबेट के साथ ऐसी ही एक लाइन बनाई गई है।

इसी के साथ बच्चों को सिलेबस के आधार पर परंपरागत तरीके से ही पढ़ाया जा रहा है, वह अंग्रेजी की व्याकरण भी सीख रहे हैं। आपको बता दें यह इंटर कॉलेज सन 1897 में स्थापित किया गया था जो नगर निगम के द्वारा संचालित किया जा रहा है।

हिंदी वर्णमाला को भी इसी पैटर्न पर सिखाएंगे

स्कूल के प्रिंसिपल साहेब लाल मिश्र बताते हैं कि बच्चों को रोचक तरीके से जानकारी देने में वे बहुत जल्दी सीख जाते हैं, हालांकि इसके लिए शिक्षकों को काफी मेहनत करनी पड़ती है। काफी प्रयोगों के बाद उन्होंने अंग्रेजी का यह पैटर्न निकाला अब वे बहुत जल्द हिंदी वर्णमाला के लिए भी कुछ ऐसे ही प्रयोग करने जा रहे हैं प्रिंसिपल का कहना है कि बच्चे इस तरह सीखकर काफी प्रेरित होते हैं और अपने सभ्यता से जुड़े रहते हैं।

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