
Bhopal: बेहतर सेहत के लिए आवश्यक है कि स्वम का खयाल रखने के साथ ही आसपास की जगह को साफ सुथरा रखा जाए। हर एक व्यक्ति चाहता है कि उसका घर साफ सुथरा रहे और कीड़े मकोड़ों औऱ छिपकलियों का वहां नामों निशान न हो। लेकिन फिर भी ना जाने सारी सावधानियां बरतने के बाद भी ये छिपकलियां कहा से घर में प्रवेश कर जाती है।
कुछ लोग इनसे डरते हैं, तो कुछ लोगोंं को छिपकली देखकर घिनौनेपन का एहसास होता है। लेकिन आपको सूचित कर दें कि छिपकली सिर्फ डराती नहीं है, ये आपके स्वास्थ के लिए हानिकारक भी साबित हो सकती है।
असल में छिपकली के मल और लार में सल्मोनेला नाम का बैक्टीरिया पाया जाता है, जिसके कारण से फूड पॉइजनिंग होने की संभावना बढ़ जाती है। इतना ही नहीं अगर खाने में छिपकली गिर जाए और उस खाने को गलती से खा लिया जाए तो व्यक्ति की हालत गंभीर हो जाती है। इसलिए जरूरी है कि छिपकली को घर से दूर रखा जाए।
आपको सूचित कर दें कि बाजारो में छिपकली भगाने के लिए बहोत सारे कैमिकल युक्त विषैले उत्पाद मौजूद हैं, जिससे छिपकली मर तो जाती हैं, परंतु मरी हुईं छिपकलियों को खोजना और बाहर फेंकना काफी कठिन साबित हो जाता है।
साथ ही ये विषैले उत्पाद घर में बच्चों, बड़े, बुजुर्गों मतलब हर एक सदस्य के लिए भी हानिकारक साबित हो सकते हैं, इस कारण से इन्हे उपयोग करने से बचना चाहिए। अब अगर आप भी घर की दीवारों पर इधर-उधर भागने वाली छिपकली को घर से बाहर करना चाहते हैं, तो कुछ घरेलु उपाय आपके लिए काफी सहायक साबित हो सकते हैं।
ऐसा आपको सायद ही कोई घर मिले जिस घर में छिपकली ना हो और होगा भी तो घरवालों को उससे भागाने के लिए अच्छा खासा परिश्रम किया होगा, अर्थ कोई भी घर इनकी पहुँच से दूर नहीं। हर घर की दीवारों पर आप कोई ना कोई छिपकली जरूर देख लेंगे और गर्मी के दिनों में तो हर वक़्त दिख ही जाया करती है।
कोई छिपकली काटती नही और जानकारी के अनुसार भारत में मिलने वाली छिपकलिया विषैली भी नहीं होती खास कर घरों में पाई जाने वाली छिपकलियां, परंतु इनके भीतर पाय जाने वाले बैक्टीरिया एक मद्धम विष का कार्य किया करती हैं, जिससे किसी की जान को तो नहीं परन्तु स्वास्थ को अवश्य हानि हो सकती है। छिपकली से किसे भय नहीं लगता खासतौर पर महिलाएं तो इसे देखकर बुरी तरह से घबरा जाती है।
खत्म हो जाता है आराम
गर्मियां का मौसम प्रारंभ होते ही बिलों और छेदों में छुपे कीड़े बाहर निकल आते हैं। इन्हीं में छिपकली भी शामिल होती है, जिसका नाम सुनने तक से अधिकांश लोग अपने को परेशान महसूस करने लगते हैं। यदि कभी बाथरूम में छिपकली दिख जाए, तो कुछ लोग उसके वहां दीखने तक नहाने के लिए बाथरूम में नहीं घुसते।
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— Janu (@bakwas_sunlo_) October 5, 2021
गर्मियों के दिनों में यह छिपकलियां (Lizards) किताबों की रैक हो या कपडों की अलमारी, कहीं भी मिल ही जाती हैं। इसके सिवा यदि सोते वक़्त गलती से बैडरूम में छिपकली आ जाए, तो लोग तब तक सो नहीं पाते जब तक वह दूसरी जगह न चली जाए। और कुछ लोगों की तो इस डर से नींद ही उड़ जाती है कि कहीं सोते समय छिपकलि वापिस ना आ जाए या सोते समय हमारे ऊपर ना गिर जाए, ये हैं आसान व घरेलू उपाय (Chipkali Bhagane ka Gharelu Upay).
1. मोर पंख (Moor Pankh)
मोर हमारे देश का राष्ट्रीय पक्षी है। परन्तु क्या आपको मालूम हैं कि इसके पंखों के उपयोग से आपके घर से छिपकली भाग सकती है। पुराने समय में लोग छिपकलियों को भगाने के लिए अपने घर की दीवार पर मोर पंख लटकाते थे। मोर पंख दिन में सुबह 4-6 बजे के मध्य लगा ले। मोर पंख नर मोर का ही होना चाहिये ना की मादा मोर (मोरनी)का।
यह है कारण, जानकारी के अनुसार असल में छिपकलियों (Lizards) को मोर का पंख देखकर यह वेहेम होता है कि यहां कहीं सांप है जो उन्हें खा जाएगा, इसलिए उसे देखकर वह भाग जाती है। मोरपंख को घर में किसी गुलदस्ते आदि में लगाकर रख दें
2) कॉफ़ी और तंबाकू की छोटी गोलियां
छिपकलियों को अपने घर से भागने के लिए आप कॉफ़ी या तंबाकू के पाउडर की छोटी-छोटी गोलियां बनाएं और इन्हें माचिस की तीली या टूथपिक पर चिपका दें। इन्हें ऐसे स्थान पर रख दें, जहां छिपकली अक्सर दिखाई देती है। यह है कारण, दरअसल यह मिश्रण उनके लिए जानलेवा होता है।
3) प्याज
प्याज (Onion) में सल्फर अधिक होता है। छिपकली (Chipkali) को इसकी गंध पसंद नहीं होती। प्याज को टुकड़ों में काटकर एक धागे में बांध लें और रोशनी आदि के पास लटका दें। इसकी गंध से ही छिपकली दूर भागती है।
4) अंडे के छिलके (Egg)
छिपकलियां अगर आप को अपने कमरों मे नीचे घूमते दिखाई दे, तो कमरों के कोनों में अंडे का छिलका रख दें। इससे वह आपका घर छोड़ देंगी। यह है कारण, छिपकली मानसिक रूप से सोचती है कि इस क्षेत्र में कोई और बड़ा जीव आकर रहने लगा है, इसलिए वह उस स्थान को छोड़ देती है।



