
Mahasamund: यदि कोई विद्यार्थी किसी मुकाम को पाने के लिए सच्चे मन से मेहनत करता है, तो वह विद्यार्थी उस चीज को पाके ही रहता है। कहते हैं यदि किसी चीज को बड़ी शिद्दत से चाहो तो पूरी कायनात उसे मिलाने की कोशिश करती है।
कुछ ऐसा ही हुआ है छत्तीसगढ़ राज्य के महासमुन्द जिले (Mahasamund district) के अंतर्गत आने वाला एक इलाका नयापारा में स्थापित एक स्कूल जिसका नाम स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल है। इस स्कूल में अध्ययनरत 11वीं कक्षा की छात्रा जिसका नाम रितिका ध्रुव (Ritika Dhruv) नासा मे सिटीजन साईंस प्रोजेक्ट (NASA Citizen Science Project) के चलते क्षुद्रग्रह खोज अभियान के लिए चुनी गई है।
दोस्तों यह बिटिया बहुत ही साधारण परिवार से हैं और इस बिटिया ने अपने इस काम से पूरे देश में नाम रोशन किया है। आज पूरा छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के साथ साथ पूरा भारत इस बेटी को ढेर सारी शुभकामनाएं दे रहा है।
देश के 6 बच्चे चुने गए हैं नासा में रिसर्च के लिए
नासा में सिटीजन साइंस प्रोजेक्ट का एक प्रोग्राम आयोजित किया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत भारत अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय खोज सहयोग कार्यक्रम में नासा की मदद कर रहा है। सोसाइटी फॉर स्पेस एजुकेशन रिसर्च एंड डेवलपमेंट (एसएसईआरडी) के द्वारा क्षुद्र ग्रह खोज अभियान शुरू किया जा रहा है।
इस प्रक्रिया में विज्ञान के छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए चयनित किया जा है। भारत देश से इस प्रोग्राम के लिए 6 बच्चों का चयन हुआ है, जो वैज्ञानिक बनने का सपना देख रहे हैं। इनमें छत्तीसगढ़ राज्य की सिरपुर गांव की रहने वाली एक बिटिया जो महासमुंद स्कूल स्वामी आत्मानंद इंग्लिश स्कूल की कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा है रितिका ध्रुव का चयन हुआ है।
रितिका के साथ वोरा विघ्नेश (आंध्रप्रदेश), वेम्पति श्रीयेर (आंध्रप्रदेश), ओलविया जॉन (केरल), के. प्रणीता (महाराष्ट्र) और श्रेयस सिंह (महाराष्ट्र) आदि बच्चो का भी चयन हुआ है। इन छात्रों द्वारा अंतरिक्ष के ब्लैक होल से ध्वनि उत्पन्न करने के विषय में महत्वपूर्ण रिसर्च की है इसीलिए इन विद्यार्थियों को शुद्र ग्रह की खोज के लिए चुना गया है।
पिता है साइकिल मैकेनिक और बेटी बनेगी वैज्ञानिक
छत्तीसगढ़ की रितिका एक बहुत ही छोटे और साधारण परिवार से बिलॉन्ग करती हैं उन्होंने कोई बड़े प्राइवेट कान्वेंट में पढ़ाई नहीं की उनके पिता एक साधारण से साइकिल मैकेनिक हैं। उनकी हैसियत के हिसाब से उन्होंने अपनी बेटी को छत्तीसगढ़ राज्य के द्वारा संचालित सरकारी स्कूल स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाई कराई है, परंतु वे बहुत ही होनहार छात्रा है।
उन्होंने नासा जैसे रिसर्च सेंटर में अपने लिए जगह बनाई है। रितिका बचपन से ही चाहती थी कि वे एक वैज्ञानिक बने और देश के लिए शानदार खोज कर सके। सफलता से पूरा छत्तीसगढ़ राज्य खुशी से झूम रहा है।
छत्तीसगढ़ राज्य के सीएम भूपेश बघेल और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम रितिका ध्रुव की इस बहतरीन सफलता के लिए उन्हे ढेर सारी शुभकामनाएं देते हैं और उनकी इस उपलब्धि के लिए काफी ज्यादा खुश भी हैं। महासमुंद के कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर भी उनके क्षेत्र की बिटिया की सफलता के लिए काफी खुश हैं और उन्होंने कहा कि महासमुंद में काफी प्रतिभा शाली छात्र-छात्राएं है, जो इस देश का गौरव है।
घर से 43 किलोमीटर दूर है रितिका का स्कूल
रितिका ध्रुव बचपन से ही काफी होनहार छात्रा रही है, उन्होंने अपने माता-पिता का नाम बचपन से ही रोशन किया है, परंतु उनकी सफलता इतनी आसान नहीं थी। उन्होंने बचपन से ही इस सफलता के लिए जोरदार मेहनत की है।
छत्तीसगढ़ राज्य की 16 वर्षीय आदिवासी बहन रितिका ध्रुव जी को राष्ट्रीय विमानिकी और अंतरिक्ष प्रबंधन (NASA) के लिए चुने जाने पर हार्दिक शुभकामनाएं 🙏
रितिका जी की बचपन से ही अंतरिक्ष संबंधी विषयों में दिलचस्पी रही है।
रीतिका जी के पिता साइकल रिपेयर का काम करते हैं। #AnshNAVINDIA pic.twitter.com/myp6SyEveo— Jr.Ansh yadav (@ansh_nav_in) October 29, 2022
आपको बता दें रितिका ध्रुव शहर में नहीं बल्कि एक गांव में रहती हैं, जो शहर से 43 किलोमीटर दूर है। छत्तीसगढ़ के सिरपुर गांव से रितिका साइकिल चलाते हुए महासमुंद शहर के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश स्कूल करीब 43 किलोमीटर साइकिल चला कर आती थी।
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल की कक्षा 11वीं की छात्रा रितिका ध्रुव का चयन @NASA के सिटीजन साईंस प्रोजेक्ट के अंतर्गत क्षुद्रग्रह खोज (Asteroid) अभियान के लिए हुआ है। आपको बहुत-बहुत बधाई एवं भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं। pic.twitter.com/bbEMBP6UCO
— Dr. Vivek Bindra (@DrVivekBindra) October 6, 2022
उन्होंने इस संघर्ष के लिए कभी किसी से शिकायत नहीं की वह चाहती, तो गांव के बच्चों की तरह ही गांव के स्कूल में पढ़ लिखकर अपना जीवन बिता देती, परंतु और बेहतरीन शिक्षा के लिए शहर के स्कूल को चुना।
माता पिता और गुरुजनों का आशीर्वाद कर गया कमाल
रितिका कहती है कि आज वे जिस मुकाम पर है, इसके हकदार उनके माता-पिता और उसके गुरुवर हैं, जिन्होंने उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाएं। वे बताती हैं कि उन्होंने जज पैनल में डॉ. बेलवर्ड (नासा), डॉ. जोनाथ (इसरो) और डॉ. ए. राजराजन (सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र) की उपस्थिति में नासा के कार्यक्रम के लिए आवेदन किया था। नासा के अधिकारियों की तरफ से भी उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं मिली।



