यहाँ शख्स ने ऑटो को चलते फिरते घर में बदला, इसमें बेडरूम, किचन के साथ वॉशरूम भी उपलब्ध है

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auto house
Arun built luxury house on auto itself. Tamil Nadu youth develops portable house on the auto and gave all the necessary facilities.

Chennai: दोस्तों हमारे भारत देश में हुनर की कमी नहीं है। आए दिन इंटरनेट पर मीडिया के जरिए ढेरों ऐसे हुनर मंद लोगों की कहानियां सुनते हैं, जिसमें उन्होंने अपने छोटे से घर गांव और साधारण नॉलेज रखने के बावजूद कुछ ऐसे आविष्कार कर दिए जिसे देखकर हर कोई हैरान हुआ। इसलिए कहा जाता है की हुनर उम्र का मोहताज नहीं होता।

ऐसी ही एक कहानी दक्षिण भारत से इंटरनेट पर बहुत तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें एक शख्स ने रहने की समस्या को बहुत गंभीरता से समझते हुए छोटे से ऑटो को चलते फिरते घर (Auto House) में कन्वर्ट कर दिया। वैसे तो मार्केट में कैरावन के नाम से अत्याधुनिक मूवेबल होम (Movable Home) उपलब्ध है, जिन्हें किसी मिनी ट्रक या बड़ी बस के चेसिस पर तैयार किया जाता है। परंतु यह कीमत में अत्यधिक महंगे होते हैं जिन्हें, हर कोई अफोर्ड नहीं कर सकता।

वहीं तुलनात्मक तौर पर यह ऑटो का कैरावन होम (Karavan Home) बहुत ही कम बजट में और छोटी सी स्पेस पर तैयार किया गया जिसे कोई भी एफोर्ड कर सकेगा। आइए जानते हैं किसने किया यह अविष्कार और क्या कुछ सुविधाएं तैयार की गई है इस चलते-फिरते ऑटो घर में।

आइए जानते हैं अरुण और उसके बैकग्राउंड के बारे में

दोस्तों हम आज जिस ऑटो कैरावन की चर्चा कर रहे हैं, उसे तैयार करने वाले हैं अरुण जो एक प्रोफेशनल आर्किटेक्ट है। यह नामक कल जिले तमिलनाडु राज्य के रहने वाले हैं। एजुकेशन की बात करें तो अरुण ने अपने ग्रेजुएशन की डिग्री चेन्नई से कंप्लीट की है यह एक बहुत ही साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को बिलॉन्ग करते हैं।

Auto house chennai
Chennai Youth Arun Auto house photo source Twitter.

उनके परिवार में हर कोई किसी छोटे-मोटे व्यवसाय से जुड़ा है। ऐसे में अरुण प्रभु (Arun Prabhu) का पढ़ाई करते हुए एक ही मोटो था कि वह कुछ ऐसा करें जिससे लोगों की जिंदगी में सुविधाएं बढ़ सके और आज उनका ऑटो कैरावन होम इसी सोच का परिणाम है।

झुग्गी झोपड़ियों में रहने के परिवेश को देखकर जेहन में आया ऑटो को घर बनाने का आईडिया

दरअसल बात उस समय की है जब अरुण चेन्नई में अपना ग्रेजुएशन कर रहे थे, इस दौरान उन्हें अपनी आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार रहने के लिए झुग्गी झोपड़ियों में जगह तलाश करनी पड़ी। उस समय उन्होंने महसूस किया की झुग्गी झोपड़ी या भले ही देखने में छोटी हो पर उन्हें बनाने में भी अच्छा खासा खर्च आता है।

जिसमें स्पेस की बात करें तो मात्र 100 से 200 स्क्वायर फीट जगह ही इस्तेमाल होती है और लागत पहुंच जाती है, 5 से 600000 RS तक परंतु इतने के बावजूद भी ऐसी बस्तियों में अक्सर गंदगी का अंबार होता है और सुविधाओं के मामले में इन झोपड़ियों के अंदर जिंदगी बेहद कठिन और चैलेंजिंग होती है।

अपनी 23 वर्ष की उम्र में इन्हीं सब परिस्थितियों दिन गुजारते हुए अरुण के मन में यह विचार आया कि क्यों ना एक ऐसा बजट होम बनाया जाए जो छोटी जगह में तैयार हो वह भी संपूर्ण सुविधाओं के साथ। और जरूरत पड़ने पर उसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट भी किया जा सके।

इस घर में मिलेंगी यह सारी सुविधाएं जो तैयार की गई है सिर्फ एक ऑटो में

आपको बताना चाहेंगे यह एक सामान्य ऑटो है, जिसमें कैरावान को तैयार किया गया है। इसमें 6×6 फुट जगह का इस्तेमाल किया गया है। सुविधाओं की बात करें तो एक मॉडलर किचन, छोटा से बैडरूम से जुड़कर वॉशरूम भी तैयार किया गया है।

आप फोटो में देख सकते हैं इसके छत पर बकायदा एक आराम चेयर रखी गई है एवं फ्रंट साइट पर सोलर पैनल भी लगाया है, जिसके जरिए 600 वाट तक की बिजली के उपकरण जैसे पंखे ट्यूबलाइट इत्यादि चलाए जा सकते हैं। 250 लीटर के वाटर टैंक के साथ 1 गार्बेज कंटेनर भी फिट किया गया है जिससे साफ सफाई का ध्यान रखा जा सके।

अरुण ने अपनी इस ऑटो कैरावन का नाम रखा है सोलो 0.1 बनाने में आई है इतनी लागत

दोस्तों अरुण ने अपने इस सपनों के घर को सोलो 0.1 का नाम दिया है। ये एक Self-Sustainable कैरावन होम है। जो झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को या अकेले ट्रैवल करने के शौकीन लोगों को कभी भी कहीं भी एक घर होने का एहसास देगा। इसकी कीमत मात्र 1 लाख रुपए है। जिसे बनाने में अरुण को करीब 6 महीने का वक्त लगा। अरुण अब इसे पेटेंट करवाना चाह रहा है। हम अरुण को इस सफलता के लिए शुभकामनाएं देते हैं।

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