भारत में इस जगह बार-बार आते हैं एलियंस, इसी जगह आखिर क्यों मंडराते UFO, सेना दूर से निहारती है

0
2881
Kongka La pass UFO aliens
Kongka La pass, UFO base in Himalayas theory in Hindi. It is in the disputed India-China border area in Ladakh. Kongka La Pass Aliens Mystery of the UFO Base in India-China Border.

Presentation Photo Used

Delhi: पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों और आम लोगों के मन में एक सवाल है की क्या केवल हमारे ग्रह पर ही जीवन संभव है या ऊपर आसमान के पार अन्न कोई दूसरा ग्रह भी है, जहां दूसरे जीव अर्थात एलियन्स रेह्ते होंगे।

हमारी इस पृथ्वी पर तो कोई बार और कई जगह पर UFO (Unidentified flying object) देखे जाने की घटनाएं हो चुकी है और अभी भी निरंतर ज़ारी है। फिर चाहे अमेरिका हो या पेरू का माचू पिच्चू (Machu Picchu)। दुनिया में अनेक स्थान पर परजीवियों की उड़नतस्तरी देखि गई है।

भारत में भी एक जगह ऐसी है, जहाँ बार बार उड़नतस्तरी देखि जाती है। यह जगह है कोंग्का दर्रा, यहाँ पर कई बार एलियंस के दिखाई देने के दावे किये जा चुके है। विज्ञान के लिए एलियंस आज भी एक अनसुलझी पहेली है। हालाँकि कई जगह यह दावे पक्के सिद्ध हो चुके है की वहां एलियंस का UFO ही देखा गया था। परन्तु वे पृथ्वी पर किस मकसद से आते हैं, यह कोई है जानता है।

ऐसा देखा गया है की एलियंस और उनके UFO कुछ खास चिन्हित जगहों पर ही आते हैं। रूस और अमेरिका में तो इसे कई बार देखा गया है। फिर इजिप्त में पिरामिडों के ऊपर भी उड़नतस्तरी देखि गई और पेरू में भी माचू पिच्चू के आस पास कई बार UFO देखे जाने की घटनाये हुई है। इस लिस्ट में भारत भी है।

भारत में भी इन स्थान पर हमेशा एलियंस और UFO नज़र आये

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि भारत में एक जगह है, जहां एलियंस हर महीने आते हैं। भारत में एलियंस और UFO के आने वाले इस दावे को नासा ने उस समय स्वीकार किया। जब जून 2006 में गूगल सेटेलाइट ने यूअफओ की तस्वीर जारी की। इस तस्वीर में यूअफओ को साफ़ देखा जा सकता है। भारत के इस स्थान पर एलियंस हमेशा से आते-जाते रहे है। यह स्थान भारत की सीमा पर हिमालय क्षेत्र में कोंगका ला दर्रा (Kongka La Pass) है।

Kongka La Viral Photo of Social Media before few years

हिमालय (Himalaya) की पहाड़ियों में बसा कोंगका ला दर्रा, लद्दाख (Ladakh) में स्थित है। इस स्थान पर जाना आसान नहीं है। दर्रा बर्फ से हमेशा ढाका रहता है। जानकारी हो की 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद दोनों देखो में एक सहमित बनी थी। इस सहमित के अंतर्गत दोनों देशों के सैनिक इस जगह पर मार्च नहीं कर सकते हैं, उनके सैनिक केवल दूर से ही इस स्थान की निगरानी कर सकते हैं।

उस सहमित के बाद से यह जगह और अधिक वीरान हो गई है। वहीं इसके उत्तरपूर्व का हिस्सा चीन की ओर है, जिसे अक्साई चीन नाम दिया गया, जबकि उसके उल्टी तरफ का हिस्सा भारत के लद्दाख की ओर फैला हुआ है।

