अपनी कंपनी के 500 कर्मचारियों को करोड़पति बना चुके दिलदार बॉस गिरीश, अधिकतर युवा, जाने कैसे

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Freshworks Company CEO
Freshworks company listed in NASDAQ. CEO Girish Mathrubootham and Shan Krishnasamy, Founders of Freshworks software company.

Photo Credits: Twitter

Kerala: आज के समय में हर एक व्यक्ति आमिर बनना चाहता है, लेकिन दिन रात मेहनत करने के बाद भी सिर्फ कुछ ही उस मुकाम तक पहुंच पाते हैं। भारत में करोड़पति बनने के लिये नौकरी और व्यवसाय दोनों मे अधिकतर कारोबारियों को ही करोड़पति (Crorepatis) बनते देखा है, लेकिन आज हम आपको एक एसी कंपनी के विषय में बताने जा रहे हैं, जिसके 500 कर्मचारी करोड़पति बन गये है।

इन दिनों इंटरनेट पर एक ऐसी कंपनी चर्चा का विषय बन गई है। खबर यह है कि इस कंपनी ने अपने 500 कर्मचारियों (500 Company Workers) को कुछ ही समय में करोड़पति बना दिया है। जिस कंपनी के विषय बात हो रही है, वो चेन्नई (Chennai) की एक कंपनी और अभी इसका हेड क्वार्टर कैलीफोर्निया में है, जिसका नाम है, फ्रेशवर्क्स कस्टमर सर्विस सॉफ्टवेयर मेकर कंपनी (FreshWorks Customer Service Software Maker Company) है।

कंपनी के कर्मचारियों के करोड़पति बनने की ख़बरों के बाद कंपनी के संस्थापक का भी जिक्र किया जा रहा है। कंपनी के संस्थापक गिरीश मातृभूतम (Girish Matrubhootam) हैं, जिनकी कर्मचारी हितैषी ने कर्मचारियों को करोड़पति बना दिया है।

कर्मचारी कैसे बने करोड़पति

असल में हाल ही में कंपनी को नैस्डेक स्टॉक एक्सचेंज (Nasdaq Stock Exchange) में शामिल कर लिया गया है। कंपनी को पब्लिक और मार्केट 3 बिलियन डॉलर यानी भारतीय मुद्रा के अनुसार 22 हजार करोड़ का पूंजी हासिल किया है। इस प्रक्रिया में कंपनी के 500 कर्मचारी रातो रात करोड़पति बन गए हैं।

कंपनी के शेयर भी लिस्टिंग प्राइज से 30 प्रतिशत अधिक में ट्रेड कर रहे थे। ऐसे में कहा जा सकता है कि कंपनी के आईपीओ (IPO) के कारण से और कंपनी के पब्लिक होने से ही कर्मचारियों के करोड़पति बनने का ख़्वाब पूरा हो गया।

बात यह है कि कंपनी (Fresh Works Company) के दो तिहाई कर्मचारी शेयर धारक हैं और इनमें 500 से ज्यादा शेयर के कारण से करोड़पति बन गए हैं। करोड़पति बनने वाले कर्मचारियों में 69 की उम्र 30 वर्ष से कम है।

कंपनी के सीईओ (CEO Girish Mathrubootham) इस बात से प्रसन्न हैं और वो उन्होंने आईपीओ के जरिए अपने कर्मचारियों के सपनों को पूरा किया है और कर्मचारियों का ख्याल रखना उनकी जिम्मेदारी है। कुछ ख़बरों में सीईओ की ओर से कहा गया है कि उनकी कंपनी में 76 प्रतिशत कर्मचारी शेयर के मालिक हैं।

कौन हैं गिरिश मातृभूतम

इकॉनोमिक्स टाइम्स (Economics Times) की एक रिपोर्ट के हिसाब से मातृभूतम ने अपनी पढ़ाई के बाद जोहो (ZOHO) में कार्य किया। फ्रेशवर्क्स की स्थापना जब हुई, तब तक संपूर्ण विश्व में कई कंपनियां इस क्षेत्र में उतर चुकी थीं। उन्होंने फ्रेशवर्क्स की शुरुआत वर्ष 2010 में की थी।

उस समय मातृभूतम और शान कृष्णसामी (Shaan Krishnasamy) ने क्लाउड बेस्ड कस्टमर सर्विस सॉफ्टवेयर पर कार्य प्रारंभ किया था। इसके बाद वर्ष 2011 में कंपनी को पहली राशी प्राप्त हुई और Accel ने इसमें 10 लाख डॉलर भारतीय मुद्रा के अनुसार लगभग 7 करोड़ 50 लाख निवेश किया। इशके बाद कंपनी ने कई प्रोजेक्ट के साथ कई कंपनियों जोड़ा और कारोबार लगातार बढ़ गया।

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