यहाँ बिना पेड़ को नुकसान पहुंचाए 800 पेड़ों के बीच बना हुआ फार्म स्टे हाउस देखकर हैरान रह जायेंगे

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Ra Villa farm stay
Farmer Brother made ECO friendly farm house without cutting 800 tree. Owners and Architect Of Ra Villa made eco friendly farm stay.

Cochin: पेड़ो से मानव की जीवनदायिनी गैस यानी ऑक्सीजन प्राप्त होती है। यदि हम वृक्षों को नुकसान पहुंचाते हैं तो हमारा जीवन खतरे में आ सकता है। एक समय ऐसा था कि हमारे वातावरण में शुद्ध हवाएं हुआ करते थे। साथ ही हमारा पारिस्थितिक तंत्र भी मजबूत हुआ करता था, परंतु जैसे-जैसे जनसंख्या वृद्धि हुई, वैसे वैसे वनों की कटाई ने हमारे वातावरण को काफी ज्यादा प्रभावित कर दिया है।

ऑक्सीजन की कमी के चलते आज का व्यक्ति कम उम्र में ही कई बीमारियों से ग्रसित हो जाता है, साथ ही कम उम्र में ही ईश्वर को प्यारा भी हो जाता है। इसीलिए लोगों को हमारे आस पास के वातावरण का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

बड़ी-बड़ी छुट्टियों में वृक्ष देखने भी नहीं मिल पाते यही कारण है कि ज्यादातर प्रदूषण बड़ी सिटी में ही होता है। आज हम एक ऐसे फार्म स्टे की बात करेंगे जहां का वातावरण एकदम स्वच्छ और साफ है, क्योंकि वहां करीब 800 वृक्षों के बीच रहने का स्थान बनाया गया है। तो यह विस्तार से जाने फार्म हाउस के बारे में।

कहानी है तमिलनाडु के दो भाइयों की

भारत के तमिलनाडु (Tamil Nadu) राज्य के उदुमलपेट के रहने वाले दो भाई गौतम और सतीश ने अपने फार्म हाउस (Farm House) को कुछ इस तरह बनाया की लोग देख हैरान रह गए। इस फार्म हाउस मैप नारियल के 800 से भी ज्यादा वृक्ष (800 Trees) है और फार्म हाउस को बनाने में एक भी वृक्ष को काटा नहीं गया है। क्योंकि सतीश और गौतम जब अपने शहर में कुछ बड़ा करना चाहते थे।

उन्होंने फार्म स्टे हाउस बनाने का विचार अपने माता-पिता के सामने रखा तब उनके माता-पिता ने साफ साफ शब्दों में कहा कि वह उनकी कामयाबी में दखलअंदाजी नहीं करना चाहते खेतों में सब कुछ कर सकते हैं, परंतु पेड़ पौधों को बिना नुकसान पहुंचाए उनकी बात को समझते हुए गौतम और सतीश ने इस बात का पूरा ध्यान रखा कि वृक्षों को कुछ ना हो।

इको फ्रेंडली तरीके से बनाया गया है इस फार्म हाउस को

उदुमलपेट इलाका की तिरुमूर्ति पहाड़ों के नीचे बना यह पर्यटन स्थल ढेरों खूबसूरती समेटे हुए हैं। ऊंचे ऊंचे पहाड़ होने की वजह से यह क्षेत्र काफी खूबसूरत है, जिस वजह से गौतम ने इस जगह को इको फ्रेंडली फार्म स्टे हाउस (ECO Friendly Farm Stay House) के लिए चुना।

गौतम बताते हैं कि उन्होंने लोगों को प्रकृति से जोड़ने के लिए इस स्थान को इको फ्रेंडली बनाने का फैसला किया। टूरिज्म उनके फार्म स्टे हाउस में ट्रैकिंग हिल्स, डैम और खेतों की सैर करने जैसा आनंद का लुफ्त उठा सकते हैं। इस प्रोजेक्ट को कोयम्बटूर के A Plus R Architects के संस्थापक राघव के द्वारा बनाया गया है।

राघव का कहना है कि यह प्रोजेक्ट अन्य प्रोजेक्ट से काफी कठिन है, क्योंकि इसमें इस बात का ध्यान रखना था कि किसी भी वृक्ष को किसी भी प्रकार का नुकसान ना पहुंचे। साथ ही उन्होंने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए रीसायकल चीजों का इस्तेमाल ज्यादा किया है।

यह फार्म हाउस बनाने में करनी पड़ी काफी मेहनत

प्रोजेक्ट बनाने की शुरुआत लैंडस्कैपिंग से हुई उसके बाद डिजाइन के बारे में गहन चर्चा की गई उसके बाद फार्म स्टे हाउस का कंस्ट्रक्शन का काम प्रारंभ हुआ। आपको बता दें इस घर को बनाने में किसी भी प्रकार का कठोर मटेरियल यूज़ नहीं किया गया है।

याने इस घर को बनाने में ना तो सीमेंट का उपयोग किया गया है और ना ही सीमेंट की ईट रेत आदि का। यह घर पूरी तरह इको फ्रेंडली है, इसको बनाने में सीएसईबी ब्रिक्स याने मिट्टी से निर्मित ईटों का इस्तेमाल कर बनाया गया है।

तमिलनाडु के अथंगुडी की हाथों से निर्मित टाइलें और कराईकुडी पत्थरों को घर के खंबे को बनाने के लिए प्रयोग में लिया है। इस फार्म हाउस को पुराने समय के घरों के हिसाब से बनाया गया है, जिसमें बीच में एक आंगन कभी निर्माण हुआ है। साथ ही आधुनिकता को भी ध्यान में रखा गया है।

पिछले महीने की गई है ओपनिंग

बताया जा रहा है कि इस फार्म स्टे हाउस का उद्घाटन पिछले ही महीने किया गया है जिसका नाम रा विला (Ra Villa) है। फार्म हाउस के निर्माता राघव बताते हैं कि यह देश का पहला ऐसा फार्म हाउस है, जिसका निर्माण 800 नारियल के पेड़ों के आसपास हुआ है।

बिना वृक्ष को काटे इतना बड़ा फार्म स्टे हाउस बनाने के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी। वे बताते हैं कि इस फार्म हाउस के अंदर कई जगह वृक्ष के तने देखने को मिल जाएंगे। लोग इस फार्म हाउस को देखने के लिए काफी उत्सुक नजर आ रहे हैं।

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