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Delhi: भारत की बेटी पूर्ण रूप से भारत की हो या भारतीय मूल की हो, वह देश-विदेश में झंडे गाड़ ही देती है। जहाँ दुनिया का कोई हत्ता कट्टा मज़बूत पुरुष भी नहीं पहुँच पाता है, वहां पर एक भारतीय मूल की बेटी पहुँच गई और पूरी दुनिया के सामने एक मिसाल पेश की। अब लोग इनसे प्रेरणा ले रहे हैं।
भारतीय मूल (Indian Origin) की कैप्टन हरप्रीत चंडी (Captain Harpreet Chandi) ने अपनी हिम्मत से इतिहास बना दिया है। 32 वर्षीय ब्रिटिश सिख आर्मी ऑफ़िसर कैप्टन हरप्रीत चंडी, दक्षिण ध्रुव (South Pole) तक अकेले यात्रा करने वाली भारतीय मूल की पहली महिला बन गई हैं।
अब यह रिकॉर्ड कोई और नबी बना पायेगा। अगर किसी ने ऐसा किया (Treks the South Pole) भी, तो वह दूसरा भारतीय मूल का कहलायेगा। बिना किसी सहायता के कैप्टन हरप्रीत चंडी ने ये ट्रेक कम्प्लीट कर लिया। अब यह भारतीय मूल की बेटी पूरी दुनिया में फेमस हो रही है और पोरे जगत से लोग इन्हे बधाई दे रहे है। ब्रिटैन में लोग इनके जस्बे को सलाम कर रहे हैं।
कैप्टन हरप्रीत चंडी (Captain Harpreet Kaur Chandi) ने लिखा कि ये एक्सपीडिशन सिर्फ़ उनके लिए नहीं था। वो चाहती हैं कि लोग अपनी हदों को पार कर जाएं और ख़ुद पर भरोसा करे। कैप्टन चंडी कहा, मैं चाहती हूं आप रेबेल के टैग के बग़ैर वो सब हासिल करें। मुझे अनेक बार कहा गया है तुम नॉर्मल काम किया करो, लेकिन हम अपना नॉर्मल ख़ुद तय करते हैं।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़, कैप्टन चंडी ने हल ही में अपने लाइव ब्लॉग में ख़ुद सभी को ये खबर दी। कैप्टन चंडी ने 7 नवंबर, 2021 को अपनी इस कठिन एडवेंचर यात्रा की शुरुआत की थी। उन्होंने बताया की 40 दिन में स्लेज को खिंचते हुए 1,127 किलोमीटर का सफ़र पूरा किया। अब साउथ पोल को विजय करने वाली हरप्रीत को पोलर प्रीत (Polar Preet) कहा जा रहा है।
#NetSnippet | Indian-origin British Sikh Army officer and physiotherapist Captain Harpreet Chandi has created history by becoming the first 'woman of colour' to successfully complete an unsupported solo expedition to the South Pole on January 3. pic.twitter.com/jKyk9mMBUu
— NORTHEAST TODAY (@NortheastToday) January 5, 2022
चंडी ने माइनस 40 डिग्री तापमान और 60 mph रफ़्तार से चलने वाली हवाओं का डटकर सामना करते हुए अपनी मंजिल प्राप्त की। उन्होंने केवल 19 साल की उम्र में हरप्रीत चंडी ने आर्मी रिज़र्व्स जॉइन किया था और 25 साल में वे रेगुलर आर्मी (British Army) की सदस्य बनाई गई थीं।
Congrats to Captain Harpreet Chandi to become the first Indian-origin woman and the first woman to trek solo, to the South Pole after a gruelling journey that spanned across 40 days.#harpreetchandi #polarpreet #solotrek #woman #india #indiamarket #socialmedia #traveller pic.twitter.com/6upFI5rWyP
— IndiaMARKET (@IndiaMarket_App) January 5, 2022
आपको बता दें की कैप्टन हरप्रीत चंडी, उत्तर पूर्व इंग्लैंड के मेडिकल रेजिमेंट की सदस्य हैं। साउथ पोल तक ट्रेक करने से पहले उन्होंने French Alps में Crevasse ट्रेनिंग पूरी की थी। हरप्रीत ने आइसलैंड के Langjokull Glacier तक ट्रेक किया और बर्फ़ की सफ़ेद चादर से ढके ग्रीनलैंड में 27 दिन बिताए। इसके लिए उन्होंने भारी टायर खिंचने की प्रैक्टिस कर ख़ुद को स्लेज खिंचने के लिए तैयार किया था।
First Sikh solo treks the South Pole.
British Sikh Army officer Captain Harpreet Kaur Chandi, 32, physiotherapist known as "Polar Preet", has created history by becoming not only the FIRST Sikh woman but also FIRST woman of colour to complete an unsupported solo treks South Pole pic.twitter.com/grIpNseTTY
— Harjinder Singh Kukreja 🇺🇦 (@SinghLions) January 5, 2022
कैप्टन चंडी अपने सफ़र के दौरान ब्लॉग्स अपलोड करती रहीं और उन्होंने अपना ट्रेकिंग मैप भी शेयर किया। कैप्टन हरप्रीत चंडी ने सफल होने के तुरंत बाद लिखा की मैं साउथ पोल तक पहुंच गई, यहां बर्फ़बारी हो रही है। मैं एक साथ कई इमोशन्स और फीलिंग को महसूस कर रही हूं। तीन साल पहले तक मुझे पोलर वर्ल्ड के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और अब विश्वास नहीं हो रहा है कि मैं यहां पहुंच गई हूँ। यहां तक पहुंच पाना बहुत कठिन था और मैं उन सभी को धन्यवाद देती हूँ, जिन्होंने मुझे सपोर्ट किया।



