इजराइल के बाद इस देश ने कोरोना की वैक्सीन बना ली, इस बार ऑफिसियल दावा किया गया है।

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Photo Credits: Twitter

Delhi: पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के कारण अब तक संक्रमण के 36,62,691 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबति प्राण आने का आंकड़ा 2,57,239 तक पहुंच चुका है। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी द्वारा जारी किए गए 6 मई 2020 सवेरे 9 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक जाने जाने के मामले में अमरीका और यूरोप सबसे आगे हैं। केवल अमरीका में कोरोना संक्रमितों की संख्या 12,04,351 पहुंच गई है, जबकि यहां 71,064 लोगों की जान CIVID-19 वायरस के कारण चली गई हैं।

अब खबर आई है की इजरायल के बाद इटली के वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस COVID19 का वैक्सीन बनाए जाने का दावा किया है। समाचार एजेंसी IANS ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया है कि इटली के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने कोरोनावायरस का वैक्सीन (टीका) बनाने में सफलता पाई है। अन्न विदेशी मीडिया ने भी बताया कि दवा विकसित करने वाली फर्म ताकीस (Takis) के सीईओ लुइगी औरिसिचियो (Luigi Aurisicchio) का कहना है कि उनकी कोरोना वायरस वैक्सीन ने पहली बार मानव कोशिकाओं में वायरस को बेअसर करने में कामयाबी आ ली है।

इटली की न्यूज़ एजेंसी एएनएसए ने लुइगी औरिसिचियो(Luigi Aurisicchio) के हवाले से कहा है कि इस गर्मी के बाद इस वैक्सीन के मानव पर टेस्ट किए जाने की उम्मीद है। Spallanzani अस्पताल के मुताबिक़, वे दुनिया में ऐसे पहले हैं, जिन्होंने एक वैक्सीन द्वारा कोरोना वायरस के प्रभाव को ख़त्म करने का प्रदर्शन किया है। अब इंसानों में भी ऐसा ही करने तैयारी है। इटली में कोरोना वायरस के अब तक कुल मामले बढ़कर 2,13,013 तक पहुंच गए हैं।

Italy has claimed that it has successfully developed the world’s first coronavirus vaccine that works on humans. As per the tests carried out at Rome’s infectious-disease Spallanzani Hospital, the novel COVID-19 vaccine has antibodies generated in mice that work on human cells.

आपको बता दे की इटली शोधकर्ताओं ने चूहों पर वैक्सीन का प्रयोग किया है, जिसमें सफलतापूर्वक एंटीबॉडी विकसित की गई , जो कोशिकाओं को संक्रमित करने से वायरस को रोक देता है। इसमें देखा गया कि 5 टीकों ने बड़ी संख्या में एंटीबॉडी उत्पन्न की और इनमें से दो को सफल परिणामों के साथ देखा गया। अभी हाल में विकसित किए जा रहे सभी वैक्सीन DNA प्रोटीन स्पाइक की आनुवंशिक सामग्री पर बेस्ड हैं।

कल खबर आई थी की इजरायल के रक्षा मंत्री नफताली बेन्‍नेट ने कहा था कि इजरायल ने डिफेंस बायोलॉजिकल इंस्‍टीट्यूट ने कोरोनावायरस का टीका बना लिया है। उन्होंने इसे कोरोना वायरस के संभावित उपचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता बताया था। इस बयान में इजरायल के रक्षा मंत्री बेन्‍नेट ने दावा किया था कि इजरायल इंस्टीट्यूट फॉर बायोलॉजिकल रिसर्च (आईआईबीआर) द्वारा विकसित ‘मोनोक्लोनल न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडी’ वायरस पर हमला करता है और शरीर के अंदर इसे नस्ट करता है।

इसमें बताया गया की इन्हें एक ही रिकवर्ड कोशिका से क्लोन किया जाता है। इस प्रकार से इसे बनाना और उपयोग करना बहुत सरल हो जाता है। यह पॉलीक्लोनल एंटीबॉडी के विपरीत है, जिसे कई तरह की कोशिकाओं से प्राप्त करना होता है। विशेष प्रकार की एंटीबॉडी वाले टीके तभी काम करते हैं जब प्रयोगशाला-विकसित एंटीबॉडी शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा की तरह प्रतिक्रिया करते हैं और वायरस के कॉन्टेक्ट में आने पर उसको समाप्त करते हैं।

आपको बता दें की आईआईबीआर इजराइल की एक गुप्त शोध इकाई है, जो सीधे इज़राइल के प्रधानमंत्री के कार्यालय में काम करती है। कल उन्होंने स्वयं वैक्सीन के बारे में कोई और जानकारी जारी नहीं की है। उसका दावा इज़राइल के रक्षा मंत्री ने किया था। अब आज ऐसी खबर इटली से आई है, जो की आधिकारिक है।

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