CM योगी ने 100 साल से जंगल में रह रहे लोगो तक पहुंचाई मदत, वनवासियों से योगी का रिश्ता जाने

0
758
Yogi Adityanath And Vantangiya community
Yogi Adityanath gifts projects for Vantangiya community. UP CM Yogi Adityanath declares Vantangiya settlements project near Gorakhpur forest village. Vantangiya community and CM Yogi Adityanath Diwali relation.

Image Credits: Twitter Old Post

Gorakhpur/Uttar Pradesh: उत्तर परेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनसेवा के कार्य एक बार फिर चर्चा में है। इस बार योगी की मदत वन क्षेत्र तक पहुँच गई है। गोरखपुर के निकट तिकोनिया के जंगल में रहने वाले वनटांगियों (Vantangiya Village People) के बीच योगी आदित्यनाथ दीपावली मनाते रहे हैं। UP का मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वे इस जंगल में रहने वाले लोगों के बीच आते रहे हैं।

आपको बता दे की ब्रिटिश शासनकाल के दौरान सरकार ने अनेक मजदूरों को जंगल लगाने का कार्य दिया था। फिर वे लोग जंगल लगाने के साथ ही वन में ही रहने लगे। देश की आजादी के कई दशक बाद भी यह लोग जंगल में ही रह रहे हैं। खबर है की इन्हें लोगो को पेड़ों के बीच में रहने के लिए 9 फीट जमीन दी गई थी। आपको बता दे की ये लोग जिस भूमि पर खेती कर अनाज उगाते थे, उस भूमि पर इनका किसी भी प्रकार का मालिकाना हक नहीं था।

अब तक इन लोगो को उन वन के खेतों में किस चीज़ की खेती करनी है, इसका फैसला भी वन अधिकारी करते थे। उनके पास जीवन यापन का कोई अन्न साधन नहीं था। 2007 के बाद वहां के सांसद योगी आदित्यनाथ ने जंगलों में रहने वाले लोगों पर घ्यान दिया और उन्हें पता चला कि नक्सली गतिविधियां जंगलों पर घात लगाए बैठी हैं।

तब योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) अपने हिंदूवादी संगठन हिन्दू युवा वाहिनी को इस काम में लगाया और उन्हें लगातार जागरुक करने का काम किया गया। इनके बाद 2009 में गोरखनाथ मंदिर के गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के दिन वनटांगियों के बीच जाकर दिवाली मनाई और उनके बच्चों को मिठाई व पटाखे उपहार दिए। इनके अलावा अन्न मदत भी की।

योगी आदित्यनाथ इसे पहले नेता रहे, जिन्होंने वनटांगियों (Vantangiya community) से अपना रिश्ता जोड़ा और कहा कि उनके हर सुख-दुख में वे सम्मलित होंगे। आज सीएम योगी के प्रयास से वनटांगियों के 23 गांव का उद्धार हो गया हैं। उन्हें हर प्रकार की सुविधाएं मिलने लगी है, जी की उन्हें पहले कभी नहीं मिली थी। आज वन के इस गाँवों में बिजली, पानी और सड़क जैसी सुविधाएं मुहैया हो गई है।

इसके अलावा कोरोना आपदा के कहर से जूझ रही सरकार ने बाढ़ के संभावित खतरों को लेकर भी तैयारी शुरू कर दी है। बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समय रहते सभी तैयारियां पूरी कर लें। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील जिलों में विशेष तैयारी की जाए। इसके अलावा उन्होंने कहा है कि जिस तरह से सुरक्षा मानकों के साथ कोरोना सेंटर बनाए गए, वैसे ही आश्रय स्थल जरूरत अनुसार सभी जिलों में बनाए जाएं। वहां शारीरिक दूरी का भी पालन हो।

Yogi Birthday Hindu Swabhiman Diwas
CM Yogi File Image

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर बैठक कर बाढ़ के पहले की तैयारियों की समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में बाढ़ कंट्रोल रूम स्थापित करें और उन्हें लगातार सक्रिय रखें। प्रत्येक जिले के बाढ़ संवेदनशील स्थलों को चिन्हित करते हुए इन पर नज़र करें। किसी भी हाल में जनधन की हानि नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के दौरान सर्पदंश की अनेक घटनाएं होती हैं, इसलिए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी वेनम और एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्धता रहनी चाहिए।

UP CM योगी आदित्यनाथ ने आशंका ज़ाहिर कि के असामाजिक तत्व तटबंधों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए निगरानी चौकियां बनाकर सिंचाई विभाग और पुलिस नजर रखे। बाढ़ के प्रति अति संवेदनशील और संवेदनशील जिलों में राहत और बचाव के लिए बड़े आकार की नौकाओं की व्यवस्था करने के निर्देश सभी जिलाधिकारियों को दिए। साथ ही कहा कि बाढ़ग्रस्त लोगों को ऐसी फ़ूड किट उपलब्ध कराई जाए, जो कोरोना लॉकडाउन के दौरान लोगों को दी गई। इस किट में पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न और अन्य सामग्री होनी चाहिए, ताकि लोगों को परेशानी न हो।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here