जब एक आठवीं फेल बालक छोटी उम्र में बना एक्सपर्ट और कमा रहा करोड़ों रुपये, अंबानी भी सर्विस लेते है

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Trishneet Arora Hacker
Trishneet Arora, Entrepreneur. Founder and CEO, TAC Security. He failed 8th standard, now owns cyber security firm. He was just 19 when he started his own company.

Mumbai: आज के दौर में अलगभग सभी माता-पिता अपने बच्चों को यह जरूर कहते हैं कि पढ़ोगे तो कुछ बनोगे। अगर स्कूल कॉलेज में बधाई नहीं की तो जिंदगी में कुछ नहीं कर पाओगे। यह बात मुंबई के एक लड़के ने गलत साबित करके दिखा दिया है। इस लड़के ने अपनी खुद की काबिलियत की दम पर सफलता की नई मिसाल पेश की है।

आपको बताना चाहेंगे कि त्रिशानीत अरोड़ा नाम का एक लड़का है, जिसका पढ़ाई में बिल्कुल भी मन नहीं लगता था। त्रिशानीत के घरवाले उसके लिए काफी चिंतित रहा करते थे। इसके बावजूत उसने छोटी सी उम्र में कुछ ऐसा कर दिखाया, जो उस उम्र के बच्चे के लिए करना बहुत मुश्किल है।

आज के समय में त्रिशानित (Trishneet Arora) साइबर सिक्योरिटी में काफी एक्सपर्ट (Cyber Security Expert) बन चुके हैं। उनको बचपन से ही कंप्यूटर (Computer) का काफी शौक था वह अक्सर अपने कंप्यूटर पर वीडियो गेम खेला करते थे, लेकिन उनके पिता इस बात से काफी चिंतित रहते थे कि वह सारे दिन कंप्यूटर पर गेम खेलते हैं।

उनके इतना कंप्यूटर गेम (Computer Game) खेलते के चलते उनके पिता कंप्यूटर में पासवर्ड लगा दिया करते थे, लेकिन त्रिशानीत कंप्यूटर में इतने एक्सपर्ट रहे है कि वह कंप्यूटर का पासवर्ड हैक करके गेम खेलने लग जाते। यह सब देख कर उनके पिता को उनसे काफी प्रभावित हुए और उन्हें एक नया कंप्यूटर ला कर दिया। कहा की अच्ची चीज़े सीखो।

अब दिक्कत यहाँ हो गई की त्रिशानित आठवीं कक्षा में फेल (Failed In 8th) हो गए। उनकी कम्प्यूटर में इतनी रुचि थी कि सारा वक्त इसी में चला जाता, बाकी सब्जेक्ट्स की तैयारी के लिए उनके पास समय ही नहीं होता था। जिसके बाद उसके पिता ने उससे कंप्यूटर के बारे में पूछा कि तुम कंप्यूटर केयर (Computer Care) में कुछ करना चाहोगे।

तो वह (Trishneet Arora) अपनी पढ़ाई छोड़कर कंप्यूटर शिक्षा (Computer Education) लेने के लिए जुट गए। केवल 19 साल की उम्र में उन्होंने कंप्यूटर फिक्सिंग और सॉफ्टवेयर क्लीनिंग करना सीख लिया था। जिसके बाद वह छोटे-छोटे प्रोजेक्ट पर काम करने लगे।

त्रिशानीत कंप्यूटर में इतना एक्सपर्ट हो चुके थे कि वह लोगों कंप्यूटर से जुड़े छोटे-छोटे काम करने लग गए और इसी के चलते उन्हें छोटे-छोटे प्रोजेक्ट भी मिलने स्टार्ट हो गए थे। लेकिन शायद उनको काफी बड़ा बनना था, इसलिए वह लगातार मेहनत करते रहे और कंप्यूटर के बारे में और भी ज्यादा सीखते रहे।

आज त्रिशनित एथिकल हैकर (Ethical Hacker) हैं। एथिकल हैकिंग में नेटवर्क या सिस्टम इन्फ्रास्ट्रक्चर की सिक्युरिटी इवैल्युएट की जाती है। त्रिशनित एथिकल हैकर हैं। एथिकल हैकिंग में नेटवर्क या सिस्टम इन्फ्रास्ट्रक्चर की सिक्युरिटी इवैल्युएट की जाती है। सर्टिफाइड हैकर्स इसकी निगरानी करते हैं, ताकि कोई नेटवर्क या सिस्टम (Computer) इन्फ्रास्ट्रक्चर की सिक्युरिटी तोड़कर कॉन्फिडेन्शियल चीजें न तो उड़ा सके और न ही वायरस या दूसरे माध्यम से कोई नुकसान पहुंचा सके।

फिर वह 23 साल की उम्र में भारत की बड़ी बड़ी कंपनी जैसे रिलायंस, एसबीआई बैंक, एवन साइकिल उनकी क्लाइंट बनी। वर्तमान समय में उनके भारत में 4 ऑफिस हो चुके हैं और उन्होंने हाल ही में एक ऑफिस दुबई में भी खोला है। यहाँ तक के अम्बानी भी उनसे साइबर सर्विस ले चुके है और उनके क्लाइंट है। वे बताते हैं कि आठवीं में पढ़ता था, उस वक्त भी कम्प्यूटर और एथिकल हैकिंग में मेरी दिलचस्पी थी।

उन्होंने टीएसी सिक्युरिटी नाम की साइबर सिक्युरिटी कंपनी (Cyber Security Company TAC Security) बनाई। त्रिशनित अब रिलायंस, सीबीआई, पंजाब पुलिस, गुजरात पुलिस, अमूल और एवन साइकिल जैसी कंपनियाें को साइबर से जुड़ी सर्विसेज दे रहे हैं। एक अलग इंटरव्यू में कहा था कि वे कंपनी का टर्नओवर बढ़ाकर इसे दो हजार करोड़ रुपए तक ले जाना चाहते हैं। वे ‘हैकिंग टॉक विद त्रिशनित अरोड़ा’ ‘दि हैकिंग एरा’ और ‘हैकिंग विद स्मार्ट फोन्स’ जैसी किताबें लिख चुके हैं।

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