
हरियाणा के हिसार की मुर्रा नस्ल की भैंस ने दूध उत्पादन में सभी भैंसों को पीछे छोड़ दिया। हिसार की भैंस ने अपने नाम एक वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करके सभी भैसों को पीछे पछाड़ा। पाकिस्तान की भैंस जिसने दूध उत्पादन में अपने नाम रिकॉर्ड दर्ज किया था। लेकिन हिसार की भैंस ने यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
पाकिस्तान की भैंस 32.50 लीटर दूध देकर रिकॉर्ड बनाया था, लेकिन हिसार की मुर्रा नस्ल की भैंस ने 32.66 लीटर दूध देकर इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया है। हिसार की भैंस का नाम सरस्वती है। लुधियाना के जगराओं में 7 से 9 दिसम्बर तक हुए अंतरराष्ट्रीय पीडीएफ डेयरी 2019 के का आयोजन किया गया था, जिसमे सभी देशों की भैंसों ने हिस्सा लिया था। दूर दूर से लोग अपनी भैंस को लेकर इस आयोजन में आये थे।
सरस्वती भैंस की लाखों रुपये की कमाई है
एसोसिएशन इंटरनेशनल डेयरी एंड एग्री एक्सपोर्ट देश भर में पालतू जानवरों के प्रतियोगिता के लिए प्रसिद्ध है। सरस्वती भैंस का झोटा भी लाखों रूपए कमाई करा रहा है। उसका सीमन भी 600 रूपए प्रति डोज की दर से मार्केट में सेल किया जाता है। जगराओं में PDFA को इसका ओनर 8 लाख से अधिक के सीमन बेच चुके है।
सरस्वती ने हर बार अपने मालिक का नाम रौशन किया है। सरस्वती भैंस ने बीते साल भी 29 लीटर से अधिक दूध देकर पुरुस्कार अपने नाम किया था। हिसार के सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ बफैलो रिसर्च के एक प्रोग्राम में 28.7 लीटर दूध का उत्पादन करके भी अपने मालिक का नाम रोशन किया था। इसके साथ कई रिकॉर्ड अपने नाम किये थे सरस्वती भैंस ने।
सरस्वती भैंस का सबसे अधिक दूद देने का रिकॉर्ड है
हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के एक आयोजन में भी 28.8 लीटर दूध उत्पादन के साथ अवार्ड जीता था। सरस्वती के मालिक ने बताया कि लोगों ने सरस्वती को खरीदने के लिए हमसे बात की। कई लोगो ने सरस्वती की कीमत 51 लाख रुपये से अधिक देकर खरीदने के लिए कहा। फिर हमने उन्हें बताया कि सरस्वती को बेच नही सकते। मैं इसको अपने से कभी अलग नही कर सकता। हमने कुछ दिन पहले ही उसके एक बछड़े को तमिलनाडु के एक व्यक्ति को 4.5 लाख रुपये में बेचा है।
सरस्वती के मालिक ने बताया कि हमारे पास दो भैंस और है, जिनका नाम भैंसें-गंगा, जमुना हैं। सरस्वती को देखने के लिए लोगो की भीड़ जुड़ने लगी है। सभी इस भैंस को देखने के लिए उत्साहित है। भैंस सरस्वती के मालिक का नाम सुखबीर है, जो हरियाणा के हिसार के रहने वाले है। उन्होंने बताया की सरस्वती ने पंजाब के जगराओं में हुए PDFO प्रोग्राम के दौरान 32 लीटर 66 ग्राम दूध देकर वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इससे 15 दिन पहले सरस्वती ने मुर्रा एसोसिएशन में 33 लीटर 131 ग्राम दूध दिया था।
• लुधियाना-डेअरी ऐंड एग्री एक्सपो में हिसार की भैंस ने बनाया वर्ल्ड रेकॉर्ड
• सरस्वती नाम की मुर्राभैंस ने रोज 32kgसे ज्यादा दूध देकर बनाया कीर्तिमान
• पाकिस्तान की मुर्रा भैंस के 2018 में बनाए रेकॉर्ड को पीछे छोड़ा
• भैंस के मालिक ने 51 लाख रुपये में बेचने का ऑफर ठुकराया था। pic.twitter.com/cRVgClMaV7— डा. भट्ट (@DrBhattashok) December 10, 2019
सुखबीर ने बताया की वह उन्हें दूसरे बच्चे को जन्म देते समय लेकर आए। इसका नाम सरस्वती रखा, और उसके बच्चे का नाम नवाब रखा। उन्होंने बताया की उनके पास दो भैंस थी जिसमे उन्होंने एक जमुना नाम की भैंस को बेच दिया है। भैंस भी है जिसका नाम गंगा है।
भैंस के मालिक गर्मियों कूलर लगवाते हैं
सुखबीर ने बताया कि वो अपनी भैंस का बहुत ध्यान रखते है। उसके लिए गर्मियों कूलर लगवाते है। दिन में 2 से 3 बार जोहड़ में स्नान करवाया जाता है। ठंड के मौसम में भी बहुत खयाल रखा जाता है। ठंड से बचाने के लिए उनके लिए आग जलाई जाती है। जिससे ठंड से बच सके। सरस्वती के खाने का भी बहुत ध्यान रखा जाता है समय समय पर खाना पानी दिया जाता है। मक्की, गुड़, चना, बिनौला खल, चने का छिलका, सोयाबीन, चोकर और सरसों का तेल उसके खाने में दिया जाता है।



