NSA अजीत डोभाल ने किया कमाल, चीनी सेना को गलवान घाटी से इस आईडिया से पीछे हटाया

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Using File Image Of NSA Ajit Doval

Ladakh/India: लद्दाख में गलवान घाटी की झड़प के बाद से ही चीन और भारत के बीच तनातनी ज़ारी है। फिर आज News आई की चीनी सेना अपना बोरिया बिस्तर और टेंट लेके वापस बीचे हैट गई है। आप यही जानना चाहेंगे की चीनी सेना को ऐसा क्या ही गया की बिना कुछ खाये पिए वापस चले गए। इस सवाल का जवाब आपके इस खबर को पढ़ने के बाद मिल जायेगा।

चीनी सेना के गलवान से टेंट सहित वापस पीछे जाने पर में कहा जा रहा है कि भारत के राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने रविवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी से इस मामले पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बात की थी। जिस बातचीत के फलस्वरूप सोमवार को चीनी सैनिक गलवान घाटी से पीछे हट गए हैं।

आपको बता दे की भारत चीन सीमा सीमा विवाद को देखते हुए भारत की तरफ से नियुक्त किए विशेष प्रतिनिधि NSA अजित डोवाल और चीनी विदेश मंत्री के बीच रविवार को टेलिफोन पर बातचीत हुई और फिर वीडियो कॉल पर भी चर्चा हुई। चीनी विदेश मंत्री को भी चीन की तरफ से इस मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधि घोषित किया गया था।

दोनों ही देशो के दोनों विशेष प्रतिनिधियों के बीच भारत चीन सीमा विवाद पर काफी बातचीत हुई। ये जानकारी भारत सरकार द्वारा जारी की गई विज्ञप्ति से मिली है। इसकी पुष्टि न्यूज़ एजेंसी ANI ने भी की है और इस पर जरुरी जानकरी ट्वीट करके दी है। वांग यी ने अपनी बातचीत में इस बात पर भी ज़ोर दिया कि चीन और भारत दोनों की शीर्ष प्राथमिकता विकास है, ऐसे में दोनों देशों को तनाव कम करने पर ध्यान देना चाहिए।

इस चर्चा और बातचीत में इस बात पर सहमति बनी कि भारत चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा पर दोनों ही पक्ष अपनी सेनाएं पीछे लेंगे। इस चर्चा में सीमा पर शांति बनाए रखने को सबसे बड़ी प्राथमिकता माना गया। बातचीत में ये भी तय किया गया कि वास्तविक नियंत्रण रेखा का सम्मान किया जाएगा और भविष्य में भी इस तरह की स्थितियां उत्पन्न नहीं होने दी जाएं, जिससे शांति का माहौल बना रहे। इसके अलावा दोनों देशों में सैन्य और राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी करनी चाहिए यह भी सहमति बनी।

समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि एनएसए अजित डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई यह बातचीत सौहार्दपूर्ण और दूरदर्शिता पर आधारित थी। सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि दोनों के बीच शांति की पूर्ण बहाली और भविष्‍य में ऐसी घटनाएं ना हों, इसके लिए साथ मिलकर काम करने पर बातचीत हुई है।

इस मसले और खबर पर चीनी सरकार की समाचार एजेंसी ग्‍लोबल टाइम्‍स ने चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता का बयान प्रकाशित किया है। इसमें प्रवक्‍ता ने कहा है कि भारत और चीन के बीच 30 जून को हुई तीसरी कमांडर स्‍तर पर वार्ता के बाद दोनों देश सीमावर्ती इलाकों में सैनिकों को पीछे करने और उनकी संख्‍या कम करने के लिए प्रभावी उपाय अपना रहे हैं।

भारत में चीनी राजदूत सुन वायडोंग ने अपने बयान में दोनों विशेष प्रतिनिधियों के आपस में बातचीत का ब्योरा दिया है। उन्होंने कहा है कि चीनी विदेश मंत्री ने अजीत डोभाल को बताया कि भारत और चीन के आपसी रिश्ते 70 साल पुराने हैं। चीनी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि चीन अपनी संप्रभुता की रक्षा करने के साथ-साथ इलाके में शांति भी बहाल करना चाहता है।

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