
Bhagalpur: अभी के व्यस्त समय और भाग दौड़ वाली जॉब या काम में लोगों को अपने लिए खाना बनाने की फुर्सत नहीं मिल पाती है। लैस लोग बाहर का खाना खाने को ही मज़बूर होते हैं। उन्हें घर का खाना बहुत कम ही नसीब होता है। ऐसे में एक शख्स ने एक रोबोट बनाया है जो आपके पसंद का खाना बना देगा। बिहार (Bihar) के भागलपुर (Bhagalpur) जिले के नौगछिया के निवासी अभिषेक भगत (Abhishek Bhagat) ने एक रोबोट (Robot) बनाया है। यह रोबोकुक नाम का रोबोट खाना बनाने में सक्षम है।
अभिषेक ने रोबोकुक (ROBOCOOK) का डिजाइन 2006 में ही बना लिया गया था, जिस समय वह केवल 14 साल के थे। फिर बाद में इसके लिए उन्हें नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन की तरफ से सम्मानित भी किया गया था। आपको बता दें की रोबोकुक एक ऐसा कुकर है, जिसमें आप कई तरह की डिश बना सकते हैं।
आज 27 साल के हो चुके अभिषेक बताते हैं की वे पढ़ाई में अच्छे नहीं थे और बचपन में शैतानी करने की वजह से उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया था। उनके माता-पिता भी उनसे बहुत परेशान थे, लेकिन एक रिश्तेदार के कहने पर उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए पटना के एक बोर्डिंग स्कूल भेज दिया गया।
अभिषेक ने एक पत्रकार को बताया की वह अपने माता-पिता के लिए अक्सर चाय बनाते थे। इससे उन्हें कुछ ऐसा करने का आईडिया आया, जिससे चाय खुद ही बन जाए और उन्हें ज्यादा मेहनत ना करनी पड़े। काम भी आसान हो जाये। इसके लिए उन्होंने खूब दिमाग लगाया।
जब वे 8वीं क्लास में थे, जब उन्होंने ने एक बॉक्स (Box) बनाया। इसके नीचे एक ढक्कन लगा था। इसके वॉल पर, उन्होंने इलेक्ट्रोमैग्नेट और ढक्कन पर एक फिक्स्ड मैग्नेट लगा दिया।सबसे अच्छी बात यह रही की इसमें जब करंट नहीं जाता था, तो दोनों चिपके रहते थे और करंट देते ही दोनों अलग हो जाते थे। इसमें टाइमिंग सेट करने के लिए चार अलार्म भी लगाए गए थे।
आईडिया काम कर रहा था, तो इस इनोवेशन को वे और आगे लेजाना चाहते थे। परन्तु उनके घर की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी, की उसपर पैसा लगाया जा सके। ऐसे में उन्होंने एपीजे अब्दुल कलाम को एक लेटर लिखा। वैसे तो उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इसका कोई रिप्लाई आएगा। लेकिन कुछ दिनों के बाद उन्हें राष्ट्रपति भवन से एक लेटर आया, जिसमे उन्हें अपनी योजना को नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन, अहमदाबाद भेजने का सुझाव दिया गया था।
उन्होंने एक अख़बार को बताया की उन्हें 2 साल के बाद इसका रिप्लाई आया था। वहाँ पर उन्हें इग्नाइट अवार्ड समारोह में बुलाया गया। वहां राष्ट्रपति डॉ कलाम जी को देख कर उन्होंने मन बना लिया था कि अगले साल इस पुरस्कार को मैं ही जीतूंगा। उन्होंने इसे कर भी दिखाया और एक अनोखा रोबोटिक कुकर बनाने के लिए NIF द्वारा सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार पाकर सम्मानित हुए।
बिहार:- भागलपुर के अभिषेक ने बनाया 25 तरह
के व्यंजन बनाने वाला "रोबोकुक"#InnovationinBharat pic.twitter.com/i2V6MvwjzP— Samrat Kumar (@SamratStc) August 4, 2021
अभिषेक बताते है कि मैंने इस रोबोट कुकर (Robot Cooker) में टाइमिंग को घड़ी में प्रोग्राम कर दिया। इसमें 9 बॉक्स लगे थे। जिसमें मेंशन होता था की क्या पकाना है और कब डालना है। इसमें खाने की क्वांटिटी खुद से तय करनी होती थी।
इसे मॉडिफाइड करने के मकसद से अभिषेक ने INF और देसमानिया डिजाइन की मदद से एक ऐसा कुकर डिजाइन कर लिया, जिसमें क्वांटिटी भी ऑटोमेटिक ली जाती थी। इस इनोवेशन को 2012 में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल द्वारा सम्मानित किया गया।
AUTOMATIC COOKING SYSTEM: ROBOCOOK MADE BY BIHAR YOUTH ABHISHEK BHAGAT. pic.twitter.com/n0NWQZydKz
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फिर कुछ समय बाद साल 2018 में अक्षय कुमार (Akshay Kumar) ने अपनी फिल्म पैडमैन (Padman) के वक़्त भी कई आविष्कारकों को सम्मानित किया था। इसमें अभिषेक का भी नाम लिस्ट में शामिल रहा, जिसमें उन्हें 5 लाख रुपए और पुरुस्कार मिला। फिर उन्होंने रोबोटिंग गैजेट प्राइवेट लिमिटेड की शुरुआत की। युवा वैज्ञानिक के तौर पर उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन में भी भारत की तरफ से हिस्सा लिया।
AUTOMATIC COOKING SYSTEM: ROBOCOOK pic.twitter.com/IcbdKt2P7p
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अब अभिषेक अपने इस रोबोट कीकर रोबोकुक (RoboCook) में ऐसे फीचर जोड़ने पर विचार कर हैं, जिसमें एक मोबाइल एप रोबोट कुकर को आर्डर देगी। अभिषेक बताते हैं की टेस्टिंग के मकसद से B2B मार्केट में वह अब तक 15 से अधिक यूनिट बेच चुके हैं। आज उनके इस कुकर (Cooker) की कीमत 15 हजार रुपए के आस पास है। अभी इसमें और भी काम किया जाना है।



