इस नानी और नातिन की जोड़ी ने ऐसा बिज़नेस शुरू किया की कुछ ही महीने में 4 लाख रुपए कमाये

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Nani's Speacial Sweets
Nani and Natin Started Homemade Sweets Business Nani's Special and earning in lakhs. 65 Year old Granny Manju Devi Poddar Starts Sweets Business.

Photo Credits: Nani’s Special on Social Media

Kolkata: हमारे राष्‍ट्र का खान-पान, हमारी सभ्‍यता का एक प्रमुख हिस्‍सा हैं और अगर इसमे बात मिठाईयों की हो, तो वह एक स्‍पेशल भूमिका अदा करती हैं। अगर मिठाईयों की हम बात करे, तो प्रत्‍येक एरिया के मिठाईयों की एक अपनी एक अलग ही विशेषता होती हैं। परन्‍तु अगर कोलकाता के मिठाईयों की बात आती है तो ये सिर्फ अपने देश में ही नही, बल्कि विदेशमें भी इसका जलवा बरकरार है।

कोलकाता शहर में निवास करने वाली 65 वर्षीय मंजू देवी पोदार (Manju Devi Podar) और उनकी नातिन याशिन चौधरी (Yashin Chaudhary) जिसकी उम्र 21 वर्ष थी। वे दोनो मिलकर अगस्‍त 2020 में मिठाई का व्‍यापार नानीज स्‍पेशल नाम से शुरू किया।

इस व्‍यापार से उन्‍हें इतना प्राफीट हुआ कि वे मात्र आठ माह में ही चार लाख रूपये (4 Lac Ru) का मुनाफा कमा चुकी थी। उनके हाथो से बनी मिठाईयों का स्‍वाद कोलकाता शहर (Kolkata City) के अलावा दूर–दूर तक फैल चुका हैं। 65 वर्षीय मंजू पोदृार ने अपने निवास से ही इसका व्‍यापार आरम्‍भ किया हैं।

प्रारंभ से ही उन्‍हें खाना बनाना ओर खिलाने की कला थी। उन्होंने अगस्‍त 2020 में अपनी नातिन के साथ मिलकर नानीज स्‍पेशल नामक फूड का व्‍यापार करना आरम्भ किया। अपने मिठाईयों बनाने की कला में माहिर वे ग्राहकों को दस प्रकार से ज्‍यादा की विभिन्‍न प्रकार की मिठाईया, भुजिया, नमकीन, चिउरा, कचौडी, मटर की पूडि़या आदि को खिलाने की व्‍यवस्‍था कर रही हैं।

उनके बिजनेस को आरम्‍भ हुए मात्र आठ माह ही हुए हैं। लेकिन लोगो की भीड़ बहुत उमड़ रही है, मीडिया से बातचीत के दौरान याशी ने कहा कि महामारी की वजह से जब पूरे देश में लॉकडाउन की स्थिति निर्मित हुई थी। तब उनको अपनी नानी के साथ ज्‍यादा समय गुजरने का मौका मिला हुआ था। इस मौके को वो व्यर्थ जाने नही देना चाहती थी।

उनका कहना है कि उनके नानी के हाथो से बनी मिठाईया उनके घर वालो को बहुत ही अच्‍छी लगती हैं। मै पहले कभी भी नानी के यहा आती थी तब वह हमेशा से ही विभिन्‍न विभिन्‍न प्रकार की खाने की चीज रेडी रखती थी। लेकिन देश में लगे लॉकडाउन की अविध में मैंने अपनी नानी के साथ भरपूर समय को व्‍यतीत किया।

जब वे मिठाईया बनाती थी और सभी लोग उनके हाथो से बनी मिठाईयो को प्‍यार से खाते हुये देखती थी, तो मुझे ऐसा महसूस होता था कि नानी ने खुद का व्‍यापार क्‍यों नही प्रारंभ करती। लेकिन एक दिन नानी से बात करते करते मैंने कहा कि क्‍यों न आप अपना फूड व्‍यापार आरम्‍भ कर लेती। लेकिन एकाएक वह इस बात को मानने रेंडी नही हुई, लेकिन मेंरे द्वारा बारबार समझाने पर वह इस फूड बिजनेस के लिये तैयार हो गयी।

