यह रहा दुनिया का सबसे छोटा देश, 33 लोगों की आबादी और टूरिस्ट यहाँ केवल 2 घंटे ही ठहरते है

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Republic of Molossia
World Smallest Country Republic of Molossia. Everything You Need to Know About Small Country Molossia Was Part Of America.

Bhopal: भूगोल की माने तो पृथ्वी गोल है और उसके 75 प्रतिशत भाग में जल है, केवल 25 प्रतिशत भाग है, जहा जमीन है और उस जमीन पर जीव जंतु, पेड़ पौधे और मानव निवास करते है, कुदरत का करिश्मा कुछ इस तरह है की कही पहाड़ ही पहाड़ है और कही समुद्र ही समुद्र। हर क्षेत्र की अपनी एक विशेषता है।

दुनिया में कुछ देश बेहद ठन्डे है और कुछ आग की तरह गर्म और जहा पर दुनिया की धरती खत्म होती है, उस जगह पर भी मानव पहुच चुका है। मानव एक बुद्धि जीवी प्राणी है। उसके अंदर सोचने समझने की काफी ज्यादा क्षमता होती है, इसलिए पृथ्वी में भी इलाके वटे हुए है की किस पर किस का हक़ है।

दुनिया को देशो में बांटा गया और देशो को राज्य और राज्य को जिले में। छोटे छोटे इलाको को भी कई भागों में बांटा गया है। देश में एक बहुत बड़ा क्षेत्रफल होता है, वहाँ करोड़ो की आबादी होती है। परंतु आज हम एक बहुत छोटे देश की बात करेंगे, जहा की आबादी केबल 33 लोगो की है।

जाने मोलोसिया की कहानी

दुनिया का एक ऐसा देश जहा पर इतनी कम आवादी है कि वहां के राष्ट्र पति सड़को पर बिना सुरक्षा के घूमते है, बिलकुल अकेले और बिना किसी हथियार के। मोलोसिया (Republic of Molossia) के राष्ट्रपति के साथ सुरक्षा का कोई तामझाम नहीं होता।

जान कर हैरानी होगी है कि इस देश की आबादी मात्र 33 लोगों की है। जिस देश की हम बात कर रहे है, उसका नाम मोलोसिया (Molossia) है, जो अमेरिका के नेवादा में स्थापित है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस देश के स्वतंत्र देश होने की घोषणा वहाँ पर निवास करने वाले लोगों ने खुद की। तो आइए विस्तार से जाने मोलोसिया की कहानी को।

जानकारी के अनुसार वर्ष 1977 में मोलोसिया में ही निवासरत केविन बॉघ और उनके एक मित्र के दिमाग में एक विचार ने दस्तक दी। उस विचार में था कि मोलोसिया को अमेरिका (America) से प्रथक कर एक नया देश बनाया जाए। इस विचार को जब दोनों की सहमति मिली, तो दोनों मिलकर मोलोसिया देश की नीव रखी, तब से आज तक वह देश स्वतंत्र है।

छोटे देश होने के बाद भी सभी सुविधा से परिपुर्ण है देश

वर्ष 1977 से ही केविन बॉघ (Kevin Baugh) मोलोसिया देश के राष्ट्रपति के नाम से जाने जाते हैं। बॉघ ही इस देश के करता धरता है और उस देश की हुकुमत उनके हाथ में। बॉघ की बीवी मोलोसिया देश की पहली महिला होने की दावेदार है। इस देश में जितने भी निवासी है, सब केविन के रिश्तेदार होते हैं।

इस देश को अभी तक दुनिया की कोई भी सरकार से मान्यता प्राप्त नहीं हुई है और न ही कोई लाभ मिल रहा है। यह देश सर्व सुविधा से संपन्न है। जैसे इस देश में स्टोर, लाइब्रेरी, श्मशान घाट के साथ और भी कोई सुविधाएं हैं। मोलोसिया में सभी देशों की तरह अपना एक स्वतंत्र कानून, ट्रेडिशन और करंसी है।

दोस्त के साथ मिल कर की स्थापना

दुनिया में पर्यटन स्थल के नाम पर मोलोसिया भी काफी ज्यादा फेमस है। यहां पर देश विदेश से कई लोग आते है, देश में घूमते है और देश के अतीत को जानते है। इस देश का भी एक अलग तरीका है यहाँ आने के लिए भी लोगों को पासपोर्ट और स्टाम्प लगवाने की जरुरत पड़ती है।

हम कह सकते है की इस देश में जाने के लिए भी आपको वीजा लेना पड़ता है। केविन बाघ ने जिस मित्र के साथ मिल कर इस विचार को अपनाया था, उसने कुछ ही समय बाद उसका साथ छोड़ दिया। लेकिन केविन अपने काम को करते रहे और आज उनका देश विकास कर रहा है।

देश की स्थापना के हुए 40 वर्ष पूर्ण

आपको जान कर ख़ुशी होगी की इस देश की स्थापना के 40 वर्ष पूर्ण हो चुके है। इतने वर्ष बीतने के बाद भी टूरिस्ट यहाँ आते है और इस देश के बारे में जानते। यहाँ पर घूमने के लिए टूरिस्टों को मात्र 2 घंटे का समय लगता है। टूरिस्टों (Tourists) के साथ मिल कर केबिन खुद लोगों को अपने देश की बिल्डिंग्स और सड़कों को दिखाते हैं।

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