एक 10वीं फेल व्यक्ति ने सस्ता मिट्टी का फ्रिज बनाया, गरीबो के काम आया, अब 3 करोड़ का बिजनेस हुआ

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Mansukhbhai Prajapati
10th fail MansukhBhai Prajapati made mitticool clay refrigerator. Rural Innovator create a clay refrigerator run without electricity.

Photo Credits: Twitter

Bhuj: बहुत ही महान हस्ती से कहते सुना है कि इंसान अपने जीवन में सफलता केवल दो चीजों से पा सकता है, एक मेहनत दूसरे किस्मत। इसमें मेहनत 95 प्रतिशत हिस्सेदार होती है और किस्मत केवल 5 प्रतिशत। इस बात को साबित किया गुजरात राज्य का एक व्यक्ति जो कक्षा दसवीं में फेल हो गया था उनका नाम है मनसुख भाई प्रजापति।

इस व्यक्ति ने भारत की मिट्टी जो एक खरा सोने के समान है, उससे अपनी कामयाबी की नींव रखी और इतने कामयाब हुए कि आज लोग उन्हें मिट्टी पुत्र भी कहते हैं। गुजरात (Gujarat) के मनसुखभाई प्रजापति (MansukhBhai Prajapati) आज मिट्टी के बर्तनों और मशीनों के अविष्कारक है। उनके द्वारा अभी तक मिट्टी का फ्रिज, मिट्टी का कूलर और वाटर प्यूरीफायर जैसे बड़ी-बड़ी मशीनों का आविष्कार किया।

एक समय ऐसा भी था जब मनसुखभाई केवल एक कुम्हार के बेटे थे, परंतु उन्होंने आज अपने खानदानी व्यवसाय से और मातृभूमि की मिट्टी से जुड़कर एक ऐसा कारोबार खड़ा किया कि आज वे इस कारोबार से साल का 30000000 रुपये कमाते हैं, तो चलिए जानते हैं, मनसुख भाई के जीवन से जुड़े अनसुने और अनजाने वाक्य को।

मनसुख भाई का संघर्ष भरा जीवन

मनसुख भाई कुम्हार जाति में आते हैं। यही कारण है कि वह बचपन से ही मिट्टी से जुड़े रहे और बड़े होकर अपना भविष्य भी मिट्टी से जोड़ा। वह काफी गरीब परिवार से थे। उनका परिवार मिट्टियों के बर्तन मटकी आदि बनाकर बेचा करते थे। परंतु आधुनिक चीजों के चलते उनके व्यापार में दिनों दिन कमी आती गई। इसीलिए उनके पिता चाहते थे कि उनका बेटा कुछ ऐसा करें जिससे उनका घर परिवार अच्छे से चल सके।

मनसुख भाई कहते हैं कि उनके माता-पिता अपने व्यवसाय के लिए काफी मेहनत करते थे, सुबह 4 बजे से उठकर शाम के 7-8 बजे तक उनका काम चलता था। परंतु मेहनत के हिसाब से कमाई नहीं हो रही थी। इसलिए उनके माता पिता चाहते थे कि वे अच्छे से पढ़े लिखे हैं और उनके परिवार को संभाले परंतु वे कक्षा 10 में फेल (10th Fail) हो गए इसके बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी।

पढ़ाई छोड़ने के बाद उनके पिता द्वारा खुलवाई गई चाय की दुकान पर उन्होंने चाय बेची कुछ समय बाद उन्होंने चाय की दुकान बंद कर टाइल इंडस्ट्री में नौकरी की लगभग 5 साल नौकरी कर उन्होंने वहां से बहुत कुछ सीखा और इसके बाद वर्ष 1995 में वे अपने पारंपरिक कार्य की तरफ लौटे परंतु इस बार उन्होंने बहुत कुछ सीखा हुआ था और अपने काम को एक नया आयाम देना चाहते थे।

शुरुआत की मिट्टी के तवे की मशीन से और फ्रिज तक बना डाला

मनसुखभाई के करियर की शुरुआत मिट्टी के तवे बनाने वाली मशीन से हुई। इसके बाद उन्होंने मिट्टी की प्लेट चम्मच के साथ उन्होंने कई तरह के प्रयोग कर मिट्टी से वाटर प्यूरीफायर बनाया जो तालाब के पानी को साफ कर पीने योग्य बना सके मनसुख कहते हैं कि उन्होंने जो भी बनाया आज तक वह गांव वालों की परेशानी को देखते हुए बनाया।