पिछले वर्ष जन्‍माष्‍ठमी आने के पूर्व याशी ने इस व्‍यापार को प्रारम्‍भ करने की कोशिश शुरू कर दी। उनका कहना था कि वे एक स्‍टार्ट करना चाहती थी। इस लिए बहुत ही छोटे लेबल पर वह इस बिजनेस को आरम्भ किया। वे अपनी मौसी की बच्ची के साथ मिलकर नानीज स्‍पेशल (Nani’s Special) नाम का लोगो डिजाइन किया।

अपने व्‍हाट्सप से अपने फैमिली और दोंस्‍तो को इस बिजनेस के बारे में जानकारी देने के लिये कुछ विकल्‍प तैयार किये। जिसमें उन्होंने ये जानकारी दी की उनकी नानी ने अपना फूड का व्‍यापार (Food Business) तैयार कर लिया हैं।

अगर किसी को चाहिए, तो वह मिठाइ्रयों का आर्डर दे सकता हैं। उनका कहना है कि बिजनेस (Nani’s Special) र्स्‍टाट करने के कुछ समय मे ही उनको ऑडर मिलने स्टार्ट हो गये। तब उनके चहरे में हंसी आई। उनको लगा मेहनत सफल हुई।

जब प्रथम बार जन्‍माष्‍टमी का पर्व आया तों, उन्‍हें 40 थाली मिठाईयों के ऑडर मिले। एक थाली में चार विभिन्‍न प्रकार की मिठाईया थी, जिसमे मावेकी परवल, नारियल चक्‍की, पेड़ा और अजवाइन चक्‍की, ये सभी प्रकार की मिठाईया नानी ने स्‍वयं ही तैयार की थी।

फिर हम सब ने मिलकर मिठाईयों को बहुत अच्‍छे ढंग से व्यवस्थित करके लोगो के घरों तक पहुँचाया। पहले ही आर्डर में हमें लोगोे का इतना प्‍यार मिला कि हम वँहा से अब पीछे पलटकर देख हो नही सकते थे। बस यही वो प्‍लेटफार्म था, जहां से आरम्‍भ हुआ था नानी का फूड का बिजनेस।

सास का मिला साथ

खुद के खाना बनाने की शौकीन मंजू बताती हैं कि वे केवल 15 वर्ष की उम्र में ही विवाह के बंधन में बंध गयी थी। विवाह के पूर्व उन्‍हें भोजन बनाना नही आता था और शादी के बाद जब वह खाना बनाना शुरू करने लगी, तो उन्‍हें कुछ बनाना नहीं आता था। तब मेरी सास ने धीरे-धीरे खाना बनाना सीखाया। जिससे मंजू को भी खाना बनाने और खाना बनाने की नई नई विधियों को सीखने में आनंद आने लगा। शादी के दो-तीन वर्ष के पशचात ही वह एक दम खाने बनाने की कला मे निपुण हो गयी।

नानी के खाने ने बनाया सबको दीवाना

याशी का कहना है कि नानी के हाथों में केवल न सिर्फ टेस्‍ट हैं, जबकि वह बहुत कम समय में बढिया से बढिया कार्य करने में विशेषता हासिल की हैं। इस उम्र में लोग कुछ करने की सोचते भी नही, लेकिन नानी ने मजबूत होसलो के साथ आगे कदम बढ़ाया।

आज उम्र के इस पड़ाव में भी उन्‍हें कोई प्राब्‍लम नहीं आती हैं। अपनी खुद की सेवा के लिये वे कोई अपनी सेविका भी नही रखी। लेकिन याशी को अपने नानी की स्‍वास्‍‍थ्‍य की भी टेंशन होती हैं।

जब आर्डर अधिक संख्‍या में होते हैं, तो बहुत बार वे एक दो व्यक्ति को कार्य के लिए बुला लेती है। मिठाईया बनाने की सारी जिम्‍मेदारी मंजू स्‍वयं ही लेती हैं। फिर भी उन्हें प्रतिदिन लगभग 10 आर्डर मिल जाते हैं, जो फेस्टिवल के मौके पर आर्डर की संख्या बढ़ जाती है।

