
Jaipur: बहुत समय से हमारे किसान पारंपरिक खेती को ही बढ़ावा देते आ रहे हैं। सामान्य रूप से किसान सब्जी और अनाज का उत्पादन ही करते हैं। लेकिन आज के समय में अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए किसान नए नये प्रयोग के साथ नई नई टेक्नोलॉजी को भी अपना रहे है। वे अधिक मुनाफा देने वाली फसलों का चुनाव कर रहे हैं।
कुछ अलग तरह की खेती के जुनून से आगे बढ़ रहे है। अलग करने की चाह मोती किसानों के लिए मुनाफे वाला विकल्प बन कर उभरा है। इसका उत्पादन कर किसान लाखों में मुनाफा कमा रहे हैं। कहते है मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती। ऐसा ही कुछ राजस्थान (Rajasthan) के रेनवाल (Renwal) के रहने वाले नरेंद्र कुमार गरवा (Narendra Kumar Garwa) के साथ हुआ।
दरअसल, नरेंद्र गरवा एक आम परिवार से है और वह प्रारब्ध में किताबें बेचने का काम करते थे। बहुत मेहनत के बाद भी उनको कुछ तरक्की हासिल नहीं हो पाई और इसके बाद में उन्होंने कुछ नई पहल करने की सोची और इतना ही नहीं उन्होंने गूगल पर सर्च करते समय मोती की खेती (Pearl Farming) के बारे में पढ़ा, इससे उन्हें जानकारी प्राप्त हुई कि राजस्थान में कम लोग ही इस कार्य के बारे में जानते हैं और फिर उन्होंने प्रारंभ में अपने घर की छत पर मोती की खेती की बागवानी खेती शुरू की।
मोती (Pearl) एक प्राकृतिक रत्न है, जो शिप से उतप्पन्न होता है। बाहरी कणों के शिप के अंदर प्रवेश करने से मोती की पैदावार होती है। मोती तैयार होने में करीब 14 माह का समय लग जाता है। मोती की गुणवत्ता के अनुसार उसकी कीमत तय की जाती है। एक सामान्य मोती की कीमत 300 से 1500 रुपए तक होता है। वहीं डिजायनर मोती के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में 10 हजार रुपए तक की कीमत मिल जाती है।
कमाई का जरिया बना सोशल मीडिया
लोगों के द्वारा उनका मजाक उड़ाना और उन्हें डिमोटिवेट करने और तो और उन्हें लोग पागल कहने लगे। इन सबके बावजूद भी नरेंद्र गरबा (Narendra Garwa) ने खेती करना नहीं छोड़ा। खेती करने के प्रति अपने इस जुनून को उन्होंने कभी खत्म होने नहीं दिया हम आपको बता दें कि नरेंद्र गरबा की मोती की खेती ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह से बदल दिया। जिसके चलते आज उनकी वर्तमान सालाना कमाई लगभग 5 लाख रूपए की है।
मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री भी दे चुके हैं शुभकामनाएं
अपने जीवन के सबसे यादगार पल को साझा करते हुए नरेन्द्र बताते हैं कि उनके जीवन का वह पल सबसे यादगार था, जब पूर्व कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने उनके काम की सराहना की और शुभकामनाएं दी।
राजस्थान में नरेंद्र मोती की खेती कर रहे, थोड़ी सी जगह में यह काम करके सालाना 9 लाख रुपए कमा रहे। pic.twitter.com/aMs5fuQ9UF
— sanatanpath (@sanatanpath) April 4, 2022
जिसका फायदा उन्हें आगे जाकर हुआ, जब भी उन्हें किसी भी प्रकार की आवश्यकता की जरूरत पड़ती है, सरकार उनकी मदद के लिए हमेशा तत्पर रहती है। वर्तमान समय में उनकी पूरे इलाके में अच्छी खासी पहचान बन चुकी है। बहुत से युवाओं ने उनसे प्रेरणा लेकर उन्हें अपना मेंटर बना लिया है।
हालिया समय में नरेंद्र 300 गज के एक प्लाट में अपना व्यापार कर रहे हैं। नरेंद्र आगे बताते हैं कि उन्होंने अपने प्लाट में छोटे छोटे तालाब बना कर रखे है। उनके अंदर वो मुंबई गुजरात और केरल के मछुआरों से खरीद कर लाए बढ़िया सीप को उन तालाबों में रखते हैं।
घर की छत पर सीप से मोती उगाने का हुनर आपको भी धनवान बना सकता है। राजस्थान ने नरेंद्र गरवा ने मोती की खेती अपने घर पर ही कर ली। आज साल के 5 लाख से ज्यादा काम रहे। pic.twitter.com/xsCAn6j35y
— sanatanpath (@sanatanpath) April 4, 2022
अच्छी खेती के लिए वह करीब एक हजार सीप एक साथ उन तालाबों में रखते हैं, इसके फलस्वरूप उन्हें साल डेढ़ साल के अंदर डिजाइनर दार और गोल मोती प्राप्त हो जाते हैं। मीडिया से बातचीत करते हुए अपने सफर के बारे में बताते है कि करीब 4 वर्ष पहले सीप की खेती करने का निर्णय लिया था, प्रारंभिक दिनों में उन्हें यह नहीं पता था कि इसकी शुरुआत कैसे करेंगे। बस इतना पता था की इस काम में कमाई अच्छी है।
इसी दौरान उन्हें जानकारी मिली कि ओडिशा में CIFA यानी सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्वाकल्चर नामक एक संस्थान है। जो सीप खेती के बारे में सिखाती है। कमलेश ने वहां जाकर कुछ दिनों तक सीप की खेती के बारे में बारीकी से जानकारी प्राप्त की और वहां से आकर फिर इन्होंने सीप की खेती की शुरुआत की और आज सालाना 5 लाख तक की कमाई कर रहे हैं।




