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Thane: भारत देश एक ऐसा देश है, जहाँ भगवान के प्रति गहरी आस्था होती है। वे हर चीज़ को भगवन का तोहफा मानते है। रसोई घर भी एक मंदिर की तरह होता है, जहाँ माँ अन्नपूर्णा निवास करती है। जो महिला काफी स्वादिष्ट खाना बनाती है अक्सर लोगो से सुना है कि उनको माँ अन्नपूर्णा का आशीर्वाद होता है।
बहुत पुरानी परंपरा चली आ रही है, टिफिन के व्यापार (Tiffin Business) की हॉस्पिटल से लेकर पढ़ने वाले विद्यार्थी और जो अपने घर परिवार से दूर रहकर जॉब करते है और उनके पास खाना बना कर खाने का समय नहीं होता है तो वे किसी होटल या किसी भोजनालय से टिफिन लेकर खाते है।
भारत में बहुत से क्षेत्र ऐसे है, जहाँ पर रोजगार नहीं है और न ही शिक्षा के लिए पर्याप्त अवसर इसी लिए काफी सारे युवा पढाई और नोकरी के लिये बड़े बड़े शहर अपने परिवार से दूर रहते है। ऐसे में वे अपने घर का खाना बहुत याद करते है।
वे रोज रोज किसी होटल में खाना नहीं खा सकते और घर का खाना अलग ही होता है। इसलिए हर शहर में कुछ महिलाएँ अपने हाथों से खाना बना कर टिफिन सेवा (Tiffin Service) देती है। साफ स्वच्छ और घर में बना खाना खा के बाहर रह रहे लोगो को होटल में खाना नहीं पड़ता और उनका स्वास्थ्य भी अच्छा बना रहता है।
साथ ही महिलाओं को अच्छा रोजगार भी मिल जाता है, जिससे वे आत्मनिर्भर और सशक्त बन जाती है। ऐसी ही एक कहानी है, एक महिला की जिसने अपने शौक को व्यवसाय बना लिया और साल का 1 करोड़ कमाने लगी आइये उनकी कहानी जानते है।
ललिता पाटिल की कहानी (lalita Patil Story)
महाराष्ट्र (Maharashtra) राज्य के ठाणे (Thane) इलाके की एक महिला जिनका नाम ललिता पाटील है। आज वे प्रतिमाह 6 से 7 लाख रुपये आसानी से कमा लेती है और उनके पुरे साल भर की इनकम एक करोड रुपये से भी अधिक है। वे करीब 10 से अधिक लोगों को अपने साथ काम पर रखी हुई है, जिससे उनको भी आमदनी हो रही है।

उन्होंने अपनी शुरुआत महज 2000 रूपये से की थी। ललिता इस व्यवसाय से पहले बच्चों को ट्यूशन दिया करती थी और साथ ही एक फार्मेसी कंपनी में दवाइयां बेचने का काम किया करती थी। परंतु वे अपने काम से संतुष्ट नहीं थी। वे चाहती थी की उनका स्वयं का एक व्यवसाय हो। इसी बीच उनके दिमाग में टिफिन सेवा करने का आईडिया आया और शुरू करते ही उनका व्यापार चल पड़ा।
शौक बना कारोबार
ललिता शुरू से ही खाना बनाने की शौकिन रही है और वे इतना अच्छा खाना बनाती थी। की लोग उनकी तारीफ करते नहीं थकते थे। लोगो के तारीफ से ही ललिता जी प्रेरित हुई और टिफिन सेवा का काम प्रारम्भ कर दिया। पहले पहल ग्राहक बनने में परेशांनी हुई। फिर धीरे धीरे उनकी मेहनत रंग लाई। ललिता कहती है। कि वे व्यापार तो कर रही थी, परंतु कोई उनको व्यापारी नहीं समझता था।
ललिता जी के मुताबिक लोगो का मानना था कि वे इस काम को छोटे स्तर पर घर से ही कर रही है। परंतु उनकी ख्याहिश थी की लोग उन्हें एक बिज़नेस वीमेन माने और उन्हें रिस्पेक्ट दें। वे बताती है कि उन्हें अपने काम को बढ़ाने के लिए पैसे की आवश्यकता थी। और उनके पास ज्यादा पैसे नहीं थे साथ ही उन्हें लोन नहीं मिल रही थी।
पैसे की कमी पड़ने पर Toto Help से ली मदद
ललिता का कहना है कि जब उन्हें लोन नहीं मिली, तो उन्हें एक जानकारी मिली की यूके की एक संस्था Toto help लोन उनकी मदद कर सकती है, यह संस्था जो अपना स्वयं से काम शुरू कर रहे होते है, उनकी मदद के लिए है। इसके बाद ललिता ने संस्था की की वेबसाइट पर लोन के लिए अप्लाई किया।
ललिता एक अख़बार को बनती है की इस संस्था की एक खासियत है कि यह आपको बिना इंटरेस्ट के लोन देती है। जब आपका व्यापार जम जाए और आपके पैसे आने लगे, तो आप उन्हें पैसे वापस कर सकती है। टोटो हेल्प लोन (Toto Help Loan) संस्था की तरफ से उनको 7 लाख रूपये का लोन सेंसन हुआ।
2000 हजार से 1 करोड़ तक पहुचाया अपने व्यापार को
लोन मिलते ही ललिता ने एक अच्छी दुकान खरीदी और अपनी दुकान से ही आपका काम प्रारम्भ किया। एक व्यापार जो सिर्फ 2000 रुपये से शुरू हुआ था, आज वो करोडो में पहुच गया है और इस व्यापार से ललिता महीने का 6 से 7 लाख रुपय कमा रही है। आज उनका सालाना टर्नओवर 1 करोड़ के आस पास हो रहा है। उनका टिफ़िन का व्यवसाय चल निकला है। उनके घर वाले खाने को लोग बहुत पसंद कर रहे हैं।