विदेशो से मिले ऑडर

दिवाली और मकर संक्रानित के अवसर पर उन्‍हें न सिर्फ कोलकाता और इसके आस पास के शहर बल्कि हॉन्‍ग कान्‍ग और अमेरिका जैसे देश से भी आर्डर आएं। इसके अलावा अब बंगलुरू, अहमदाबाद, दिल्‍ली, जैसी स्‍थानो पर भी अपना मिठाईयों की डिशेज भेज रही हैं। परंतु कोलकाता के बाहर वह कम समय मे न खराब होने वाले स्‍नैक्‍स जैसे- भुजिया, मटृठी, पापड़, आचार आदि ही एयरटाइट कंटेनर में पैक करके भेजती हैं।

वे मिठाईयों के सभी प्रकार के आर्डर कोलकाता से ही लेती हैं। अगर हम पिछले कुछ टाइम की बात करे तो नानीज स्‍पेशल चार लाख रूपये तक का व्‍यापार करने में सक्‍सेस रहा हैं। अपने घर से मिठाईयों का बिजनेस (Sweets Business) कैसे आरम्भ करें

याशी और मंजू ने केवल एक टेस्‍ट के रिज्‍ल्‍ट के आधार पर अपना बिजनेस Nani Special आरम्‍भ किया और इस वजह से वे पहले आर्डर लेने में सफल रही। फिर इसमें और पूंजी लगाई। याशी का कहना है कि बिजनेस के शुरुआत में लगाई पूंजी मात्र 8000 रूपये तक की थी। जिसमें वें मिठाईयों को पैक करना और कच्‍चे सामाग्री को लाने का काम करती।

Money and investment presentation photo

फिर उन्होंने अपनी लागत मूल्‍य को निकाला। उनका यह बिजनेस इतना सक्‍सेस हुआ कि पहले ही आर्डर पर ही 3000 रूपये की कमाई हुई। जो मंजू जीवन की प्रथम कमाई थी। और उनका कहना है कि वे इस पैसों को बहुत ही संभालकर रखी हैं और इसे वह कभी भी व्‍यव नही करेगी।

याशी का कथन है कि हम अगर अपना खुद का व्‍यवसाय आरम्‍भ करना चाहते हैं, तो प्रथम दृष्टियां इस बात पर गौर करना होगा कि ऐसा क्‍या है, जो मार्केंट में नही मिलता हैं, अगर हमारी कोई विशेष प्रकार की मिठाई हैं, जिसका टेस्ट बिल्कुल ही अलग प्रकार का हैं या लोगो को बहुत ही अच्‍छा लगने वाला हैं। तो हमें इसकी पहल करना चाहिए।

मिठाई के व्‍यापार में कुछ भी जमा करके नही रख सकते हैं। इसलिए लोगो के आर्डर के हिसाब से ही अपनी मिठाईयों को बनाये। जिससे समान व्यर्थ ना जाये। मिठाईयों के निर्माण में एक बात सबसे महत्‍वपूर्ण है कि जो उसका स्‍वाद और उनकी क्‍वालिटी है। इसको हमेंशा लोगो के मन में बरकरार रखना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

कम पूंजी से शुरूआत करना चाहिए

किसी भी व्‍यापार की शुरूआत कम से कम पूंजी से ही करना चाहिए, क्‍यांकि अगर यह किसी वजह से असफल रहा, तो हमेंं यह ज्‍यादा नुकसान नहीं होगा। इसके लिए हमें आर्डर के हिसाब से ही कार्य को संपन्‍न करना चाहिए और अधिकतर कार्य हमें स्‍वयं ही करना चाहिए।

अगर आर्डर की संख्‍या मे बढोतरी हो रही है, तो हमें अपनी अवाश्‍यकता के हिसाब से एक सहायक रख सकते हैं। लेकिन कोशिश यही रहनी चाहिए कि कम से कम पूंजी को लगाना चाहिए जिससे नुकसान न हो किसी प्रकार का। जितना संभव हो सके अपने घर से ही कार्य करना चाहिए क्योकि अगर हम बाहर से निर्माण कार्य करेगे तो हमारा अतिरिक्‍त खर्च बढे़गा।

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