बिहार के किसानों को ड्रैगन फ्रूट की खेती भा गई, अब लाखों की कमाई होने से आर्थिक स्थिति सुधर रही

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Dragon Fruit Farming
Bihar farmers started dragon fruit farming Dragon fruit farming is profitable farming business now. File free photo.

Motihari: भारत में खेती किसानी ही लोगो का मुख्य व्यापार है, भारत की जमीन काफी उपजाऊ है, इसलिए भारत की 80 फीसदी आबादी कृषि से अपना जीवन यापन कर रही है। आपको बता दें भारत के किसानों ने खेती का तरीका बदल दिया है, अब किसान पारंपरिक खेती किसानी ना करके आधुनिक तरीके से खेती कर रहा है।

आधुनिक खेती के अंतर्गत फल, सब्जी और ड्राई फ्रूट्स आते है। इन चीजों के उत्पादन से किसान लाखो रुपया का मुनाफा कमा रहा है। शिक्षा नीति में बदलाव के चलते देश की मुख्य परम्परा यानी कृषि और उससे संबंधित तथ्यों की शिक्षा देने पर बढ़ावा दिया गया है।

फलस्वरूप जो फल सब्जी और ड्राई फ्रूट्स भारत में नही उग सकते थे और भारत के बाहर अन्य देशों से आते थे, उनके उत्पादन के लिए रिसर्च करके भारत में ही उन चीजों का उत्पादन प्रारंभ कर दिया है। हर तरह की फसल के लिए मौसम और अनुकूल जलवायु की जरूरत होती है।

हर देश की जल वायु में फर्क है कुछ देश बेहद ठंडे है और कुछ देश बेहद गर्म इसलिए फसले भी इन्ही के अनुसार होती है। आपको बता दें भारत में ड्रेगन फ्रूट की खेती प्रारंभ हो चुकी है, ड्रेगन फ्रूट (Dragon Fruit) जो एक विदेशी फल है, इस फ्रूट की खेती (Pitaya Farming) से किसान लाखो रुपया कमा रहे है, तो आइए जानते है विस्तार से।

बिहार के रितेश पांडे की नई पहल

गांव में किसान गेहूं, चना, धान की पारम्परिक खेती किया करते थे, परंतु अब इंटरनेट ने किसानों के लिए एक सौगात पेश की है, इंटरनेट और कृषि विशेषज्ञों द्वारा किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी देते हुए कई तरह की नई तकनीक सिखाई है। जिससे किसान कम समय और कम लागत पर ज्यादा फायदा कमा रहे है।

इसी बीच एक खबर मिली जिसके अनुसार बिहार राज्य का मोतिहारी जिला जहा कुछ युवा किसान ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे है। इनके साथ बिहार राज्य के अंतर्गत आने वाले कई क्षेत्र है, जहा पर किसान आधुनिक खेती को अपना रहे है और उस खेती से लाखो का व्यापार कर रहे है।

Dragon Fruit Farming
Organic Dragon Fruit Farming Demo Photo From Pixabay

बिहार के मोतिहारी (Motihari) जिले का निवासी रितेश पांडे ने ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit Ki Kheti) करने का विचार बनाया और शुभारंभ किया। अपने कठिन परिश्रम और कुछ करने की चाह के कारण वे सफल हुए और काफी फायदा भी उन्हे हुआ। रितेश से प्रेरणा लेकर राज्य के कई इलाकों के युवा भी खेती करने के लिए आगे आए। रितेश ने इच्छुक लोगों को ट्रेनिंग भी देना प्रारंभ किया है। प्रदेश के लोग ड्रैगन फ्रूट को कमलम नाम से जानते है।

कई बिमारियों की सर्तियां दवाई है ड्रेगन फ्रूट

ड्रैगन फ्रूट बेहद गुणकारी फल है। यह कई बीमारियो से निजाद दिलाने में सक्षम है, इस फल की मुख्यतया 3 किस्म है, जो सेवन करने योग्य है। इस फल से डायबिटीज, गठिया, पेच जैसी बीमारियां दूर होती है। इसके लगातार सेवन से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसका मूल्य मार्केट में काफी ज्यादा होता है।

ड्रेगन फ्रूट के फायदे

ड्रैगन फ्रूट कैक्टस प्रजाति का पौधा है। कैक्टस (Cactus) कम पानी में मरुस्थलीय क्षेत्रों में उगता है। ऐसा ही ड्रेगन फ्रूट है, जो कम पानी और मरू भूमि में उगता है। इसके पौधे में कीड़े लगने जैसी समस्या नहीं होती। विदेशो मे ड्रैगन फ्रूट की काफी ज्यादा डिमांड है और उसकी खपत भी। इसलिए इस फल का मूल्य काफी ज्यादा है।

ड्रैगन फ्रूट बेहद सेहत मंद है, इसमें कई सारे मिनरल्स विटामिन होते है, जो शरीर के लिए बेहद जरूरी होते है। यह खेती बिहार के कई जिलें में हो रही है, जो निम्न है, सहरसा, पूर्णिया, सुपौल, खगड़िया, किसनगंज, अररिया, मोतिहारी और नालंदा आदि। बिहार के साथ अन्य स्टेट भी है, जैसे तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक आदि जो भरी पैमाने पर ड्रैगन फ्रूट्स की खेती कर रहें हैं।

ड्रैगन फ्रूट एक मौसम में 3 बार फल देता है

किसान युवा रितेश पांडे कहते है की ड्रैगन फ्रूट एक मौसम में करीब तीन बार फल उत्पादित करता है। यह फसल कम वर्षा वाले इलाको में बेहद आसानी से होती है। बरसात के मौसम के अलावा आप किसी भी मौसम में ड्रेगन फ्रूट के वृक्ष या फिर बीजो का रोपण कर सकते हैं। मार्च से जुलाई के बीच का मौसम इस फसल के लिए काफी उत्तम माना जाता है। एक बार पौधे के लग जाने के बाद यह वृक्ष करीब 25 वर्ष तक फलों का उत्पादन करता है।

आपको बता दे एक वृक्ष से करीब आठ से दस फल उत्पादित होते है और एक फल का वजन तीन सौ से पांच सौ ग्राम के आस पास होता है। इसकी कीमत बाज़ारो में तीन सौ से चार सौ रुपये प्रतिकिलो होती है और इस फल की वैल्यू समझने वाला व्यक्ति हर मूल्य पर इस फल को खरीदने के लिए तैयार होता है।

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