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Vidisha: आपको याद होगा की कुछ महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 दिसंबर को नए संसद भवन (New Parliament Building India) के लिए भूमिपूजन किया था। ऐसे में इस नए संसद भवन को लेकर सोशल मीडिया बहुत खबरे वायरल भी हुई और इसे एक मंदिर से जोड़कर ही देखा गया, जिसको लेकर कहा जा रहा है कि, भारत का नया संसद भवन (Parliament of India) मध्य प्रदेश के विदिशा में स्थित विजय मंदिर (Vijay Temple) की तरह बनाया जा रहा है।
पिछले कुछ समय से इन दोनों की तुलना करने वाली फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। बता दें कि कुछ यूजर्स भारत के नए संसद भवन को MP के विदिशा के विजय मंदिर (Vijay Mandir Vidisha) की नकल भी बता रहे हैं। असल में नए संसद भवन को ठीक से देखें तो इसका मॉडल देखने में एकदम विदिशा के विजय मंदिर की तरह लगता है। बता दे की पुराना संसद भवन भी मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना में स्थिक हिन्दू तांत्रिक मंदिर मितावली (64 योगिनी मंदिर मुरैना) की नक़ल है।
आपको बता दे की देश के नए संसद भवन और विजय मंदिर दोनों की आकृति त्रिभुजाकार है। ऐसे में दोनों की तुलना सोशल मीडिया पर की जा रही है। ऊपर से देखने पर विजय मंदिर और भारत का नया संसद भवन एक जैसे ही लगते हैं। विदिशा में विजय मंदिर का निर्माण परमार राजा (Paramara dynasty King) ने करवाया था। जिसे बाद में दिल्ली के मुगल बादशाह औरंगजेब (Aurangzeb) ने हमला करके इस मंदिर को तोड़ दिया था।
विजय मंदिर की विशेषता उसकी विशालता और प्रसिद्धि थी, ऐसे में इन कारणों से ये मंदिर दूसरी कौम के बादशाहों की आंखों में चुबता रहा। इसी का नतीजा रहा कि औरंगजेब ने तोप लगवाकर इस मंदिर को उड़ा दिया था। बता दें कि इस मंदिर को आक्र-मणकारियों ने कई बार लूटा और तोड़ा। इसके बावजूद श्रद्धालुओं द्वारा हर बार इसका पुनर्निर्माण किया गया, आज के दौर में इस मंदिर के साफ सफाई एएसआई (ASI) के पास है।
BIJA MANDAL (Vidisha)
Standing on the site of and built out of the materials of a PARMARA TEMPLE "Vijaya Mandir" (circa 11th-12th century AD), the so called "Bijamandal Mosque" WAS SAID TO HAVE BEEN BUILT BY THE MUGHAL KING AURANGZEB (1658-1707 AD) in 1682 AD. pic.twitter.com/tSiM9kXQ4k
— Lost History (@Lost_History1) December 21, 2019
बता दें कि पुरातत्व विभाग को विजय मंदिर के पास खनन के दौरान कीर्तिमुख भी मिले हैं। मनुष्य या सिंहों की मुंह की आकृति को उकेर कर पत्थर पर जो नक्काशी की जाती है और बेल-बूटे बनाए जाते हैं, उसे कीर्तिमुख कहते हैं। कहानियों के अनुसार इस विशाल मंदिर को मुगलों ने तहस-नहस किया था। इस मंदिर को परमार काल में परमार राजाओं ने बनवाया था। जिसे बाद में औरंगजेब ने ध्वस्त कर दिया था।
इतिहास कारों का कहना है कि औरंगजेब ने इसे 1682 के लगभग तोपों से उड़वा दिया था। जिसके बाद मालवा का राज्य जब मराठों के पास आया, फिर से इसे खड़ा करने का प्रयास किया गया। इसकी ऊंचाई 100 मीटर के लगभग थी। इसका आधा मील में फैलाव बताया जाता है। बाद में इसे कौमी बादशाहों ने मस्जिद में भी बदल दिया था।
Book by Prafull Goradia, "Hindu Masjids", gives information that Bijamandal was desecrated many times before Aurangzeb.
Bahadur Shah of Gujarāt (1526-37) after capturing Vidisha (formerly Bhilsa) desecrated Vijaya Mandir (Bija Mandal Temple). This is recorded in Mirat-i-Sikandri pic.twitter.com/s7S7TUamJs
— Lost History (@Lost_History1) December 21, 2019
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया की नया संसद भवन पुराने संसद भवन से 17,000 वर्गमीटर बड़ा होगा। वहीं इसे 971 करोड़ रुपये की लागत से 64,500 वर्गमीटर क्षेत्र में बनाया जाएगा। इस निर्माण कार्य का ठेका टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को दिया गया है। नए संसद भवन में लोकसभा सदस्यों के लिए लगभग 888 सीटें होंगी और राज्यसभा सदस्यों के लिए 326 से अधिक सीटें होंगी। लोकसभा हॉल की क्षमता 1224 सदस्यों की होगी।



