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Delhi: जब बचपन का कोई सपना सच होता है, तब दुनिया की साड़ी ख़ुशी एक साथ मिल जाती है। ऐसे ही एक लड़के की कहानी हम बता रहे है, जो हिमाचल प्रदेश के मंडी (Mandi) जिला के सरकाघाट उपमण्डल की सुलपुर बही पंचायत के खरसल गांव का रहने वाला है। आज अनिरुद्ध शर्मा सेना में फ्लाइंग लेफ्टिनेंट बनने के बाद अब फाइटर प्लेन उडाएंगे।
मीडिया में आई खबरों में बताया गया की हाल ही में पूना की सैन अकादमी खड़गवासला में आयोजित पासिंग परेड में अनिरूद्ध ने फ्लाइंग लेफ्टिनेंट (Flying officer) के तौर पे भाग लिया। अब अनिरुद्ध अगले एक वर्ष तक हैदराबाद में वायुसेना की प्रशिक्षण अकादमी में फाइटर प्लेन उड़ाने का प्रशिक्षण लेगा।
अनिरुद्ध शर्मा के परिजनों ने इस भव्य परेड में कोविड संकट के चलते भाग नहीं लिया और डिजिटल प्लेटफार्म पर ऑनलाइन देखा। अनिरुद्ध के पिता प्रवीण कुमार शर्मा बैंक (Bank) में अधिकारी हैं और माता अनिता शर्मा गृहणी हैं। अनिरुद्ध की इस सफलता पर उसके दादा ईश्ववर दास और सम्पूर्ण परिवार जन ने प्रसन्ता प्रकट करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
अनिरुद्ध शर्मा की शिक्षा उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद स्थित जयपुरिया पब्लिक स्कूल में हुई और इन्होंने सीबीएससी की जमा दो की परीक्षा में समूचे प्रांत में प्रथम स्थान पर उत्तीर्ण की। अनिरुद्ध के दादा ईश्वरदास शर्मा ने बताया कि उसकी बचपन से ही सेना में जाने की इच्छा थी और आकाश में उड़ते हुए हवाई जहाज को देखकर पायलट बनने के सपने देखता था।
उन्होंने प्रथम प्रयास में ही एनडीए की परीक्षा अखिल भारतीय स्तर पर 12वें स्थान पर रहकर उत्तीर्ण की और उसका चयन 18 वर्ष की आयु में ही सैन्य अकादमी खड़गवस्थला के लिए हवाई सेना में हो गया। इस जगह पर भी अनिरुद्ध शर्मा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और प्रथम श्रेणी में NDA की परीक्षा पास कर अपने सपने को साकार किया। अनिरुद्ध शर्मा फुटबाल खिलाड़ी हैं और उसने राष्ट्रीय स्तर पर उत्तरप्रदेश राज्य का प्रतिनिधत्व किया है। मतलब उन्होंने पढाई एयर खेल दोनों में ही सफलता साहिल की है।



