
अंतरिक्ष की दुनिया में हिंदुस्तान ने आज फिर एक बार नया इतिहास रच दिया है। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन ISRO ने सोमवार दोपहर 2.43 मिनट पर सफलता पूर्वक चंद्रयान-2 को लॉन्च किया। चांद पर कदम रखने वाला ये India का दूसरा सबसे बड़ा मिशन है। India के चंद्रयान-2 के लॉन्च होने पर सभी देशों ने शुभकामनाएं दी।
India के इस मिशन को लेकर इजरायल ने भी बधाई दी हैं। इजरायल ने ट्वीट करके कहा है कि India को चंद्रयान-2 मिशन लॉन्च के लिए शुभकामनाएं। हम भी आपके पीछे पीछे हैं। भारत को बधाई देने में हर देश शामिल थे, लेकिन इजरायल ने चंद्रयान-2 के लिए दी भारत को बधाई देते हुए कहा हम भी आपके पीछे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिशन सफलतापूर्वक होने के लिए ISRO वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने अपने ट्वीटर से ट्वीट करके बताया कि मैंने ISRO के वैज्ञानिकों से वार्तालाप करके उन्हें बधाई दी है।चंद्रयान-2 के सफल लॉन्च होने पर बधाइयों का सिलसिला जारी हो गया। सभी India को बधाई देने लगे। चंद्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण पर नितिन गडकरी ने ISRO की टीम को दी बधाई दी है।
Congratulations 🇮🇳 India and Team @ISRO on successfully launching Mission #Chandrayaan2 🚀 🛰
Good luck on the @Chandrayaan2theMoon journey, we will be right behind you when 🇮🇱 Beresheet2 takes #IsraelToTheMoon 🌕 pic.twitter.com/g4K4G8w5wv— Israel in India (@IsraelinIndia) July 22, 2019
सूत्रों की खबरो के मुताविक चंद्रयान-2 अंतरिक्ष यान 22 जुलाई से लेकर 13 अगस्त तक पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाएगा। इसके बाद 13 अगस्त से 19 अगस्त तक चांद की ओर जाने वाली लंबी कक्षा में यात्रा करेगा। 19 अगस्त को ही यह चांद की कक्षा में पहुंचेगा। इसके बाद 13 दिन तक 31 अगस्त तक वह चांद के चारों ओर चक्कर लगाएगा।
फिर 1 सितंबर को विक्रम लैंडर ऑर्बिटर से दूर हो जाएगा और चांद के दक्षिणी ध्रुव की ओर यात्रा प्रारम्भ करेगा। 5 दिन की यात्रा के बाद 6 सितंबर को विक्रम लैंडर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर Lend करेगा। लैंडिंग के बाद तकरीबन 4 घंटे बाद रोवर प्रज्ञान लैंडर से निकलकर चांद की सतह पर अनेक प्रकार के प्रयोग करने के लिए उतरेगा।
#ISRO
Here's a view of the majestic lift-off of #GSLVMkIII-M1 carrying #Chandrayaan2 pic.twitter.com/z1ZTrSnAfH— ISRO (@isro) July 22, 2019
चंद्रयान-2 India के लिए दूसरा सबसे महत्वाकांक्षी चंद्र मिशन है। खबरो के अनुसार इसको श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से भारी-भरकम रॉकेट जियोसिन्क्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल-मार्क 3 से लॉन्च किया जा रहा है। चन्द्रयान-2 का बजट 978 करोड़ रुपये का है और इसका उद्देश्य भारत को चंद्रमा की सतह पर उतरने और उस पर चलने वाले देशों में सम्लित करना है।
आज से तकरीबन 31 साल पूर्व 22 जुलाई को हुई लॉन्चिंग पूरी तरह से सफलता प्राप्त नही कर सकी थी। ISRO चीफ डॉ. के सिवन ने कुछ Month पहले कहा था कि अब ISRO हर साल 10 से 12 लॉन्चिंग करेगा। हर महीने एक लॉन्चिंग होगी,लेकिन लॉन्चिंग की सफलता और असफलता के पीछे कई वजह हो सकती हैं। इसमें मौसम खराब होना, तकनीकी परेशानी आदि सम्लित हैं।



