राजस्थान का चोखी ढाणी शहरी गांव जहां पर राजस्थान की असल संस्कृति और कला ऊभरकर दिखती है

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Chokhi Dhani Jaipur
All about Chokhi Dhani village near Jaipur Rajasthan. You should come in Chokhi Dhani village and experience the true culture of Rajasthan.

Jaipur: भारत में 28 राज्य हैं और सभी राज्य अपनी अपनी संस्कृति और सभ्यता के लिए विख्यात है। भारत का राजस्थान (Rajasthan) शहर कला और संस्कृति के लिए जाना जाता है। यह वह शहर जहां आज भी राजा रानी के महलों का साक्ष्य है।

यदि कोई भी व्यक्ति भारत की यात्रा करने निकलता है, तो उसे सबसे पहले राजस्थान आना चाहिए। क्योंकि राजस्थान एक ऐसा राज्य है, जहां पर घूमने के लिए ढेरों जगह है और यहां के खाने से लेकर यहां का पहनावा तक विश्व विख्यात है।

आमेर, जयगढ़, हवा महल, अल्बर्ट हॉल म्यूजियम, नाहरगढ़, आदि जैसे कई प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है जो पर्यटक को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं। इसके अलावा भी एक ऐसी जगह है जिसके बारे में लोग जानते हैं और राजस्थान में वे इसी जगह को घूमने आते हैं।

इस जगह का नाम है “चोखी ढाणी” रिसॉर्ट (Chokhi Dhani Resort)। यह रिसोर्ट को शहर में होने के बावजूद एक गांव का लुक दिया गया है, जहां पर राजस्थान की संस्कृति उभरकर दिखती है। यदि आप चोखी ढाणी के बारे में नहीं जानते और जानने की इच्छा रखते हैं तो यह लेख आपके लिए काफी उपयोगी साबित होने वाला है।

क्या खास है इस चोखी ढाणी में

राजस्थान के जयपुर से करीब 15 से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह चौकी ढाणी (Chokhi Dhani) अपने नाम और काम से प्रसिद्ध है। चोखी ढाणी का अर्थ अच्छा गांव है। आपको बता दें वर्ष 1989 मैं जयपुर शहर के बीचो बीच 10 एकड़ जमीन पर फैला एक गांव की तरह दिखने वाला रिजॉर्ट (A Resort Looks Like Village) है, जो सभी सुख-सुविधाओं से संपन्न है।

इस रिसोर्ट के अंदर क्षेत्रीय लोक नृत्य, खेल, लोकगीत, जादू और ज्योतिष ज्ञान सभी चीजें दिखाई पड़ेगी। इस क्षेत्र का लोक नृत्य जैसे कालबेलिया नाच भी कहा जाता है काफी प्रसिद्ध है। इसके साथ ही क्षेत्र के खेल जैसे कंचे का खेल कठपुतली का खेल विश्व विख्यात है और यहां के लोकगीत पर नाचते हुए युवक और युवतियां साथ में अपने हाथों की सफाई दिखाता हुआ।

जादूगर ताश के पत्तों से भविष्य दिखाने वाला ज्योतिष लोगों का मन बहुत जल्दी मोह लेते हैं। इसी रिसोर्ट के अंदर आप ऊंट की सवारी, हाथी की सवारी और नौका बिहार भी कर सकते हैं। एक देहाती पैटर्न पर आधारित मेला भी लगाया जाता है जहां पर लोग अपने बचपन की यादें ताजा करते हैं।

चोखी ढाणी के सैर का वर्णन

इस शहर की शुरुआत मेन गेट पर बैठे मारवाड़ी गेट अप में एक मुनीम जी के द्वारा टिकट लेने से होती है। टिकट लेने के पश्चात आप जैसे ही रिसोर्ट के अंदर प्रवेश करते हैं तो राम राम सा की आवाज का गुजना प्रारंभ हो जाती है। माथे पर तिलक लगाकर स्वागत करने के पश्चात आप पूरी तरह फ्री होते हैं रिसोर्ट में घूमने के लिए। आप यहां तस्वीर भी ले सकते हैं।