उड़न तश्तरी (UFO) देखने का दावा

कोंगका ला दर्रा के बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ सिद्ध पुरुष कोंगका ला दर्रा पर अभी भी जाते हैं। जहां वे उड़न तश्तरी देखने का दावा करते है। इस जगह पर हर महीने एलियंस आते हैं, ऐसा बताया गया हैं। विज्ञान अब तक उड़न तश्तरी और एलियंस का रहस्य सुलझा नहीं पाया है। पुख्ता जानकारी और सबूत मिलने तक तो कोंगका ला दर्रा में एलियंस के आने का रहस्य अब भी जस का तस बना हुआ है।

ज्ञात हो की कोंग्का ला (Kongka La) में ला शब्द का अर्थ तिब्बती भाषा में दर्रा है। इस लद्दाख क्षेत्र में स्थित एक पहाड़ी दर्रा पर काफी विवाद भी है। भारत का मानना है कि ये उसकी सीमा में आता है, जबकि चीन (China) इस पर अपना दावा जताता आया है।

इसे ही लेकर 1959 में भारत-चीन युद्ध की शुरुआत से पहले भारत के सैनिक दस्ते पर दर्रे के पास चीनी सैनिकों ने धावा बोल दिया था, जिसमें 10 भारतीय सैनिक वीर गति को प्राप्त हो गए थे। उस वक़्त 7 भारतीय सैनिकों को चीनी सरकार ने पकड़ भी लिया था।

इसके बाद से चीन-भारत (India-China) तनाव काफी बढ़ गया। इस घटना ने भी दोनों देशों के बीच जंग का आगाज़ करने में अहम् भूमिका निभाई। फिर 1962 की जंग के बाद दोनों देखों के बीच एक समझौता किया गया, जिसके तहत कोंग्का ला (Kongka La Darra) में दोनों देशों में से कोई भी पेट्रोलिंग के लिए अपनी सेना नहीं भेजेगा। अब वहां कोई आता-जाता नहीं है। ये क्षेत्र पूरी तरह से नो-मेन्स लैंड (No Mens Land) बना हुआ है और चारों तरफ से दुर्गम पहाड़ों से घिरा है।

यहाँ कई बार UFO देखे जाने की घटनाएं घटी

इस स्थान पर यूएफओ से जुड़ी कई घटनाएं दर्ज की गई हैं। साल 2004 में यहां कुछ भारतीय भूविज्ञानी खोज कर रहे थे। इस दौरान वहां उन्हें रोबोट जैसा कुछ दिखाई दिया, जो पहाड़ों पर चल रहा था। फिर वे भारतीय वैज्ञानिक उसके पास पहुंचे, वो अचानक अदृश्य अर्थात गायब हो गया।

फिर जून 2006 में गूगल सेटेलाइट ने UFO की तस्वीर जारी की थी। इस तस्वीर में यूअफओ को साफ़ देखा जा सकता था। इसके बाद साल 2012 में भारतीय सेना ने ‘Pangong Lake’ के ऊपर एक ऑब्जेक्ट (UFO) को उड़ता देखा था। इसे भांपने और जान्ने के लिए जैसे ही रडार का उपयोग किया गया, यह अदृश्य हो गया, जबकि पहले वह साफ़ दिखाई दे रहा था।

आपको एक अजीब बात बता दें की कोंग्का पास धरती का वो हिस्सा है, जहां पर इसकी पपड़ी की गहराई दुनिया के किसी भी हिस्से से दोगुनी है। ऐसा तब होता है, जब पृथ्वी की एक टेक्टॉनिक (lithospheric) प्लेट दूसरे के नीचे दब जाती है।

असल में ये प्लेट धरती की सबसे प्राचीन परत हैं, जो मजबूत चट्टानों से बनी हैं। इन्ही परिस्थितियों के कारण इस स्थान पर एलियंस के बेस (Aliens Base on Kongka La India) होने की संभावना समझी जाती है। अभी इसपर खोज और रिसर्च बाकी है। फिलहाल यह दुनिया की सबसे रहस्यमई जगहों (World Mysterious Places) में से एक है और यह लेख सभी किस्से-कहानियों की खोज के आधार पर बनाया गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here