भारत में लोग सोचते हैं की विदेश में बहुत सुख और सुविधाये हैं। भारत के नागरिक मलेशिया घूमने भी जाते हैं, किन्तु आज हम आपको मलेशिया का वो काला सच बताने जा रहे हैं, जो आपको यह कहने पर मजबूर कर देगा की भाई अपना हिंदुस्तान ही सबसे अच्छा हैं। मलेशिया वैसे तो इस इस्लामिक देश हैं और सुख सुविधाएं भी पर्याप्त हैं।
मलेशिया में रमजान और रोज़े का बड़ा महत्त्व हैं। हाल ही में खबर आई है की मलेशिया में रमजान के वक़्त रोजे नहीं रखने वाले मुस्लिमों को पुलिस द्वारा पकड़ा जा रहा है। मलेशियाई के कानून के आदेश पर अनेकों पुलिस अफसर इस धार पकड़ की कार्रवाई में लगे हुए हैं।
मलेशिया के पुलिस अफसरों को लगभग 250 होट और भोजनालयों में वेटर और रसोइए के वेश में तैनात कर दिया गया है। ताकि वो अफसर होटल और भोजनालयों में खाने आने वाले मुस्लिमों में पकड़ सकें। फिर जैसे ही कोई भी होटल में कुछ खाने का आर्डर देता है, तो ये ख़ुफ़िया अफसर उसकी फोटो खींच लेते हैं और बाद में उसे कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पढता है।
असल में रमजान पर रोजा नहीं रखने वाले लोग स्ट्रीट फ़ूड और भोजनालाएँ में खाने आते हैं तब वे पकड़े जा सकते हैं। आपको बता दें की मलेशिया में रमजान पर रोजा नहीं रखने वालों को 6 महीने की जेल या फिर जुर्माने के दंड का कानून है।
मलेशिया में इस दिनों कानून बहुत ही सख्त होते हैं। होटलों और भोजनालयों पर दिन के समय खाना लेने वालों का रिकॉर्ड भी रखा जाता है और यह जानकारी लोकल धार्मिक परिषद को भेज दी जाती हैं, इससे पता चल जाता है की कौन लोग रोजा नहीं रखे हैं। मतलब आपने खाने पर भी नज़र राखी जाती हैं।
यहाँ के अफसरों ने मीडिया को बताया की लोगो की कहते वक़्त ली गई फोटो को इस्लाम धर्म परिषद के पास भेज दिया जाता है। इतना ही नहीं दुकानों को CCTV कैमरा और दूसरे तरीकों से भी निगरानी में रखे जाने का कानून है। यह खबर पढ़कर हमारे भारतीय पाठक जरूर चेन की सांस लेंगे की वे भारत में निवास करते हैं और हिंदुस्तानी है। भारत में मुस्लिम भी इस तरह की पावंदी में नहीं रहना चाहेंगे।