जैसे जैसे आप आगे बढ़ते हैं आपको कई तरह के स्टॉल दिखाई देते हैं जहां पर लोग संगीत पर नाचते हुए युवक अपनी तरफ आमंत्रित करते हैं। इसके बाद आपको कई प्रकार की स्टाल दिखती हैं जहां पर आप तरह-तरह के पकवान के मजे ले सकते हैं, हर स्टॉल में राजस्थानी भाषा में उसका टाइटल लिखा होता है।

आपको यहां आकर लगेगा कि आप वाकई में किसी गांव में है और आप पूरी तरह इस माहौल में घुल मिल जाएंगे। इसके बाद आप यहां कठपुतली का नाच, आग के करतब, नट का खेल, जादू का खेल आदि के साथ ज्योतिष की भविष्यवाणी भी देख पाएंगे। इतना ही नहीं यहां पर आप हल्दीघाटी के युद्ध और राजस्थान के इतिहास को भी देख सकेंगे। इस रिसॉर्ट के अंदर आपको भारत के अंदर की अनेकों चीज देखने को मिलेंगे।

फन जोन के साथ ले सकते हैं खाने का भरपूर आनंद

गाँव की सैर, नाव की सैर, झरने की सैर, मालिश के साथ निशानेबाजी के खेल और ऊँट की सवारी और हाथी की सवारी, बैलगाडी की सवारी यहां का सबसे प्रसिद्ध खेलों में से है। इस जगह की तारीफ जितनी करो उतनी कम है। यहां की यात्रा जीवन में कभी ना भूले जाने वाली यात्रा में से एक होगी।

इस रिसोर्ट की सबसे खास बात यह है कि इसके अंदर ही चोखी ढाणी का बाजार है, इस बाजार में राजस्थान की हर प्रसिद्ध चीजें उचित दाम पर मिलती हैं। आप इस बाजार में मोलभाव नहीं कर सकते, क्योंकि उस दुकान पर बेच रहे समान को अंकित मूल्य पर बेचना वहां की कर्मचारियों की मजबूरी है, क्योंकि इसमें उन्हें ज्यादा मुनाफा नहीं होता।

इसके बाद आता है चोखी ढाणी प्रसिद्ध खाना। दिन भर घूमने के बाद जब आपको जोरों से भूख लगेगी तो आप वही पर्ची दिखाकर एक झोपड़ी की तरह दिखने वाले बड़े से हॉल में पहुंचेंगे जहां आपको हजारों की संख्या में बैठे पर्यटक दिखाई देंगे।

उस हॉल के कर्मचारी काफी एनर्जी के साथ वहां आए सभी पर्यटकों को बड़े ही प्यार से खाना परोसते हैं। पत्ते की थाली में सांगरी के साथ राजस्थानी पकवान दाल बाटी चूरमा, गट्टे का साग, कढ़ी, सब्जी दो तीन तरह के अनाज की पूरिया जलेबी नमकीन लस्सी और कई प्रकार के पकवान सर्व किए जाते है।

यदि आप राजस्थान के पर्यटक शहरों में घूमना चाहते हैं, तो आपके लिए सबसे अच्छा समय सर्दियों का मौसम याने नवंबर से मार्च का महीना होता है इस समय राजस्थान के आसपास के इलाकों का मौसम अनुकूल होता है बजाय गर्मी के। गर्मी के मौसम में मौसम काफी गर्म होता है, उस समय राजस्थान की सैर करना काफी कठिन होता है।

चोखी ढाणी रिजल्ट में एक वयस्क व्यक्ति को 700 से 1100 RS देने होते हैं और बच्चों का 400 से 700 RS लगता है। इसी के साथ हम बात करेंगे चोखी ढाणी पहुंचने तक के लिए परिवहन साधनों की तो आपको बता दें। आपको ट्रेन रूट, हवाई रूट और सड़क रूट सभी मार्ग बेहतरीन है।

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