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Delhi: देश में कई लोग नौकरी करते हैं और अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। कुछ नौकरी पेशा लोग घर भी लोन लेकर ले लिया करते हैं और हर महीने की सैलरी से लोन की क़िस्त चुकाते हैं। कुछ समय या सालों बाद वह सपनो का घर पूरा लोन चुकने के बाद अपना खुदका हो जाता है।
अब आप सोचिये की जब एक अच्छी चल रही नौकरी से अचानक एक दिन काम छोड़ देने का आदेश मैनेजमेंट की तरफ से आ जाये, तो यह बहुत ही हैरान करने वाला और दुःखद होता है। अगर ऐसा किसी के साथ हो जाता है, तो दुखी होने के बजाये, आने वाले भविष्य के बारे में प्लानिंग करनी चाहिए।
कई कंपनियां अपनी लागत कम करने के लिए छटनी करती है। ऐसे में कई कर्मचारी बड़ी टेंसन में आ जाते हैं की उनकी नौकरी ना चली जाये। परन्तु ऐसी स्थिति में आत्मविश्वास को ना खोते हुए आगे के नए अवसर खोजने की जरुरत होती है। आज की परिस्थिति में ऐसे संकट का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।
आपको याद होगा की 2008-2009 में जब पूरी दुनिया की वैश्विक अर्थव्यवस्था गड़बड़ाई और मंदी आई थी, तो कई देश इस मंदी की चपेट में आ गये थे। इस आर्थिक मंदी का असर रोजगार पर भी पड़ा और कई लोगो को उनकी नौकरी से निकल (Lost Job) दिया गया।
इसी कड़ी में लंदन (London) में काम कर रहे भारतीय मूल के कामगार सुजय और सुबोध (Sujay Sohani and Subodh Joshi) को भी अपनी नौकरी गवानी बड़ी थी। दोनों को उनकी जॉब से निकाल दिया गया।
बता दें की सुजय (Sujay Sohani) एक 5 स्टार होटल में पेय पदार्थ के प्रबंधक के तौर पर जॉब करते थे। नौकरी जाने के बाद पैसों की दिक्कत होने लगी और आर्थिक स्थिति डगमगाने लगी थी। सुबोध भी नई नौकरी की खोज कर रहे थे। ऐसे में परेशान सुजय ने सुबोध से बात की। दोनों ही मित्र बांद्रा मुंबई के रिजवी काॅलेज से 1999 में एक साथ होटल मैनेजमेंट की पढाई कर चुके थे और परिचित थे।
सुजय (Sujay Sohani) मूल रूप से महाराष्ट्र के ठाणे मे रहते थे और सुबोध (Subodh Joshi) वडाला के रहने वाले थे। दोनों लंदन में नौकरी (Job In London) करने लगे थे। सुबोध ने कहा कि उसके पास तो ‘वड़ा पाव’ (Vada Pav) तक खरीदने के पैसे नहीं है और यही से उनके दिमाग में ‘वड़ा पाव’ बेचने का ख़याल आया। इसी बात चीत से उन्हें लंदन में वड़ा पाव के बिजनेस करने की तरकीब सूझी।
थोड़ी खोज बीन करने और छोटी की रिस्क लेकर 15 अगस्त 2010 में दोनों ने ‘श्री कृष्णा वड़ा पाव’ (Shri Krishna Vada Pav) का शुभारम्भ किया। उस वक्त एक अच्छी लोकेशन को खोजना, वो भी कम बजट में बहुत ही कठिन था। थोड़ा खोजने के बाद एक आईसक्रिम पाॅर्लर मालिक ने उन्हें 35000 रुपये (400 पौण्ड) महीने केकिराये पर अपनी जगह दे दी।
Famous Vada Pav Centers across the world :
1 Shree Krishna Vada Pav London : Cost: £1 2 Daana, Canberra, Australia : Cost: 4 Australian Dollar …
3 Bombay Times Restaurant, Dubai : Cost: 4 Dirham 4 Bombay Duck company, Newyork : Cost: 4-5$ pic.twitter.com/L7yCAqTOpo— Shailendra Ahluwalia (@ahlu13) April 26, 2018
दोनों ने अपना व्यापार (Business) शुरू किया और एक वड़ा पाव 80 रु (1 पौण्ड) और ढ़ेबली (मुंबई स्नैक्स) 131 रुपया (1.5 पौण्ड) में बेचना शुरु किया। परन्तु इससे कोई अच्छा फायदा नहीं हुआ। उन्होंने पाया कि उन्हें वड़ा पाव बेचने के लिए थोड़ी मार्केटिंग करनी पड़ेगी। वे दोनों तो नौसीखिए व्यापारी थे।
ऐसे में वे दोनों अपने वड़ा पाव को लेकर सड़क पर आये और इसे इण्डियन बर्गर (Indian Burger) के रुप में लोगो के सामने पेश किया। इसे नार्मल मिलने वाले बर्गर से सस्ता और स्वादिष्ट बताया। यह सही में बर्गर जैसा था और उससे सस्ता भी था।
Shree Krishna Vada Pav in Hounslow #London. For People who miss Misal,Vada n Samosa Pav in London. pic.twitter.com/WEvE9teq94
— Capitalist Comrade (@KonJaatHoTum) September 8, 2013
बर्गर 4 पौण्ड का होता था, तो यह इण्डियन बर्गर (Vada Pav as Indian Burger) आधे दाम का, मतलब 2 पौण्ड का था। उनकी यह तरकीब बहुत कारगर साबित हुई और इसका फायदा होने लगा। फिर कुछ समय में लंदनवासियों के बीच वड़ा पाव काफी फेमस हो गया।
कुछ समय में सुजय और सुबोध ने 4.4 करोड़ के टर्नओवर का बिजनेस किया है। लंदन में दोनों दोस्तों ने मुंबई के सामान्य वड़ा पाव को एक फेमस स्नैक्स (Famous Snacks) रूप में पहचान दिलवाई है। आज लंदन में ‘श्री कृष्णा वड़ा पाव’ के 4 आउटलेट है। इन चारों जगह पर भारतीय और विदेशी लोगो की भीड़ लगी रहती है।



