
चंद्रयान-2 मिशन की सफलता के पीछे अगर किसी को सबसे बड़ा श्रेय जाता है, तो वो हैं ISRO के प्रमुख के सीवान। तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले में एक स्थानीय गरीब परिवार में जन्म लिया,अपनी पढ़ाई सरकारी स्कूल में पूरी की। एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले एक गरीब किसान के बेटे आज भारत की प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसी ISRO के प्रमुख के रूप में पदभार की जिम्मेदारी उठा रहे हैं।
इससे पूर्व सीवान DRDO के प्रमुख का कार्यभार की जिम्मेदारी उठा रहे थे। इन्ही की निगरानी में चंद्रयान 2 मिशन का सफल लॉंच का प्रयास संभव हो पाया है। जिस प्रकार से इन्होने ISRO प्रमुख के रूप में पदभार की जिम्मेदारी लेते हुए, जिस प्रकार से इन्होने भारतीय अनुसंधान केंद्र का नेतृत्व किया है, वो सम्मान के काबिले है। इनके सफल प्रयासों से आज India का सम्मान विश्व के सामने गर्व से ऊंचा हो गया है।
कन्याकुमारी जिले के तरक्कानविल्लई के स्थानीय निवासी कैलासादिवु सिवन अपने परिवार में पहले स्नातक प्राप्त करने वाले हैं। उनके चाचा ए शनमुगवेल ने बताया कि “सिवान एक बहुत ही साधारण गरीब परिवार से है। उनके पिता एक गरीब किसान थे। उन्होंने कहा कि परिवार में यह पहला स्नातक है।”
#ISRO
Here's a view of the majestic lift-off of #GSLVMkIII-M1 carrying #Chandrayaan2 pic.twitter.com/z1ZTrSnAfH— ISRO (@isro) July 22, 2019
सिवान के स्टूडेंट दिनों को याद करते हुए उनके चाचा ने कहा कि सिवान अध्ययनशील और मेहनती आपने काम को लेकर लगनशील था। उसने किसी भी प्रकार की कोई ट्यूशन या कोचिंग क्लासेस में पढ़ाई नहीं की।गरीबी के कारण उसकी पढ़ाई सरकारी स्कूल में सम्पूर्ण हुई थी।
उन्होंने तमिल माध्यम में तरक्कानविल्लई और पड़ोसी वेलंगुमारविलाय में सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने नागरकोइल में ST हिंदू कॉलेज से ग्रैजुएशन किया। सीवान द्वारा ISRO के प्रमुख की जिम्मेदारी संभालने के बाद इन्होनें बहुत अहम फैसले लिए हैं। सूत्रों की खबरो के मुताविक कुछ दिन पहले सीवान ने अंतरिक्ष में भारत का Space Center बनाने की बात भी कही थी।
ISRO Chief K Sivan briefs media over ISRO's successful #Chandrayan2 launch.#ISROMissions | #ISRO pic.twitter.com/65KOmKekqk
— All India Radio News (@airnewsalerts) July 22, 2019
सीवान की निगरानी में चंद्रयान 2 की सफलता इस बात का प्रमाण है कि वे ISRO को सही दिशा में लेकर जा रहे हैं। चंद्रयान 2 मिशन India के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अगर चंद्रयान 2 मिशन लॉन्च होने के साथ-साथ सफल परीक्षण हो जाता है, तो ISRO चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाली पहली अंतरिक्ष एजेंसी का दर्जा हासिल कर लेगी।
चंद्रयान 2 पहला भारतीय मिशन है जो अपने घर में विकसित तकनीक के साथ चंद्र क्षेत्र की जानकारी का पता लगाएगा। यदि चंद्रयान 2 मिशन का परीक्षण सफल हो जाता है तो India चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बन का दर्जा प्राप्त कर लेगा।



