इन 93 साल के पहलवान दद्दू के सामने आज के जवान भी फ़ैल हो जाते हैं, ऐसे रहतें है जवां

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Oldest wrestler
Oldest wrestler in Palani Tamilnadu. 93 year old wrestler.

Photo & News Courtesy: ANI on Twitter

कहावत तो सुनी होगी ‘शरीर बूढ़ा नहीं होता बूढ़ा तो मन हो जाता है’! यही बास्त आज सच कर दी है 93 साल के पलानी पहलवान जी अभी भी कुश्ती सिखाते हैं। लोगो की बात माने, तो साठ (60) साल की आयु को लोग एक विराम का संकेत मान लेते हैं। आयु का घंटा जो उनके दिमाग में बजना शुरू हो जाता है, जो ये संकेत देने लगता है कि अब आपके शरीर में पहले जैसी ताकत नहीं रही।

अब आप बुढ़ापे की ओर अग्रसर हो रहे हो। इसलिए अब आप सभी कार्य से, सभी प्रकार की दौड़ भाग से और जिम्मेदारियों से स्वयं को हटा दिया जाए, ऑफिस से सन्यास ले लिया जाए। ऐसे सोच रखने वाले लोगों को तमिलनाडु के मदुरई शहर के रहने वाले 93 वर्ष के पलानी गजब की सीख देते हैं। उनका कहना हैं, शरीर कभी बूढ़ा नहीं होता बूढ़ा तो दिमाग हो जाता है।

पलानी 93 वर्ष की आयु में भी पहलवानों को कुश्ती के दांव पेच का अभ्यास कराते हैं। भले ही लोग उनका शरीर बूढ़ा मानते हो लेकिन मन अभी भी जवान और ताकतवर है। वो सिर्फ कुश्ती पहलवानों को कुश्ती के अभ्यास के साथ उनको जीना का भी तरीका बताते हैं।

अपनी आयु और उनके बुढ़ापे के बारे में सवाल करने पर वो तुंरत पलटवार करते हुए कहते है उम्र तो बस एक गिनती होती है, इसका शरीर से कोई भी लेना देना नही है, बुजुर्ग तो मन हो जाता जो किसी किसी का जवानी में भी हो सकता है। 93 साल के पलानी मदुरई शहर के पलंगनाथम गांव में अपना कुश्ती का अखाड़ा चलाते हैं।

वो अपने जमाने के मशहूर पहलवान रह चुके हैं, पर अभी भी वो अपने इस अनुभव को बंद नहीं चाहते। वो अभी भी उसी स्फूर्ति से पहलवानों को कुश्ती का पाठ पढ़ाते है।वो अपने अखाड़े में कई पहलवानों को कुश्ती के दांव-पैंच का अभ्यास कराते हैं। उनसे दूर दूर से कुश्ति के दांव पेंच का अभ्यास लेने पहलवाने आते हैं और जीवन जीने के अच्छे अच्छे तरीके सीख कर जाते हैं।

न्यूज़ एजेंसी ANI के ट्वीट के अनुसार 93 साल के पलानी ने 1994 में कुश्ति को सिखाने के लिए अपना आखडा का प्रारंभ किया था। मीडिया से बात करते हुए वो कुश्ति के बारे में जानकारी देते हुए कहते हैं की इसे करने के लिए किसी भी प्रकार के प्रबंध की आवश्यकता नहीं है।

ANI tweeted, In Tamil Nadu, Palani, a 93 year old man teaches & practices wrestling at his local ‘Akhada’ in Palanganatham, Madurai. He says, “I started teaching wrestling to students here in 1944. Even at my age, I still wrestle to keep myself fit and motivate my students.”


उन्होंने बताया कि “मुझे कुश्ती के दांव पैच पहलवानो को सिखाते हुए 75 साल से अधिक हो गए हैं। मैं अभी 93 साल का हूं और इस आयु में भी, मैं अभी भी स्वंय को तंदुरुस्त रखने और अपने छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए कुश्ती करता हूं,” उन्होंने ये भी बताया की पलानी बुजुर्ग और युवक दोनों को प्रोत्साहित करते हैं पहलवान के अतिरिक्त लोग भी उनसे कुश्ती की रणनीति सीखने आते हैं।

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