छत्तीसगढ़ में एलियन और UFO दिखाई दिए थे, यह प्रागैतिहासिक कालीन शैल चित्र हैं सबसे बड़ा सबूत

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Alien UFO Rock Painting
10,000-year-old rock paintings depicting aliens and UFOs found in Chhattisgarh. Indian Rock Paintings Depicting UFOs of Alien. Indian Cave shown Alien Painting.

Photo Credits: Twitter Old Post(@Emre_Ozy)

Raipur, Chhattisgarh: आये दिन ऐसी खबरे आती ही रहती हैं की यहाँ एलियन की उड़न तश्तरी UFO देखा गया, तो किसी ज़ामंने का कोई एलियन या UFO वीडियो और तस्वीर वायरल हो गई। आपने भी कभी किसी एलियन या स्पेस यान की तस्वीर या वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया होगा। परन्तु आज से हज़ारों साल पहले जब टीवी, मोबाइल और सोशल मीडिया नहीं था, तब लोग अगर एलियन या UFO देख लेते, तो बे कैसे इस किस्से को बयां करते होंगे, ज़रा सोचिये।

एक रिपोर्ट के मुताबिक़ छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में आज से करीब दस हजार साल पहले एलियन और उनकी उड़न तश्तरी देखी (Alien And UFOs) गई थी। CG के कांकेर में चारामा (Charama village) से 15 किलोमीटर दूर चंदेली गांव के पहाड़ों पर उड़न तश्तरी और एलियन के सबूत (Alien And UFO Proof in Mountain Cave) पाए गए हैं। ये गुफाएं रायपुर से 130 किलोमीटर दूर चंदेली और गोटीटोला गांवों के बीच स्थित है।

इसके अलावा गोटीटोला के पहाड़ों पर इन रहस्यमई लोगो के शैलचित्र मिले हैं। पुरातत्व विज्ञानियों और जानकार लोगो का अंदाज़ा है कि 10000 साल पहले छत्तीसगढ़ में एलियन और UFO देखे गए होंगे। फिर उस ज़माने में आदिमानवों ने इन चित्रों और पेंटिंग को पहाड़ों पर उकेर दिया।

CG के पुरातत्व विभाग के अधिकारी ने मीडिया अख़बार को बताया की चंदेली के पहाड़ों पर उड़न तश्तरी के साफ़ सबूत मिल रहे हैं। शैलचित्र में वायु यान या हेलिकॉप्टर की तरह पंखों को घुमाने के लिए 5 पट्टियां बनाई गई है। इसके अलावा हेलिकॉप्टर की ब्लेड, रोटर और लैंडिंग के लिए स्टैंड को भी साफ़ दर्शाया किया गया है।

इन आदिमानवों की पेंटिंग्स या शैलचित्र में स्पेस यान जैसे दिखाई दे रहे 8 के आकार के 2 होल भी बने हुए हैं। इसका सीधा मतलब यह है की उस समय के आदिमानव लोगो ने उड़नतश्तरी को देखा होगा। फिर उस ज़माने की सोशल मीडिया मतलब पहाड़ों और गुफाओं में फूल-पत्तियों के रंगो से इसकी आकृति पेंट कर दी।

यहाँ गोटीगोला के पहाड़ों में हज़ारों सालों से एक पत्थर पर 8 शैलचित्र बने हैं। इनमें से दो शैलचित्रों पर फिल्मों और किस्से-कहानियों में दिखाए जाने वाले एलियन की आकृति उकेरी गई है। इसमें एलियन की तरह हाथ, पैर और चेहरे को बनाया गया है।

लोकल अफसर और जानकार बताते जहां की आदिमानव अपने आसपास की घटनाओं, जीव जंतु और अपनी देखि गई चीज़ों को चित्र के रूप में पहाड़ो और गुफाओं में उकेरते थे। इससे भी अनुमान लगाया जा सकता है कि छत्तीसगढ़ में उड़न तश्तरी और एलियन जैसा कुछ देखा गया होगा।

कुरुप चेहरों वाले मानव जैसी आकृतियां और उनके हाथों में हथियार जैसी चीजें दिखाई दे रही है। इन तस्वीरों में लोगों को सूटकेस के जैसी पोशाक में दिखाया गया है। इस चित्र में एंटीना और तीन टांग वाला वाहन जैसा कि हॉलिवुड की फिल्मों में यूएफओ को दिखाया जाता है। ये चित्र प्राकृतिक रंगों से पेंट किये गए और इसलिए ये इतने लंबे समय के बाद भी ठीक वैसे ही टिके है।

पास के गांववालों का कहना है की, गुफाओं में बनाये गए चित्रों (Old Cave Painting) को बनाकर उनके पूर्वज पूजा करते थे। यहाँ के लोग ऐसा मानते हैं की इन चित्रों को वे लोग यह सोच कर बनाते थे की ये छोटे आकार के लोग आकाश से आते हैं और गोल उड़ाने वाली चीज़ में उनके लोगों को ले जाते हैं। हालाँकि कुछ जानकारों के इसे उन आदिमानवों की कल्पना और नार्मल चित्रकारी भी कहा है।

अफसरों ने इन प्राचीन कालीन शैलचित्रों की भिन्न-भिन्न एंगल से फोटो इकट्ठे किये हैं। इसे अध्ययन के लिए इसरो, नासा और अन्न वैज्ञानिकों के पास भी भेजा गया और कुछ विदेशी जानकार यहाँ यह पेंटिंग देखने आये भी। चारामा और आसपास के क्षेत्रों में अभी और भी सर्च किया जाना बाकी है।

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