उनका सबसे बड़ा अविष्कार फ्रिज है वह भी मिट्टी का। मिट्टी के फ्रिज (Mitti Ka Fridge) को बनाने का आइडिया कहां से आया इसके बारे में बताते हुए कहते हैं कि उनका बिज़नेस काफी तेजी से चल रहा था परंतु वर्ष 2001 में एक भूकंप के झटके ने उन्हें काफी नुकसान पहुंचाया इसके बाद उन्होंने अपने काम को रफ्तार देने के लिए बिना बिजली से चलने वाला फ्रिज का निर्माण करने का विचार किया यह फ्रिज काफी सस्ता है।

इससे व्यक्ति आसानी से खरीद सकता है और इसके अंदर फल फ्रूट सब्जियां और दवाई आदि 6 से 7 दिनों तक सुरक्षित रह सकता है। यह फ्रिज पूर्ण रूप से इको फ्रेंडली (Echo Friendly) है। मनसुख भाई का कहना है कि यदि आप इस मिट्टी कूल के अंदर दूध रखते हैं, तो आपका दूध 24 घंटे के लिए सुरक्षित रहता है।

आगे भी कहते हैं कि ग्रामीण क्षेत्र के लोग इलेक्ट्रॉनिक फ्रिज खरीदने लायक नहीं होते और जैसे तैसे ले भी लें तो। गांव में बिजली (Electricity) की समस्या के कारण उसका इस्तेमाल ढंग से नहीं किया जा सकेगा। इसीलिए उन्होंने इस फ्रिज का निर्माण किया परंतु अब उनका फ्रिज गांव के अलावा शहरों की कई घरों में भी देखने मिल रहा है।

अपने 250 मिट्टी के प्रोडक्ट से साल का 3 करोड़ रूपया कमाते है

बिना इलेक्ट्रिसिटी से चलने वाले मिट्टी कूल (Mitticool Clay Refrigerator) के अविष्कार के बाद मनसुख भाई ने वर्ष 2002 में 700000 रुपये का लोन लिया और मिट्टिकुल नाम से एक कंपनी की स्थापना की। जहां मिट्टी के बर्तन से लेकर मिट्टी की मशीनों को बनाया और बेचा जाता है। धीरे-धीरे अपने काम में सफल हुए और आज वे इस कंपनी से करोड़ों रुपए कमाते हैं।

एक रिपोर्ट के अनुसार मिली जानकारी से पता चला है कि मनसुख भाई ने अभी तक 250 से भी ज्यादा मिट्टी के प्रोडक्ट बना चुके हैं और उन प्रोडक्ट में किचन से संबंधित प्रोडक्ट ज्यादा मिलते हैं, जैसे फ्रिज और फिल्टर के साथ प्लेट, चम्मच, तवा, कड़ाही, प्रेशर कुकर, नॉन-स्टिक तवा, गिलास, बोतल, कटोरी आदि। मनसुखभाई के द्वारा निर्मित प्रोडक्ट देश के साथ विदेश में भी छाए हुए हैं। अपने काम के चलते मनसुख भाई ने सैकड़ों गरीब महिला और ग्रहणीयों को रोजगार उपलब्ध कराएं।

PM मोदी जी और Dr कलाम के द्वारा किया गया सम्मानित

मनसुखभाई के इस कारनामे ने उन्हें जीवन की ऊंचाइयां दी हैं, जिसके बारे में शायद सोच भी नहीं सकते थे आज उन्हें देश के साथ साथ विदेश से आए लोगों से भी सम्मान मिल रहा है। उन्हें अभी तक कई अवार्ड से नवाजा जा चुका है इसी में फ्रांस और यूरोप जैसे कई देश भी शामिल ह

मनसुख को भारत के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम, प्रतिभा पाटिल और प्रणब मुखर्जी जेसे कई दिग्गजों के द्वारा नेशनल अवार्ड से नवाजा गया है। इतना ही अमेरिका जैसे देश के कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में उनकी लाइफ और उनसे जुड़े इनोवेशन सीबीएसई के कक्षा ग्यारहवीं के पाठ्यक्रम में भी शामिल किया गया है।

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