मां के साथ सड़क किनारे सब्जी बेचने वाली गरीब बच्ची बनी पूरे राज्य की टॉपर: Topper Story

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Mizoram Topper Girl
Vegetable-sellers daughter Lalrinnunga tops Mizoram Class X board exams. She is Lalrinnungi, the daughter of a vegetable-seller, topped Mizoram’s High School Leaving Certificate (HSLC) examination 2019.

कौन कहता है, गरीब के बच्चे पड़ लिखर टॉपर नही बन सकते? पढ़ाकर तो देखो गरीब के बच्चे भी नाम रौशन कर जाते है। ये कथन को सत्य करके दिखाया है, नार्थ ईस्ट के मिजोरम की एक बेटी ने। जो आज हर माँ की बेटी बन गई है। मिजोरम के एक गांव में अपनी मां के साथ सब्जी बेचने वाली बेटी ने हाई स्कूल की परीक्षा में राज्य टॉपर बनकर सभी के लिये मिसाल प्रस्तुत की है।

ऐसी बेटी को सलाम करते है, जिसने गरीबी में भी रहकर अपनी माँ का नाम रोशन किया है। आज अपनी माँ को दुनिया की सारी दौलत दे दी है। माँ अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए क्या क्या नही करती है? जब बच्चे उनका नाम रोशन करते है, तो उनके चारे से वो हर गम दूर हो जाते है, जिससे वो गुजर रहे होते है।

टॉपर होने के बाद भी 16 साल की लालरीन्नुंगी ने अपनी वो जिंदगी नहीं चेंज की जो वह बचपन से जीती आ रही है। 17 हजार बच्चों के बीच प्रतिस्पर्धा में 97.2 फीसदी अंक प्राप्त कर पहली रेंक मिलने पर भी यह लड़की शनिवार को फिर उसी स्टूल पर बैठकर अपनी माँ के साथ सब्जी बेचती दिखाई पड़ी, जिस पर वह पहले भी हर सप्ताह बैठा करती थी।

अपने मा की हेल्प के लिए वो सड़क के किनारे लगे सब्जी बाजार में ब्रोकली और बीन्स बेचती दिखाई पड़ती थी। अब तक हर सप्ताह पर स्कूल की छुट्टी के समय वह यही काम करती हुई नजर आती रही है। इस बार का सप्ताह थोड़ा बदल हुआ जरूर था। लालरीन्नुंगी ने कहा कि लोगों ने मेरे पास आकर बधाइयां दीं और मेरे साथ फोटो खिचवाईं।

उनमें से कुछ लोगो ने मेरी सफलता को मेरे भविष्य की तरफ पहला कदम बताया। कुछ ने यह भी बोला कि आओ हमारा स्कूल Join करो। आइजॉल के सेंट जोसेफ हायर सेकेंडरी School की इस छात्राने कहा कि उसे अपने फेवरिट सब्जेक्ट विज्ञान में 100, गणित और मिजो में 97, सामाजिक विज्ञान में 98 नंबर प्राप्त हुए है।

स्वंय को अंग्रेजी में थोड़ा कमजोर बताने वाली इस छात्रा को इस विषय में 94 नंबर प्राप्त हुए हैं। छात्रा का कहना है की ‘मैं चिकित्सा या सिविल सर्विस या दोनों में कार्य करना चाहती हूं। अभी विज्ञान विषय लेने का मन बनाया है। मैंने अपने माता पिता को बहुत मेहनत करते देखा है। उनसे मुझे बहुत सीखने मिलता है।

छात्रा के पिता जोथानलुआंगा (45) और मां लाल्हलीम्पुई (41) आइजॉल से करीब 15 किमी दूर सिहफिर के नेबाई गांव में सब्जियां बेचकर ही अपने चारों बच्चों को आगे बढ़ने के लिए उनकी पढ़ाई अच्छे से हो इसके लिए वो बहुत मेहनत मजदूरी का काम करते हैं।

Lalrinnungi, the daughter of a vegetable-seller, topped Mizoram’s High School Leaving Certificate (HSLC) examination 2019, the results of which were declared by the Mizoram Board of School Education (MBSE) in 2019. Lalrinnungi scored 486 out of 500. She secured “letter” marks in Mathematics, Science, Social Science, English and Mizo.

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