कावड़ियों में मोदी-योगी की फोटो वाली टी-शर्ट की बारी मांग: Kanwar Yatra Modi Yogi Tshirts

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कांवड़िए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फोटो वाली टी-शर्ट ले रहे हैं। आज PM मोदी वाली Tshirts की बाजार में बहुत तेज डिमांड हो गई है। हर कोई मोदी की फोटो वाली टी शर्ट पहनना चाहता है। किसी टी-शर्ट पर नरेंद्र मोदी की फोटो छपी हुई है और उसके साथ उसमे ‘द किंग ऑफ इंडिया’ लिखा हुआ है, तो किसी में शेर की तस्वीर के साथ मोदी की फोटो नजर आ रही है।

पश्चिमी उत्तरप्रदेश की कांवड़ यात्रा में देशभक्ति का जोश भी नजर आ रहा है। मोदी और योगी की फोटो वाली टी-शर्ट पहनकर और भारत माता की जय के जयकारे लगाते हुए भक्त कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। वेस्ट उत्तरप्रदेश का रंग बदल कर अब धीरे-धीरे केसरिया होता दिखाई दे रहा है।मेरठ कांवड़ियों को केसरी रंग प्रदान करता है।

कांवड़िए नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की केसरिया रंग की फोटो वाली टी-शर्ट ले रहे हैं। केसरिया रंग की टी-शर्ट में नरेंद्र मोदी की फोटो छपी हुई है और ‘द किंग ऑफ इंडिया’ लिखा है,तो किसी में शेर की फोटो के साथ मोदी की तस्वीर छपी हुई दिखाई दे रही है।जो हर किसी की पसंद बनती जा रही है।

हरिद्वार से अपनी यात्रा प्रारंभ करके 90 प्रतिशत कांवड़िए मेरठ से प्रदान किए गए भवगा पहनकर ही अपनी यात्रा को शुरू करते हैं। Orange के साथ-साथ इस बार मोदी और योगी की फ़ोटो वाली टी शर्ट भी कांवड़ियों की पसंद भी बन गई है। कांवड़ यात्रा में जे दौरान देशभक्ति का भी जोश भी दिखाई दे रहा है। हर फोटो वाली टी-शर्ट कुछ न कुछ देशभक्ति का बया कर रही है, शेर के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो वाली टी शर्ट है और लिखा हुआ है, भारत माता की जय तो कहीं आजादी के बलिदान दिए विरपुरुषो कि फोटो छपी हुई हैं।

मोदी और योगी की फोटो वाली टीशर्ट का हर कोई दीवाना हो रहा है।हर कोई खरीदना चाहता है। मेरठ से बने केसिरया अंगौछों की बाजार में बहुत तेज डिमांड हो गई है। वेस्ट उत्तरप्रदेश में शिव के भक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर निकल पड़े हैं। जुबान पर शिव का नाम और ओंकारा के नारे लगाते हुए कांवड़िए कदम दर कदम बढ़ते जा रहे हैं।

अधिकतर कांवडिए मेरठ से बनी केसरिया T-Shirt पहनकर ही अपनी यात्रा की शुभारंभ करते हैं। मेरठ के खंदक बाज़ार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखण्ड में अंगौछों की Supply होती है। कांवड़ के शुरू होतद ही यहां के अंगौछों का बिजनेस करोड़ों तक पहुंच जाता है। कांवड़ यात्रा को लेकर बिभिन्न बिभिन्न स्थानों की अलग-अलग विचरधाराये रही हैं।

लोगो का ऐसा कहना है कि सबसे पहले भगवान परशुराम ने कांवड़ लाकर बागपत के पुरा महादेव में भगवान भोलनाथ को जल चढ़ाकर भोलेनाथ को प्रसन्न किया था। तब से कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ है। गढ़मुक्तेश्वर से गंगा जी का जल लाकर उन्होंने पुरातन शिवलिंग पर जल अभिषेक किया था।

आज भी उसी परंपरा को कायम रखते हुए कावड़िये सावन के महीने में हरिद्वार गढ़मुक्तेश्वर से जल लाकर लाखों की संख्या में लोग इस पवित्र सावन महीने में भगवान शिव पर जल चढ़ाकर अपनी सभी मनोकामना की पूरी होने का आशीर्वाद लेते हैं।कहा जाता है कि जैसे-जैसे शिवरात्रि का त्योहार पास आता जाएगा वैसे-वैसे ये केसरिया रंग और गहरा होता जाएगा।

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