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Luchnow/Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के कानपूर के पास बिठूर के विकरू गांव में वीरगति को प्राप्त हुए 8 पुलिसकर्मियों और हिस्ट्रीशीटर विकाश दुबे पर अब राजनीती शुरू हो गई हैं। इस मामले पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने कठघरे में खड़ा किया और कहा है कि इस घटना की जिम्मेदारी योगी सरकार की ही है।
सपा और कांग्रेस के मुताबिक़ योगी राज में प्रदेश के अंदर ऐसी वारदात चरम पर है और समाज के रखवाले पोलिसवाले ही शिकार हो रहे हैं, लेकिन इस मामले में नया मोड़ तब आ गया जब हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे (Vikash Dubey) की पत्नी का एक पोस्टर सामने आया, जिसमें उसका कनेक्शन समाजवादी पार्टी से सीधे तौर पर देखा जा सकता है। अब वह पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
कानपुर के हिस्ट्रीशिटर विकास दुबे के गांव दबिश देने के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए 8 पुलिसकर्मिंयों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानपुर पुलिस लाइन जाकर उनको श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। मीडिया सूत्रों से खबर मिली है की सीएम योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी के साथ शीर्ष पुलिस अधिकारियों को तैनात कर दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने बता दिया है कि अब यह अधिकारी तभी कानपुर से वापस जाएंगे, जब तक यह टीम विकास दुबे को पकड़ नहीं लेती या फिर उसे धारशाई नहीं कर देती है। योगी ने पुलिस कर्मियों के साथ इस घटना को लेकर सख्त आदेश दिए और कहा कि सभी पुलिस अधिकरियों से कहा है कि जब तक हिस्ट्रीशीटर विकास दूबे समाप्त ना हो जाये, तब तक घटनास्थल पर ही कैम्प करें।
CM योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाते इस मामले को गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सुबह जैसे ही इस घटना के बारे में पता चला, उन्होंने पुलस के बड़े अधिकारियों को सख्त निर्देश देकर तत्काल ठोस कार्रवाई करने को आदेश दिया। खबर मिली है की पुलिस द्वारा जारी बयान के मुताबिक इस घटना कल रात को हुई और इसके बाद विकाश और उनके लोग पुलिसकर्मियों के अस्त्र भी छीन ले गये।
इससे पहले आईजी अग्रवाल ने बताया कि फरार गुनहगारों के पीछे पुलिस लगी हुई है। जल्द ही वे भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। पुलिस महानिदेशक एच सी अवस्थी ने मीडिया में बताया था कि विकास दुबे कानपुर का शातिर बदमाश और हिस्ट्रीशीटर है, जिसके ऊपर 60 मुकदमे दर्ज हैं। कानपुर के राहुल तिवारी नाम के व्यक्ति ने उसके खिलाफ एक मुकदमा दर्ज कराया था।
यूपी पुलिस के 8 पुलिसकर्मियों के साथ घटना को अंजाम देने और फरार विकास दुबे को लेकर समाजवादी पार्टी इस वक्त योगी सरकार को पॉइंट करने में लगी है, परन्तु विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे का एक पोस्टर खुद सच बता रहा है की उनके साथ अखिलेश और मुलायम यादव खड़े है और समाजवादी पार्टी की सरपरस्ती में विकाश दुबे फला-फुला था।
आपको बता दे की यह पोस्टर उस समय का है, जब रिचा दुबे घिमऊ से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रही थीं। जिला पंचायत सदस्य पद की दावेदार रिचा दुबे को उस वक्त समाजवादी पार्टी का पूरा समर्थन हासिल था। उसके पोस्टर में मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की तस्वीरें भी साफ दिखाई दे रही हैं और बगल में विकाश दुबे तो मुख्या भूमिका में देखे दे रहा है।
कानपुर केपास 8 पुलिसकर्मियों के साथ घटना को अंजाम देने वाला हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे सपा नेता रही है। सपा और बसपा के राज में विकास दुबे फला फुला था, परंतु कही कोई कार्यवाही नही हुई। उसपर 60 मामले दर्ज है। जिनमे से प्राण लेने के मामले भी है। #Vikasdubey #Kanpur pic.twitter.com/6nmm3oIyYP
— sanatanpath (@sanatanpath) July 3, 2020
उत्तर प्रदेश पुलिस के आठ कर्मियों की गुरुवार रात कानपुर के बिकरू गाँव में प्राण ले लिए गए। इस घटना के बाद से हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे चर्चा में है। पुलिस की टीम ने उसे पकड़ने के लिए आधी रात दबिश दी थी। लेकिन, विकास और उसके लोगो ने पुलिस टीम पर घटना को अंजाम दे दिया। विकास पर कम से कम 60 मामले दर्ज हैं। यहाँ तक के विकाश दुबे पर राजनाथ सिह की सरकार में राज्यमंत्री का दर्जा रखने वाले नेता संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर प्राण लेने का भी आरोप है। हालॉंकि इस मामले में कोई गवाह नहीं मिलने पर उसे बरी कर दिया गया था।
विकास दुबे पर साल 2000 में कानपुर के शिवली स्थित ताराचंद इंटर कॉलेज में सहायक प्राध्यापक के पद पर नियुक्त सिद्धेश्वर पाण्डेय की जान लेने का आरोप है। 2004 में केबल व्यवसायी दिनेश दूबे केस में भी उसका नाम दर्ज़ है। विकास दुबे की सक्रियता राजनीति में भी खूब रही हैl वह पूर्व प्रधान और जिला पंचायत सदस्य रह चुका है। साल 2002 के आस-पास बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती के कार्यकाल में विकास दूबे का कानपुर के अनेक क्षेत्रों में भौकाल और बम्फाड रुतबा था।
यूपी में 8 पुलिसवाले जिस हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने में शहीद हो गए उस विकास दुबे की 'समाजवादी' विकास गाथा की तस्वीर है ये। pic.twitter.com/RQe0nyFp3g
— Sushant Sinha (@SushantBSinha) July 3, 2020
आपको बता दे की बसपा के अलावा समाजवादी पार्टी के नेताओं से भी उसके गहरे संबंध रहे हैं। उसकी पत्नी भी सपा के टिकट पर पंचायत चुनाव लड़ चुकी है। अब योगी सरकार के आते ही उस पर कार्यवाही की गई, परन्तु यह उसे नागवार गुज़ारा और उसने ओस घटना को अंजाम दिया। उनके पूरे गांव को ही अपना रणक्षेत्र बना रखा था।
जिस प्रकार से विकास दूबे की तरफ से पुलिस पर घटना को अंजाम दिया गया, इससे यह पता चलता है कि उसने पहले ही तैयारी कर ली थी। गाँव के लगभग हर रास्ते को जेसीबी से लॉक किया गया था, जिससे पुलिस को गाँव के भीतर दाखिल होने में कठिनाई हो। डीजीपी ने बताया कि दुबे पर दबिश डालने के लिए दिकरु गाँव में एक पुलिस दल मौके पर पहुंचा जहां पुलिस को रोकने के लिए पहले से ही JCB आदि लगाकर रास्ता रोक रखा था।



