RSS स्वयंसेवकों ने अंग्रेजों के जमाने के 20 साल से बंद अस्पताल को 200 बेड वाला COVID सेंटर बना दिया

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RSS Hospital
RSS has Revived a 120 year Old BGML Hospital Shut for 20 years in Karnataka's Kolar district and Turned it into 800 Bed Covid Care Centre. In Karnataka BGML Hospital was defunct for 20 years. Volunteers from RSS clean up in 2 weeks and remove over 400 tractor load of garbage and decided to set up a 200 bed Covid Care Centre.

Image Credits: Twitter

Delhi: हमेशा जरुरत के समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने राष्ट्र की मदद के लिए कार्य किया है। आपको बता दे की इंडिया टुडे में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक़ संघ ने कर्नाटक में ब्रिटिश काल के एक बड़े अस्पताल को पुनर्जीवित करने में सफलता आई है। राज्य को कोरोना वायरस के कहर का सामना करना पड़ रहा और संक्रमण बढ़ रहा है।

मीडिया की खबर में बताया गया है की भारत गोल्ड माइन्स लिमिटेड अस्पताल (BGML अस्पताल) 20 साल से भी अधिक समय से जर्जर अवस्था रहा है। यह अस्पताल साम 1880 में डॉ. टीजे ओ डोनेल और उनके भाई जेडी ओ डोनेल द्वारा बनवाया गया था और इसमें 800 बिस्तरों की क्षमता है। ऐसा बताया गया है की 20वीं सदी के आरम्भ में यह एशिया के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक था।

कर्नाटक के कोलार जिले में कोरोना के बढ़ते कहर को देख कर सांसद एस मुनीस्वामी ने सोचा कि covid केस कण्ट्रोल करने के लिए एक नया अस्पताल बनाने में अधिक वक़्त लगेगा। इसके बजाय उन्होंने ब्रिटिश काल के अस्पताल को फिर से चालू करने का निर्णय लिया, जो 20 से अधिक वर्षों से बेकार पड़ा था। उन्होंने अस्पताल को जल्दी से ठीक करने और इसे एक COVID केयर सेंटर में बदलने के लिए RSS के स्वयंसेवकों की सहायता ली।

इस पुराने बंद अस्पताल को COVID-19 सेंटर में बदलने की अपनी योजना पर मुनिस्वामी ने मीडिया में बताया की, “संघ परिवार और अन्य संगठनों के साथ बातचीत करने के बाद, हमने 200+ बेड का कोविड केयर सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया। इसे तैयार करने के लिए भाजपा और आरएसएस के करीब 250 स्वयंसेवकों ने अपना योगदान दिया है।

https://twitter.com/Mayank_singh_16/status/1393244547610595331

आगे बताया है की अब बेड और बिजली का काम चालु हो गया है और अस्पताल भी जल्द ही चालु हो जायगा। मुनिस्वामी ने केंद्रीय कोयला और खान मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर जिला प्रशासन को इस बड़े अस्पताल को Covid Care Certer के रूप में उपयोग करने की अनुमति माँगी थी।

ऐसा बताया गया है की एक समय यह एशिया के सबसे बड़े अस्पताल की लिस्ट में शुमार था। करीब 20 वर्षों से निष्क्रिय पड़े अस्पताल को COVID-19 सेंटर में बदलने के लिए RSS और भाजपा के स्वयंसेवकों ने अस्पताल की सफाई का काम किया था। अस्पताल से 400 ट्रैक्टर से अधिक कचरा हटाया भी गया।

https://twitter.com/nastyabhishek/status/1392805445291577345

अस्पताल में आईसीयू सुविधाओं के साथ चार कमरे होंगे। बिजली और पाइपलाइन का काम जोरों पर चल रहा है। अधिकारियों ने 140 साल पुरानी लोहे की चारपाई का उपयोग करने का भी फैसला किया है। बताया गया है की चारपाई करीब 140 साल पुरानी है और इसका वजन 100 किलो से अधिक है। वे पर्याप्त रूप से मजबूत हैं और उसे उठाने के लिए कम से कम 3-4 लोगों की आवश्यकता होती है। अभी इन्ही बेड का इस्तेमाल किया जायगा।

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