अभी भी कोई यहाँ की 99 लाख 99 हजार 999 मूर्तियों का रहस्य पता नहीं कर पाया: Mysterious Place

0
538
Unakoti Rock Cut
Beautiful Rock cut carvings and stone images at Unakoti, India. Unakoti (One less than a Crore), Tripura Largest Open Air Rock Sculpture Gallery in India, built probably in 6th Century.

Unakoti: हमारे भारत में ऐसे रहस्यों का भंडार हैं, जिन्हें अभी तक कोई नहीं सुलझा पाया है। इन रहस्यों की उलझी हुई गुत्थियों को सुलझाने की बहुत से लोगो ने कोशिश की है। परन्तु सफलता हाँथ नहीं लगी। आज हम आपको ऐसी ही एक रहस्यमयी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आप भी अनसुलझा है।

एक ऐसा ही स्थान है त्रिपुरा की राजधानी अगरतल्ला से लगभग 145 किलोमीटर दूर, जिसे उनाकोटी के नाम से जाना जाता है। कहते हैं कि यहां कुल 99 लाख 99 हजार 999 पत्थर की मूर्तियां हैं, जिनके रहस्यों को आज तक कोई भी सुलझा नहीं पाया है। ये मूर्तियां किसने बनाई, कब बनाई और किस कारण से बनाई और सबसे बड़ा सवाल की एक करोड़ में एक कम ही क्यों बनाई गई। हालांकि इसके पीछे कई कहानियां प्रचलित हैं, जो हैरान करने वाली हैं।

आपको बता दे की इन रहस्यमय मूर्तियों के कारण ही इस जगह का नाम उनाकोटी पड़ा है, उनाकोटी का मतलब होता है करोड़ में एक कम। इस जगह को पूर्वोत्तर भारत के सबसे बड़े रहस्यों में से एक माना जाता है। कई सालों तक तो इस जगह के बारे में किसी को पता ही नहीं था। हालांकि अभी भी बहुत कम लोग ही इसके बारे में जानते हैं।

इस स्थान पर इतने रहस्य है की उनाकोटी को रहस्यों से भरी जगह कहा गया हैं। एक पहाड़ी क्षेत्र है, जो दूर-दूर तक घने जंगलों और दलदली इलाकों से भरा है। अब ऐसे में जंगल के बीच में लाखों मूर्तियों का निर्माण कैसे किया गया होगा, क्योंकि इसमें तो सालों लग जाते और पहले तो इस इलाके के आसपास कोई रहता भी नहीं था। यह लंबे समय से शोध का विषय बना हुआ है।

इस जगह पर पत्थरों पर उकेरी गई और पत्थरों को काटकर बनाई गई हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों के बारे में एक पौराणिक कथा बहुत प्रचलित है। मान्यता है कि एक बार भगवान शिव सहित एक करोड़ देवी-देवता कहीं जा रहे थे। रात हो जाने की वजह से बाकी के देवी-देवताओं ने शिवजी से उनाकोटी में रूककर विश्राम करने को कहा।

शिवजी मान गए, लेकिन साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि सूर्योदय से पहले ही सभी को यह स्थान छोड़ देना होगा। परन्तु सूर्योदय के समय केवल भगवान शिव ही जग सके, बाकी के सारे देवी-देवता सो रहे थे। यह देखकर भगवान शिव क्रोधित हुए और श्राप देकर सभी को पत्थर का बना दिया। इसी कारण से यहां 99 लाख 99 हजार 999 मूर्तियां हैं, मतलब एक करोड़ से एक कम।

अब एक रहस्य पर बात की जाये तो इन मूर्तियों के निर्माण को लेकर एक और कहानी बताई जाती है। कहते हैं कि कालू नाम का एक शिल्पकार था, जो भगवान शिव और माता पार्वती के साथ कैलाश पर्वत जाना चाहता था, लेकिन यह संभव नहीं था।

हालांकि शिल्पकार की जिद के कारण भगवान शिव ने उससे कहा कि अगर एक रात में एक करोड़ देवी-देवताओं की मूर्तियां बना दोगे तो वो उसे अपने साथ कैलाश ले जाएंगे। यह सुनते ही शिल्पकार जी-जान से अपने काम में लग गया और तेजी से एक-एक कर मूर्तियों का निर्माण करने लगा।

उसने पूरी रात मूर्तियों का निर्माण किया, लेकिन जब सुबह गिनती की गई तो पता चला कि उसमें एक मूर्ति कम है। इस वजह से उस शिल्पकार को भगवान शिव अपने साथ नहीं ले गए। माना जाता है कि इसी कारण से इस जगह का नाम ‘उनाकोटी’ पड़ गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here